आनंद जैन-
उम्मीद नहीं थी कि पोस्ट लिखने के ४८ घंटों के अंदर मोदीजी उस पर मुहर लगा देंगे. पिछले सत्तर सालों में हमारी सबसे शर्मनाक हार दर्ज करने वाले हमारे प्रधानमंत्री जी जनता के सामने आकर जवाब देने से रहे.
पाकिस्तान को उम्मीद से ज्यादा हासिल हुआ इस मिनी जंग में – वो सब कुछ जो मैंने लिखा इसके अलावा एक बड़ी कूटनीतिक विजय, जिसमें भारत पहली बार विश्व मंच पर अकेला दिखाई दिया. इस पराजय ने मोदी सरकार को नंगा कर के खड़ा कर दिया है.
यह स्पष्ट दिख रहा है कि भारत सामरिक रूप से वर्षों पीछे चला गया है, कूटनीतिक तौर पर अकेला हो गया है, आर्थिक रूप से हम स्थिति को वर्षों से भुगत ही रहे हैं. इस पराजय का असर हमारी सेना के मनोबल पर तो पड़ेगा ही, हमारे राजनयिकों का भी सम्मान अंतर्राष्ट्रीय राजनय में बहुत नीचे चला जायेगा.
सवाल यह है कि क्या अंधभक्त इस सच्चाई को स्वीकार करेंगे और हमें इस मुसीबत से छुटकारा दिलायेंगे या उनकी अंधभक्ति नये प्रतिमान गढ़ेंगी.
नीचे पढ़िए मेरी अड़तालीस घंटे पुरानी पोस्ट-
पाकिस्तान पर हमला, भारत की ऐतिहासिक भूल
हो सकता है कुछ लोगों को यह लगे कि यह पोस्ट देशद्रोह है, मगर यह कहने में कोई हर्ज नहीं कि एक आतंकी हमले को फुल फ्लेजेड वार में बदलने की यह क़वायद भारत के लिये एक ऐतिहासिक भूल साबित होगी.
पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान कूटनीतिक और सामरिक रूप से लगातार हाशिए पर जा रहा है. वहां की सरकारें हर मोर्चे पर लगातार विफल रही हैं और आर्थिक रूप से लगभग कंगाल पाकिस्तान पहले ही घुटनों पर था. ऐसे में देश के बेशकीमती हथियार एक मरे हुए देश पर फेंकना हथियारों की बर्बादी ही है.
दूसरा पहलू यह कि वहां के नागरिकों में देश के सूरते-हाल को लेकर बहुत नाराजगी भर गई थी. हालात यह थे कि एक दो बरस में पाकिस्तान के लोग स्वयं अपनी मिलिट्री से जवाब मांगते और तख्ता पलट के हालात होते. ऐसे में भारत द्वारा किया गया यह हमला पाकिस्तान के डूबते इक़बाल को दोबारा जिंदा करने का बहाना बन दिया है.
इसका सबसे पहला रिजल्ट यह होगा कि पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय मंच पर सिंपैथी मांगने के लिये खड़ा हो जायेगा और भारत के ख़िलाफ़ खड़ी शक्तियां लामबंद होकर उसको मदद पहुंचाने खड़ी हो जायेंगी. ऐसे में पाकिस्तानी मिलिट्री को जो मदद मिलना कुछ सालों से बंद हो गई थी, वह वापस मिलने लगेगी. इसके अलावा उसे मिलने वाली आर्थिक सहायता भारत के ख़िलाफ़ ही इस्तेमाल की जायेगी.
चीन को जहां भारत के मामलों में टाँग अड़ाने का मौका मिलेगा वहीं दूसरी ओर ट्रंप भी नई शर्तों के साथ हथियारों की सप्लाई की बात करेंगे. कुल मिलाकर इस युद्ध में जहां एक ओर पाकिस्तान को ख़ैरात मिलेगी, वहीं दूसरी ओर भारत को अपने पैसे से यह युद्ध लड़ना होगा, और शायद पाकिस्तान के साथ साथ चीनी फ़्रंट पर भी यह लड़ाई खुल जायेगी. पी ओ के पर किया हुआ कोई भी हमला चीन को बीच में कूदने का सीधा आमंत्रण होगा क्योंकि चीन वहां बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव पर काफी खर्च कर रहा है.
हमने बैठे बिठाए मुसीबत को आमंत्रण दिया है, जिसमें हमने मरे हुए पाकिस्तान को संजीवनी दे दी है. इसके दूरगामी असर क्या होंगे यह तो वक्त ही बतायेगा मगर फौरी तौर पर हम आर्थिक और कूटनीतिक मोर्चे पर एक बड़ी लड़ाई हारने जा रहे हैं.



Neeraj Gupta
May 23, 2025 at 1:38 pm
26 हिंदुओ की धर्म पूछ कर उनकी पत्नियों और बच्चो के सामने हत्या होने पर भी अगर आपका खून नही खोलता है तो जैन साहब आपको अपना डीएनए चैक करना चाहिए।
जय हिंद जय भारत