यूपी में मान्यता प्राप्त पत्रकारों और परिजनों को निजी अस्पतालों में भी मिलेगी चिकित्सा सुविधा

मान्यता प्राप्त पत्रकारों (राज्य स्तरीय व जिला स्तरीय) एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सरकारी चिकित्सालयों के अलावा नजदीकी प्राइवेट चिकित्सालयों में भी उपचार कराए जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सम्मिलित करते हुए चिकित्सा सुविधा प्रदान किये जाने का निर्णय योगी सरकार ने लिया.

  • इस सम्बन्ध में शासन द्वारा निर्देश जारी
  • मान्यता प्राप्त पत्रकारों के कार्यों की विशिष्टता के दृष्टिगत
  • उनके स्वास्थ्य जोखिमों के कारण यह फैसला लिया गया
  • मान्यता प्राप्त पत्रकारों का पूर्ण विवरण प्रतिवर्ष चिकित्सा सुविधा हेतु नामित नोडल अधिकारी द्वारा मुख्य कार्यपालक अधिकारी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को उपलब्ध कराया जाएगा

लखनऊ : राज्य सरकार ने प्रदेश में राज्य स्तर/जनपद स्तर पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों के कार्यों की विशिष्टता के दृष्टिगत उनके स्वास्थ्य जोखिमों के कारण उन्हें एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सरकारी चिकित्सालयों के अलावा नजदीकी प्राइवेट चिकित्सालयों में भी उपचार कराए जाने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना’ के अन्तर्गत सम्मिलित करते हुए चिकित्सा सुविधा प्रदान किए जाने का निर्णय लिया है। इस सम्बन्ध में शासन द्वारा निर्देश जारी कर दिया गया है।

यह जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों को सामाजिक एवं स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से उन्हें चिकित्सा सुविधा का लाभ प्रदान किया जाएगा। इस चिकित्सा सुविधा हेतु राज्य/जिला स्तर के सभी मान्यता प्राप्त पत्रकार लाभार्थी होंगे। इस श्रेणी के समस्त पत्रकार एवं उनके परिवार के आश्रित सदस्यों का डाटा तैयार कराए जाने का कार्य निदेशक, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा किया जाएगा। इस कार्य हेतु सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के उप निदेशक स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा।

प्रवक्ता ने बताया कि मान्यता प्राप्त पत्रकारों का पूर्ण विवरण प्रतिवर्ष चिकित्सा सुविधा हेतु नामित नोडल अधिकारी द्वारा मुख्य कार्यपालक अधिकारी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को उपलब्ध कराया जाएगा ताकि सभी पात्र लाभार्थियों एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को ‘मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना’ के अन्तर्गत सम्मिलित करते हुए चिकित्सा उपचार कराया जा सके।

ज्ञातव्य है कि राज्य स्तर/जनपद स्तर पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को आम नागरिकों की भांति सरकारी चिकित्सालयों में उपचार की पूर्ण व्यवस्था है। पत्रकारों के कार्य की प्रकृति जोखिम भरी होने के कारण उनके स्वास्थ्य हेतु उपचार की तात्कालिकता के दृष्टिगत प्राइवेट चिकित्सालयों में मुफ्त चिकित्सा उपचार प्रदान करने की कोई व्यवस्था नहीं है।

प्रदेश में मान्यता प्राप्त पत्रकारों द्वारा जन-सामान्य के बीच जाकर उनकी समस्याओं एवं कठिनाइयों को सरकार तक पहुंचाने तथा सरकार की योजनाओं एवं नीतियों को जन-सामान्य तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया जाता है। मान्यता प्राप्त पत्रकारों के कार्यों की विशिष्टता को देखते हुए उनके स्वास्थ्य जोखिमों के कारण उन्हें एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सम्मिलित करते हुए चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप परBWG7

आपसे सहयोग की अपेक्षा भी है… भड़ास4मीडिया के संचालन हेतु हर वर्ष हम लोग अपने पाठकों के पास जाते हैं. साल भर के सर्वर आदि के खर्च के लिए हम उनसे यथोचित आर्थिक मदद की अपील करते हैं. इस साल भी ये कर्मकांड करना पड़ेगा. आप अगर भड़ास के पाठक हैं तो आप जरूर कुछ न कुछ सहयोग दें. जैसे अखबार पढ़ने के लिए हर माह पैसे देने होते हैं, टीवी देखने के लिए हर माह रिचार्ज कराना होता है उसी तरह अच्छी न्यूज वेबसाइट को पढ़ने के लिए भी अर्थदान करना चाहिए. याद रखें, भड़ास इसलिए जनपक्षधर है क्योंकि इसका संचालन दलालों, धंधेबाजों, सेठों, नेताओं, अफसरों के काले पैसे से नहीं होता है. ये मोर्चा केवल और केवल जनता के पैसे से चलता है. इसलिए यज्ञ में अपने हिस्से की आहुति देवें. भड़ास का एकाउंट नंबर, गूगल पे, पेटीएम आदि के डिटेल इस लिंक में हैं- https://www.bhadas4media.com/support/

भड़ास का Whatsapp नंबर- 7678515849

One comment on “यूपी में मान्यता प्राप्त पत्रकारों और परिजनों को निजी अस्पतालों में भी मिलेगी चिकित्सा सुविधा”

  • Jharkhand Working Journalists Union says:

    मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त में विभेद क्यों ?
    एक अख़बार में यदि 10 पत्रकार हैं और 2 को ही मान्यता मिली हुई है तो क्या बाकी लोग पत्रकार नहीं हुए ? उनका शरीर ,उनका स्वास्थ्य ,उनका परिवार नहीं है क्या ?

    सुविधाएँ तो सभी पत्रकारों को मिलनी चाहिए। इसमें विभेदन अनुचित है।

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

code