मप्र सरकार ने नियुक्त किया विशेष श्रम अधिकारी, अब मीडिया कर्मियों की परीक्षा

मजीठिया वेतन बोर्ड की अनुशंसाओं को लागू कराने के लिए चल रहे प्रयासों का दूसरा दौर प्रारंभ हो गया है। मप्र सरकार ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए निर्धारित समय में श्रम अधिकारी की नियुक्ति कर दी है। अब गेंद पत्रकार और गैर पत्रकार साथियों के पाले में आ गई है। सरकार ने अपनी जिम्मेदारी पूरी की है।

शासनादेश की छाया प्रति

अब हमें पूरी ताकत के साथ आज से ही मजीठिया का लाभ पाने के लिए कमर कस कर मैदान में आना होगा। गौरतलब है कि श्रम अधिकारी की नियुक्ति को लेकर बीते दिनों इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट आईएफडब्लूजे नई दिल्ली से संबद्ध भोपाल वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष सलमान खान के नेतृतव में विभिन्न अखबारों में कार्यरत याचिकाकर्ताओं ने श्रम मंत्री मप्र अंतरसिंह आर्य और राज्य के मुख्य सचिव एंटोनी डिसा से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा था। 

इसमें माननीय न्यायालय के आदेश का अक्षरसः परिपालन कराने की मांग की थी। भोवजयू की मांग को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव ने निर्धारित समय में अपर श्रम आयुक्त मप्र श्री प्रभात दुबे को विशेष श्रम अधिकारी के पद पर नियुक्त किया है। साथ ही इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता से लेते हुए तय सीमा में अपनी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। 

श्रम अधिकारी की नियुक्ति के बाद अब पत्रकार और गैर पत्रकार साथियों को मजीठिया का लाभ मिलने का रास्ता खुल गया है। आप यकीन रखिए अखबार मालिकों की धोखाधड़ी और चालाकी अब चलने वाली नहीं है। लेकिन अपना हक पाने के लिए आप सभी को थोडी मेहनत जरूर करनी होगी। श्रम विभाग को मुख्य सचिव के निर्देश मिलते ही श्रम अमला सक्रिय हो गया है। कई अखबारों के कार्यालय पहुंचकर श्रम विभाग की टीम ने नोटिस भी जारी कर दिए हैं। इससे अखबार मालिकों और प्रबंधन में हडकंप मच गया है। 

अब ये आपकी जिम्मेदारी बनती है कि अपना हक लेने के लिए जागरूक हो जाएं। सभी साथी मजीठिया को लेकर वास्तिवक स्थिति से श्रम अधिकारी को अवगत कराएं। इसके लिए अभी सिर्फ इतना करना है कि अपनी सैलरी स्लिप, बीते एक साल का बैंक स्टेटमेंट और अन्य जरूरी दस्तावेजों को लेकर एक शपथ पत्र तैयार करें। इसमें वे सारे विंदु समाहित करें, जिससे ये साबित हो कि आपको अब तक मजीठिया का लाभ नहीं मिला है। इन दस्तावेजों को शपथ पत्र के साथ विशेष श्रम अधिकारी को सौंपें। इसमें इस बात का भी उल्लेख करें कि किस प्रकार अखबार मालिक भ्रम फैला रहे हैं और मजीठिया के अनुसार वेतन देने से बचने के लिए कैसे-कैसे हथकंडे अपना रहे हैं। 

ये जानकारी आज से ही जुटा लें और जल्द से जल्द इस काम को पूरा करें। आपके अधिकारों की लडाई के लिए इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट आईएफडब्लूजे नई दिल्ली से संबद्ध भोपाल वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन पूरी ताकत के साथ आपके साथ खड़ी है। हम भरोसा दिलाते हैं कि मजीठिया की लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएंगे और हर साथी को लाभ दिलाएंगे।

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