उत्पातियों ने मुंगेर में लाइब्रेरी का ताला तोड़कर गंगा में बहा दीं 50 लाख की दुर्लभ किताबें

मुंगेर (बिहार) : जिले के बीकापुर स्थित ऊर्दू लाईब्रेरी, जिसमें करीब 11 हज़ार से ज्यादा किताबें रखी हुई थीं, उसे नवल किशोर और उसके पांच भाइयों ने गुरुवार को भोर में दुखद तरीके से नष्ट कर दिया। उन्होंने लाईब्रेरी का ताला तोड़ कर सारी किताबें ट्रक पर लादी और फिर उन्हें ले जाकर गंगा नदी में बहा दिया। नष्ट कर दी गईं ये किताबें करीब पचास लाख रूपए की बताई गई हैं। इनमें आज़ादी से पहले की बहुत सी पुरानी और दुर्लभ किताबें यहां सुरक्षित रखी थीं।

लाइब्रेरी के व्यवस्थापकों, शुभचिंतकों को ये पहले से अंदेशा था। स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन को लाईब्रेरी के साथ ऐसी घटना होने के लिए सचेत किया गया था पर कोई एक्शन न लेने से फिरकावाराना ताकतों के हौसले बुलंद थे और उन्होंने इतनी घिनौनी घटना को अंजाम दे डाला। 

अभी तक इस संगीन मामले में नवल किशोर और उसके भाई मदन किशोर को गिरफ्तार किया गया है। यह बेहद अफसोसनाक वारदात है। जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। लोग किताबों से इस कदर नफरत करते हैं, यह इस पूरे कांड से समझा जा सकता है। ऐसी घिनौनी हरकत करने वाले लोग किसी रोज़ संविधान को गंगा में बहा आएंगे। ये ऐसा करे उसके पहले हमें इन्हें पहचान कर खारिज करना होगा। इनका बहिष्कार ही एक मात्र रास्ता है, इन्हें रोकने का।

मोहम्मद अनस के एफबी वॉल से

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