यशवंत की ‘जानेमन जेल’ : विपरीत हालात में खुद को सहज, सकारात्मक और धैर्यवान बनाये रखने की प्रेरणा देने वाली किताब

पूनमपूनम

Poonam Scholar : इस बार विश्व पुस्तक मेला में एक ही बार जाने का मौका मिल सका. हिन्द युग्म प्रकाशन के सामने से गुजरते हुए अचानक याद आया कि इसी प्रकाशन से तो यशवन्त जी की पुस्तक ‘जानेमन जेल’ भी प्रकाशित हुई है. काफी समय से पढ़ने की इच्छा थी सो खरीद ली. कल जाकर समय मिला पढ़ने का. यशवन्त जी ने जेल जीवन के बारे में जो कुछ भी लिखा है उसे पढ़कर जेल के प्रति जो भ्रान्तियाँ हम लोगों के मनों में बनी हुई हैं न केवल वो दूर होती हैं बल्कि विपरीत परिस्थितियों में स्वयं को सहज, सकारात्मक और धैर्यवान बनाये रखने की प्रेरणा भी मिलती है.

‘जानेमन जेल’ सटीक व कम शब्दों में लिखी गई बेहतरीन पुस्तक है जिसमें आपको कही पर भी जबरदस्ती घुसेड दी गई नाटकीयता नही मिलेगी. यशवन्त जी की लेखन शैली ऐसी है कि पाठक बोर बिल्कुल नही हो सकता. पुस्तक में कई जगह बहुत भावुकता है तो कई जगह कानून के प्रति रोष भी लेकिन सबकुछ बडी सहजता लिए है अपने साथ. यशवन्त जी दूसरे की पीड़ा को भी अपनी पीड़ा मान लेते हैं. उनके इस प्रकार के व्यक्तित्व के दर्शन हमें उनकी पुस्तक में अनेक जगहों पर होते हैं. मेरा अपने युवा मित्रों से अनुरोध है वे एक बार इस पुस्तक को अवश्य पढ़ें और यशवन्त जी से विनम्र निवेदन भी कि अपनी आत्मकथा के रूप में हम पाठकों से अपने व्यक्तिगत व सार्वजनिक अनुभव आने वाले समय में जरूर साझा करें.

शिक्षिका पूनम के फेसबुक वॉल से.


अगर आप भी ‘जानेमन जेल’ पढ़ने को इच्छुक हैं तो घर बैठे मंगाने के लिए आप अपना मोबाइल फोन उठाइए और मैसेज टाइप करिए. सबसे पहले book name ‘Jaaneman Jail’ लिखिए. उसके बाद अपना खुद का नाम, पूरा पता पिन कोड सहित और आखिर में अपना मोबाइल नंबर लिखें. इस मैसेज को 09873734046 पर SMS कर दें. किताब कुछ ही दिनों में आपके हाथ में होगी. मूल्य सौ रुपये से कम है और छूट के साथ उपलब्ध है.


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