Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

मानवाधिकारवादी लेनिन रघुवंशी के नाबालिग भतीजे के सुसाइड की जांच की मांग

प्रेस विज्ञप्ति

नाबालिग छात्र की आत्महत्या परपरिजनों की उच्च स्तरीय जांच की मांग

22 जनवरी, 2020, वाराणसी | विदित हो कि दिनांक 20 जनवरी, 2021 को तक़रीबन दोपहर के 3:37 बजे 17 वर्षीया नाबालिक नचिकेता रघुवंशी उर्फ़ सोनू पुत्र चेग्वेवारा रघुवंशी ने दौलतपुर, पांडेयपुर में अपने घर के कमरे में फ़ासी लगा ली थी| जिसके बाद परिजनों द्वारा उसे लेकर अविलम्ब मकबूल आलम रोड स्थित शुभम अस्पताल पहुंचे|

परिजनों ने कानून का राज स्थापित करने के लिए पुलिस का पूरा सहयोग किया | जिसकारण पहले उसकी लाश को घर पर लाया गया जहाँ उसका पंचनामा हुआ | उसके बाद नचिकेता रघुवंशी उर्फ़ सोनू की मृत शरीर के पोस्ट मार्टम के लिए जिलाधिकारी महोदय के अनुमति के बाद पुलिस ने करवाया | पोस्टमार्टम के बाद हिन्दू रीति – रिवाज से उनका अंतिम संस्कार हरिश्चंद्र घाट पर किया गया|

नचिकेता रघुवंशी उर्फ़ सोनू के माता पिता ने बताया कि उसी के कक्षा की एक लड़की ने 20 जनवरी, 2021 को दोपहर के बाद (आत्माहत्या से पूर्व) सोनू को उसके फ़ोन नंबर 9682247911 पर कॉल करके धमकाया था कि उसने जान्हवी तिवारी को कोल्ड ड्रिंक में जहर दिया है और उसको चाकू मार दिया है |

जबकि 19 जनवरी, 2021 को सुमन (काल्पनिक नाम) ने आत्मा हत्या करने का प्रयास किया और उसे बनारस हिन्दू विश्विद्यालय के सर सुन्दर अस्पताल में नाजुक स्थिति में है | साथ ही यह भी ज्ञात हुआ है कि सुमन के पिताजी ने इस घटना के बारे में थाने में इसकी सूचना देकर प्रथिमिकी दर्ज कराया था लेकिन इस सम्बन्ध में SHO लालपुर श्री सुधीर कुमार सिंह ने नचिकेता उर्फ़ सोनू से उसके आत्महत्या से पूर्व तक कोइ पूछ – ताछ नहीं की थी जो कि यह जांच का विषय है|

विदित हो कि घर के लोगो ने बताया कि वह तक़रीबन 2 बजे तक सामान्य था लेकिन उसका फ़ोन आने के बाद उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने के लिए यह कदम उठाने के लिए विवश हुआ|

विदित हो कि घटना के बाद पुलिस ने नचिकेता उर्फ़ सोनू का मोबाइल और घटना स्थल, कमरे की चाभी अपने कब्जे में साक्ष्य संकलन के लिए ले लिया लेकिन इस प्रक्रिया में पुलिस ने घर के किसी सदस्य से हस्ताक्षर नहीं कराया|

जिसके बाद मानवाधिकार कार्यकर्ता और मृतक के बड़े पिता डा0 लेनिन रघुवंशी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग, अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी रेंज, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी, जिलाधिकारी वाराणसी, प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत करके यह मांग की है –

  1. इस मामले में उच्च – स्तरीय जांच किसी निष्पक्ष संस्था द्वारा करायी जाय, जिससे इस मामले में न्याय हो सके |
  2. साथ ही मिनिस्ट्री ऑफ़ एजुकेशन को भी निर्देशित करे की सभी स्कूल में एक्सपर्ट काउंसलर की नियुक्ति हो जो हफ्ते में 2 घंटे का किशोर और किशोरियों के साथ विशेष सत्र चलाये जिससे इस तरह की घटना की पुनरावृति न हो सके |

जिसमे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस केस को डायरी नंबर 1022/IN/2021 के रूप में पंजीकृत किया है |

भवदीय

डा0 लेनिन रघुवंशी

https://youtu.be/zs4WM8KMwB8
https://www.youtube.com/watch?v=oi8UXVxzRCY
https://youtu.be/PyI8iws3pFQ
Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन