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उत्तर प्रदेश

बिल्डर की मनमानी पर गुस्सा फूटा, पुलिस और किसान आमने-सामने

मिर्जापुर (यूपी) : रामपुर बांगर गांव के खसरा नम्बरान 62 और 70 पर उच्च न्यायालय द्वारा यथास्थिति बनाये रखने के आदेश पारित किये गये थे, उस जमीन पर गौड सिटी बिल्डर द्वारा कार्य शुरू कर दिये जाने से किसानों का आक्रोश सड़कों पर आ गया। किसान नेता धीरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में 50 गांवों के किसानों की एक महापंचायत गौड सिटी बिल्डर की साइट पर हुई। पुलिस द्वारा धारा 144 का हवाला देकर किसानों को धमकाकर रोकने का प्रयास किया गया, जिससे स्थिति और बिगड़ गयी। पुलिस के रवैये से नाराज किसानों ने गौड सिटी बिल्डर की साईट पर ही बैठकर अनिश्चितकालीन धरना देने का ऐलान कर दिया तथा कब्जा लेने के लिए ट्रैक्टर मंगवा लिए। 

मिर्जापुर में बिल्डर की मनमानी से गुस्सा किसान निर्माण स्थल की ओर कूंच करते हुए

मिर्जापुर (यूपी) : रामपुर बांगर गांव के खसरा नम्बरान 62 और 70 पर उच्च न्यायालय द्वारा यथास्थिति बनाये रखने के आदेश पारित किये गये थे, उस जमीन पर गौड सिटी बिल्डर द्वारा कार्य शुरू कर दिये जाने से किसानों का आक्रोश सड़कों पर आ गया। किसान नेता धीरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में 50 गांवों के किसानों की एक महापंचायत गौड सिटी बिल्डर की साइट पर हुई। पुलिस द्वारा धारा 144 का हवाला देकर किसानों को धमकाकर रोकने का प्रयास किया गया, जिससे स्थिति और बिगड़ गयी। पुलिस के रवैये से नाराज किसानों ने गौड सिटी बिल्डर की साईट पर ही बैठकर अनिश्चितकालीन धरना देने का ऐलान कर दिया तथा कब्जा लेने के लिए ट्रैक्टर मंगवा लिए। 

मिर्जापुर में बिल्डर की मनमानी से गुस्सा किसान निर्माण स्थल की ओर कूंच करते हुए

पुलिस की मौजूदगी में विरोध पर आमादा किसान

स्थिति की गम्भीरता को देखते हुए मौके पर उपजिलाधिकारी सदर बच्चू सिंह के नेतृत्व में यमुना प्राधिकरण के अधिकारी किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने आश्वस्त किया कि समझौता होने तक बिल्डर विवादित भूमि पर कोई भी निर्माण कार्य नहीं करेगा। 

गौरतलब है कि ज्ञात रहे कि उच्च न्यायालय के आदेश का पालन कराने के लिए तीन माह पूर्व 06 अप्रैल 2015 को प्राधिकरण ने मौके पर गौड सिटी बिल्डर द्वारा विवादित जमीन पर किये जा रहे निर्माण कार्य को बंद करा दिया था। चोरी छिपे गौड सिटी बिल्डर के कर्मचारी निर्माण कार्य बदस्तूर जारी रखे हुये थे। किसानों के मना करने पर फौजदारी पर आमादा हो जाते थे और स्थानीय थाने में किसानों के विरुद्ध झूठी शिकायतें दर्ज करा देते थे, ताकि किसान डर कर अपने हक की आवाज न उठायें। 

किसान नेता धीरेन्द्र सिंह ने किसानों के मध्य में कहा कि शक्तिशाली पूंजीपतियों ने कानून के मुहाफिजों को अपनी मुट्ठी में कैद कर रखा है, जिसकी वजह से किसानों का हक मिलने से पहले उसे मार लिया जाता है। किसानों को धमकियां देकर तथा आपसी फूट डालकर पुलिस और प्रशासन के लोग बिल्डरों को नफा पहुंचाते हैं। किसान विकास के खिलाफ नहीं है लेकिन यदि उनके साथ जोर जबरदस्ती की गयी तो इसके परिणाम गम्भीर होंगे। 

पंचायत की अध्यक्षता अर्जुन प्रधान सलारपुर ने की। संचालन चन्द्रपाल सिंह सोलंकी ने किया। किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष चौधरी अमरपाल सिंह, भृगराज सिंह रावल, सुरेश सिंह, हरिबाबा, राजेन्द्र भगत, किरनपाल मुनिम, अनूप चौधरी, उधम सिंह आदि ने भी पंचायत के समक्ष अपने विचार रखे। पंचायत में शामिल प्रमुख लोगों में इन्दर प्रधान, मेघराज सिंह, सुरेशचंद शर्मा, ठाकुर किरनपाल सिंह, रामेश्वर दयाल प्रधान, राकेश भाटी, हंसराज शर्मा, श्रीओम शर्मा, जसवंत प्रधान जी भाईपुर, जाकिर प्रधान, बिजेन्द्र प्रधान, हाजी हाशम अली खांन, देवेन्द्र सिंह, सत्यप्रकाश, पूरन सिंह, नवजीत चैधरी भूले मेम्बर, ललित भाटी, चंचल सिंह, सलीम भाटी दौला, राजीव भाटी, धर्मेन्द्र सिंह, गिर्राज शर्मा वाईस चेयरमैन रबूपुरा, अमन ठाकुर, धर्मवीर सिंह, ओमकुमार, रामवीर सिंह, नेपाल सिंह, हरकेश प्रधान, रविन्द्र भाटी, नेपाल सिंह, रामवीर सिंह, योगेन्द्र सिंह, रियासत अली, राकेश भाटी, मानक सिंह, महेश नेता जी, सतीश मिल्क, भूले मेम्बर, खलील खांन, धर्मराज, सुरेशचंद शर्मा, मुकेश, नसरू ठेकेदार, अमित कौशिक आदि हजारों लोग उपस्थित रहे। 

Video link : https://youtu.be/XmEVmPfig3U

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