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सियासत

कैमरे से डर किसको लगता है?

मृत्युंजय कुमार-

प्रश्न- कैमरे से डर किसको लगता है?
उत्तर- कैमरे से चोर, छिनार और उचक्के किस्म के लोग डरा करते हैं।

सोदाहरण व्याख्या- पीएम मोदी अपनी मां से मिलने कैमरा लेकर क्यों जाते हैं। इसका जवाब सिंपल है- क्योंकि उनके पास कुछ भी छिपाने के लिए नहीं है। न ही उनके घर में कोई ऐसी चीज पड़ी है, जिसे देश की आम जनता को दिखाने में भय या झिझक महसूस हो।

दूसरी ओर, पिछले दिनों झारखंड के एक कांग्रेसी सांसद के घर से 300 करोड़ रुपए नगद बरामद हुए। आप कल्पना कर सकते हैं कि वह शख्स कभी अपने घर में कैमरे वालों को घुसने देगा!

सर्वविदित है कि दुकानों में चोरी करने घुसा चोर अथवा हॉस्टल में लड़कियां बुलाने वाला लड़का सबसे पहले CCTV कैमरे को जुराब पहनाता है। क्योंकि उन्हें कैमरे से डर लगता है। वे अपनी करतूत दुनिया की निगाह से दूर रखना चाहते हैं।

इसी तरह CM हाउस में स्वाती मालीवाल से मारपीट के बाद सबसे पहले CCTV कैमरे के फुटेज को खत्म किया गया, अपने पसंद का हिस्सा छांटने के बाद।

अभी पुणे के पोर्श एक्सीडेंट केस में बिगड़ैल अमीरजादा CCTV कैमरे की वजह से ही पकड़ में आया। वरना बेईमान डॉक्टरों ने ब्लड सैंपल बदलकर उसकी अल्कोहल रिपोर्ट निगेटिव कर दी थी। भला हो CCTV का, जिसमें बिगड़ैल अमीरजादा शराब पीते दिख गया। फिर क्या, बिगड़ैल अमीरदाजे के साथ बेईमान डॉक्टर भी जेल पहुंच गया।

पुराने वक्त में गांव के बड़े-बुजुर्ग ही CCTV कैमरे का काम करते थे। वे गांव के लुच्चे-लफंगों पर कड़ी निगाह रखते थे। आजकल ये काम कैमरे का है।

मौजूदा वक्त में कैमरा शुचिता का प्रतीक है। जो कैमरे से डरे, समझ जाइए वह चोर, छिनार अथवा उचक्का है। उसकी दाल में कुछ काला है और वह आपसे कुछ छिपाना चाह रहा है।

नोट– हमारे यहां कैमरे की मदद से वैज्ञानिक पद्धति के द्वारा चरित्र निर्धारण के साथ चोर-उचक्कों व साधुजन की पहचान की जाती है।

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