पटना। जागरण फिल्म फेस्टिवल 2026 का आयोजन सितारों की मौजूदगी और फिल्मों से जुड़ी चर्चाओं के बीच संपन्न हुआ। 20 से 23 अगस्त तक चले इस फेस्टिवल में फिल्म जगत की कई चर्चित हस्तियों ने हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान कलाकारों ने स्टूडेंट्स और सिनेमा प्रेमियों से मुलाकात की और फिल्मों, अभिनय तथा फिल्म निर्माण से जुड़े अनुभव साझा किए।
फेस्टिवल के पहले दिन मौसमी चटर्जी, मधुर भंडारकर, सुधीर मिश्रा, जावेद जाफरी और सयानी गुप्ता समेत कई फिल्मी हस्तियां पहुंचीं। इन सितारों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। उद्घाटन कार्यक्रम के अलावा पूरे फेस्टिवल के दौरान सिनेमा को लेकर बातचीत और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
हालांकि इस फिल्म समारोह की चर्चा सिर्फ सितारों और फिल्मों तक सीमित नहीं रही। आयोजन में रजनीगंधा की स्पॉन्सरशिप भी चर्चा का विषय बनी। सवाल यह उठ रहा है कि सिनेमा और सार्वजनिक आयोजनों से जुड़े ऐसे बड़े मंचों पर तंबाकू उत्पादों से जुड़े ब्रांड की मौजूदगी को किस नजरिए से देखा जाना चाहिए।
रजनीगंधा की ब्रांडिंग और स्पॉन्सरशिप को लेकर यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि फिल्म और मनोरंजन जगत का युवाओं पर खासा प्रभाव माना जाता है। फिल्म फेस्टिवल जैसे आयोजनों में बड़ी संख्या में युवा और स्टूडेंट्स पहुंचते हैं। ऐसे में आयोजकों और प्रायोजकों की भूमिका को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

पटना यूनिवर्सिटी में जागरण फिल्म फेस्टिवल का प्रोग्राम हो रहा था। बैनर पर रजनीगंधा का प्रचार देखकर एक स्टूडेंट ने सीधे दैनिक जागरण वाले सवाल कर दिया।
सर, ये विश्वविद्यालय है। यहां रजनीगंधा का प्रचार क्यों हो रहा है? आप क्या चाहते हैं, सभी छात्र रजनीगंधा खाएं?
जागरण वाले ने कहा कि प्रोग्राम के लिए फंड की जरूरत होती है। फंड मिलता है इसलिए प्रचार करते हैं।
लड़के ने तुरंत अगला सवाल दाग दिया तो फिर फंड मिले तो यूनिवर्सिटी में शराब का प्रचार भी हो सकता है?
इस पर संचालक के पास ज्यादा कुछ कहने को नहीं था। लड़के ने अकेले पूरा माहौल बना दिया लेकिन सवाल बिल्कुल जायज था।
यूनिवर्सिटी हो या कोई दूसरी शैक्षणिक संस्था, ऐसी जगहों पर इस तरह के प्रोडक्ट्स का प्रचार होना ही नहीं चाहिए।
-राहुल कुमार


