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प्रेस क्लब नामक गुप्त संस्था को चार लोग हांकते रहे हैं… उम्मीद है बदलाव आएगा…

Nitin Thakur : प्रेस क्लब क्यों, कैसे, किसके लिए काम करता है मुझे बहुत ज़्यादा मालूम नहीं. इसकी वजह मेरी इस संस्था के प्रति उदासीनता नहीं बल्कि पहली ही नज़र में इसका गुप्त संस्था की तरह काम करना है. चार लोग ही इसे हांकते रहते हैं और ये बदनामी की अपनी किस्मत लिए चलती रहती है. पत्रकारों के लिए काम करते इसे देखा नहीं.. ऊपर से इसके दरवाज़े-खिड़की हर पत्रकार के लिए खुले हैं नहीं.. मगर इस बार इस संस्था के चुनाव में दो वजहों से दिलचस्पी है.

Nitin Thakur : प्रेस क्लब क्यों, कैसे, किसके लिए काम करता है मुझे बहुत ज़्यादा मालूम नहीं. इसकी वजह मेरी इस संस्था के प्रति उदासीनता नहीं बल्कि पहली ही नज़र में इसका गुप्त संस्था की तरह काम करना है. चार लोग ही इसे हांकते रहते हैं और ये बदनामी की अपनी किस्मत लिए चलती रहती है. पत्रकारों के लिए काम करते इसे देखा नहीं.. ऊपर से इसके दरवाज़े-खिड़की हर पत्रकार के लिए खुले हैं नहीं.. मगर इस बार इस संस्था के चुनाव में दो वजहों से दिलचस्पी है.

पहली वजह हैं Yashwant Singh बैलट नंबर 33 और दूसरी हैं Vikas Mishra बैलट नंबर 31. दोनों ही हमें पसंद हैं और दोनों ही पत्रकार जैसे हैं भी. मुझे उम्मीद है कि दोनों उम्मीदवारों की जीत के बाद हम जैसे पत्रकारिता के छात्र उनसे दो टूक सवाल करेंगे तो जवाब ज़रूर मिलेंगे. ये संस्था अपने खिड़की दरवाज़े खोलेगी तो हम जैसे भी यहां पर क्या, कैसे और किसके लिए हो रहा है ये देखने ज़रूर जाएंगे. अगर वोट है तो वोट दीजिए.. नहीं है तो समर्थन कीजिए. जय हो.

फेसबुक के चर्चित लेखक और युवा पत्रकार नितिन ठाकुर की एफबी वॉल से. फेसबुक पर सक्रिय कुछ अन्य पत्रकार साथियों की टिप्पणियां यूं हैं :

Anurag Anant : प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में जिन साथियों का वोट है वो इस बार मैनेजिंग सदस्य के पदों के लिए Vikas Mishra sir को बैलट नंबर 31 और भड़ास डॉट कॉम वाले Yashwant भइया को बैलट नंबर 33 पर वोट दे कर प्रेस क्लब को लोकतांत्रिक, जुझारू और पत्रकार हितों के लिए लड़ने वाला मंच बनाएं। यशवंत भइया बिना मंच के योद्धा की तरह पत्रकारों के लिए लड़ते रहे हैं। उनका हाँथ अगर मजबूत होगा तो आप कल्पना कर सकते हैं कि इससे पत्रकारों के हितों की लड़ाई को कितनी अधिक धार मिलेगी। विकास सर के सहयोगी और स्नेही स्वभाव से सभी परिचित हैं। दिल्ली में पत्रकारिता करने वाला हर पत्रकार इस तथ्य से परिचित है।

Riyaz Hashmi : प्रेस क्लब आफ इंडिया के सदस्य मेरे सभी मित्रों से विनम्र आग्रह है कि वे अनिकेंद्र नाथ सेन और शाहिद फरीदी पैनल से मेरे भाई और मित्र Yashwant Singh. यशवंत सिंह को बैलेट क्रमांक 33 पर वोट कर विजयी बनाएं। मैं व्यक्तिगत रूप से आभारी रहूंगा। प्रेस क्लब आफ इंडिया के चुनाव में अनिकेंद्र नाथ सेन और शाहिद फरीदी के पैनल में एक और धुरंधर हैं। नाम है भाई विकास मिश्रा जी। इनका बैलट नंबर इकतीस है। इन्हें भी विजयी बनाएं।

अविनाश विद्रोही :  वोट सपोर्ट Yashwant Singh ओर Vikas Mishra जी दोनों बेहद सरल एवं पत्रकारों के हित की आवाज़ उठाने वाले पत्रकार है ,आप सभी से निवेदन है यदि आपके पास वोट है तो वोट कीजिए अन्यथा इनका समर्थन कीजिये ।

Ashish Maheshwari व्यक्तिगत रूप से आपसे बहुत प्रेम है लेकिन प्रेस क्लब जैसी संस्थाओं की सार्थकता इसलिए नहीं लगती क्योंकि ये किसी संस्थान से किसी मीडिया कर्मी को निकालने पर न कोई विरोध कर सकते न उसकी नौकरी बचा सकते , फिर आज तक प्रेस क्लब के प्रदर्शन सिर्फ दिखावा भर रहे हैं ,यहां तक की इस बार के प्रत्याशी Yashwant Singh तक को दो गुंडे पीट देते हैं और प्रेस क्लब कोई कार्रवाई नहीं करता, सिर्फ बड़े बैनर के वो भी फील्ड से जुड़े लोगों के लिए प्रेस क्लब दिखाऊ प्रदर्शन भले ही करे लेकिन डेस्क और छोटे पत्रकारों के लिए कोई आवाज़ नहीं. फिर भी Vikas Mishra जी और Yashwant Singh जी को शुभकामनायें

Anil Singh :  प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के सम्मानित सदस्य यशवंत सिंह और विकास मिश्रा को जितायें और अपने हित सुरक्षित रहने की गारंटी पाएं। ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि अधिक लोगों तक बात पहुंचे।

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