मेदांता वालों ने भड़ास4मीडिया को भेजे लीगल नोटिस में क्या क्या कहा लिखा है, पूरा पढ़िए

गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल वालों ने भड़ास4मीडिया को लीगल नोटिस भेजा है. यह नोटिस मेदांता को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट को भड़ास पर प्रकाशित करने के चलते भेजा गया है. लीगल नोटिस में कहा गया है कि कर्नल आरके राहुल, जिनका उल्लेख सोशल मीडिया पोस्ट में किया गया है, नामक कोई मरीज कभी मेदांता में एडमिट ही नहीं हुआ. पहले पढ़िए लीगल नोटिस में क्या क्या लिखा है, उसके बाद पढ़िए सोशल मीडिया की वो पोस्ट जिसे छापने पर मेदांता ने भडास को नोटिस भेजा है. सबसे पहले लीगल नोटिस….

भड़ास पर पोस्ट प्रकाशित होने के बाद मेदांता समूह के लोगों ने संबंधित पोस्ट के नीचे अपनी टिप्पणी / अपना पक्ष लिखकर अपलोड कर दिया था जिसे भड़ास पर प्रकाशित होने दिया गया ताकि जिन्हें आरोपी बताया गया है उनका भी पक्ष सामने आ सके…. नीचे वो कमेंट दिया जा रहा है जिसे मेदांता के लोगों ने संबंधित पोस्ट पर अपलोड किया था…

In response to the post above written by an individual identifying himself as Col. R.K. Rahul, it is important to inform people of the following facts:
• No patient by the name of Col. RK Rahul was ever admitted to Medanta hospital. The message claims to be his personal experience. This is incorrect and appears to be designed to mislead the recipients of the message.
• Based on dates mentioned in the message, the patient whose case appears to be referred to, was identified. On being contacted, the patient stated that he did not know an individual by the name of Col. RK Rahul.
• In any event, the message contains a distorted account of the diagnosis and treatment of the patient at Medanta. The correct position is as follows. The patient had severe narrowing or shrinkage of the Aortic Valve (Aortic Stenosis) and thickening and calcification of the mitral valve leaflets with significant leakage. This was a result of rheumatic heart disease in the past.
• A consequence of the severe disease in two left sided heart valves was decrease in overall heart function and increase in heart pressures. As a sign of advanced disease the pulmonary pressure had risen to 75 mmHg which is severe pulmonary hypertension.
• In the opinion of the entire treating team, including Dr. Kasliwal, since the aortic valve had to be replaced and the mitral valve was already damaged, it was the opinion of the treating team it is better to change both valves, since re-operation for mitral valve later, would carry a higher risk to the patient and increase expense for the patient in the long term.
• The treating team has over four decades of experience in cases such as these, and it is their considered medical opinion, that replacement of the leaking mitral valve, along with the replacement of the Aortic Valve, was the correct course of treatment, and was in the best interest of the patient.
• The allegations made the message are unfounded and unfortunate, and demonstrate a complete lack of understanding of the condition of the patient in particular and medical science in general.

– Team Medanta

और, ये है वो पोस्ट जिसे सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद भड़ास पर प्रकाशित किया गया था….

In response to the write-up by Nandini Sinha on Medanta, Col RK Rahul has the following to say. It’s his personal experience :

Shame on Dr. Trehan & Medanta

Col RK Rahul

बहुत अच्छा article लिखा नंदिनी जी आपने। बड़े- बड़े नामी hospitals का तो बुरा हाल है। मैं February 2015 में Noida के एक बहुत बड़े multi speciality हॉस्पिटल “MEDANTA-The Medicity” में अपनी Heart problem को लेकर Dr. Naresh Trehan से मिला। Rs.800/- उनकी consultation fees जमा की। Dr. Trehan ने मेरे Lucknow के records और पुरानी reports देख कर कहा कि आपके 3 valve ख़राब हैं। इन्हें replace करना होगा। खर्चा बताया 7.5 लाख रुपये। मेरा 2D echo test भी किया गया और तब भी यही बताया गया। Medanta के ही एक और Director हैं Dr. Kasliwaal.  हम लोग उनसे लखनऊ के एक उनके परिचित के reference से मिले। तब Dr Kasliwal ने Dr. Trehan से बात करी और हमको 5.75 लाख जमा करने को कहा। हम लोगों ने जमा कर दिए और admit हो गए। check-ups start हो गए। 12 March की date दे दी गयी surgery की।

11 March की रात में जो लिस्ट release की गयी, उसमें मेरा नाम नहीं था। अगली सुबह जब drs round पर आये तो पता चला कि आपके urine में infection है, उसका treatment होगा तब surgery होगी। treatment में सुबह-शाम antibiotic injections लगने थे। 6 दिन का course था। Medanta का room 8000/- per day का था। हम लोगों ने discharge ले लिया और बाहर guest house में रहकर treatment लेने लगे। 5 दिन बाद मेरे एक Delhi के मित्र ने कहा कि एक बार cross check के लिए कहीं और भी echo करा लो। हम लोग Delhi के National Heart Institute में गए और वहां 2D echo कराया 3000/- में। उन लोगों ने बताया कि आपका 01 valve खराब है। उसकी सर्जरी करके replace की cost बतायी 3.75 लाख। हम लोग बहुत confused हो गए क्योंकि Medanta में हमारा 5.75 जमा था। हम लोग Dr.Kasliwal से दोबारा मिले और उनको National Heart की echo report दिखाई।

Dr. Kasliwal सर पकड़ कर बैठे रहे, उनका पूरा staff करीब 8-9 लोग उस समय उनके चैम्बर में थे, Dr. करीब 30-40 सेकण्ड के pause के बाद बोले कि – “यार मैं तो Trehan से पहले दिन से कह रहा हूँ कि तेरा एक ही valve खराब है, लेकिन क्या करें, हम लोगों पर इतना pressure रहता है।” I was shocked to hear this. उनका सारा staff उनकी और हमारी शकल देख रहा। उनके चेहरे पर शर्मिंदगी और मेरे चेहरे पर असंतोष के भाव थे। मैंने कहा dr साहब मैं आपके पास फलाँ व्यक्ति के reference से आया था। कम से कम आप उसी का सोच कर मेरे से ईमानदारी रखते। खैर, हम लोगों ने बाद में अपने पैसे वहां से वापस लिए तो 80000/- काट कर हमको पैसे वापस किये गए। 80000/- hospital ने अपने expenses के काट लिए, जो हमारी जाँचे हुई थी और 4 दिन हम लोग 8 star हॉस्पिटल में रहे थे। फाइनली, हमने अपनी surgery Fortis Escorts में कराई Dr. Z. S.Meherwal ने करी। इस प्रकार से बड़े hospitals मरीज़ को cheat करते हैं। यह मेरा अपना व्यक्तिगत अनुभव रहा जो कि अत्यन्त दुखदायी है। इतना बड़ा hospital, इतने बड़े नाम वाला डॉक्टर और ये हाल! शनिदेव उनका कल्याण करें!

कर्नल आरके राहुल ने उपरोक्त पोस्ट जिस वायरल एफबी पोस्ट के जवाब में लिखा है, उसे पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें….

Medanta- The Medicity or The Murdercity!


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Comments on “मेदांता वालों ने भड़ास4मीडिया को भेजे लीगल नोटिस में क्या क्या कहा लिखा है, पूरा पढ़िए

  • संजय कुमार सिंह says:

    वाह रे अस्पताल और उसके संरक्षक। मूल शिकायत नंदिनी की थी उसपर कुछ नहीं। उसका समर्थन करने वाले को नोटिस। कर्नल राहुल ने तो यही लिखा था कि उन्होंने इलाज नहीं कराया। बाकी की कहानी को इसमें गलत नहीं बताया गया है। ये नोटिस कम, धमकाने की कोशिश ज्यादा लगती है।

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