
Gulam Jeelani : How times change! There was a time when journalists would be known for stories and here we are felicitating a newly posted railway official in Lucknow. And don’t tell me you don’t know why.
गुलाम जिलानी के फेसबुक वॉल से.
कुछ टिप्पणियां…
Vivek Kumar : जमाना सचमुच बदल गया है. मालूम तो था पर इसकी नजीर इस तरह सामने आयेगी, ये कभी सोचा ना था…खास बात तो ये है कि ऐसा लखनऊ में देखने को मिला है. लखनऊ के रेलवे बीट देखने वाले “दिग्गज” पत्रकारों ने एक नये अधिकारी को सम्मानित किया है. अधिकारी सम्मान के काबिल जरूर होंगे लेकिन, इसकी जरूरत क्यों पड़ी….शायद टिकट कन्फर्म कराने का उद्देश्य पूरे व्यक्तित्व और प्रोफेशन पर भारी पड़ गया है..घोर निन्दनीय…
Ali Rizvi : As I always say, the problem with newspapers usually isn’t editorial policy or management interference, but incompetent, prejudiced and spineless reporters.
Uzair Rizvi : we have a few more railway agents now, who can get the tickets confirmed …
Pathikrit Chakraborty : Shame. regressive journalism, nosedive
Atul Kumar Bhardwaj : Btw what achievement of this new officer to this honour.??
Aghapervez Masih : Value degradation is a major threat fr us. In every profession such type of people r present.
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rahul
September 3, 2015 at 12:52 pm
भड़ास पे खबर पढ़ी तो भड़के लखनऊ के तथाकथित दिग्गज पत्रकार… लखनऊ में रेलवे बीट देखने वाले पत्रकारों की करतूत जब भड़ास ने उजागर की तो ऐसे सारे पत्रकार उस पत्रकार पे पिल पड़े जिसने अपने फेसबुक वाल पे उनकी फ़ोटो शेयर की थी. Photo में दिख रहे पत्रकार शिमला से नेटवर्क 18 के पत्रकार गुलाम जिलानी को धमकाने लगे. यहाँ तक कह डाला की तुमहे आकर तुम्हारे ऑफिस में गई मारेंगे। तू तो कश्मीर का आतंकवादी है. लेकिन रात में मिली धमकी दोपहर होते होते क्षमा याचना में बदल गयी. गुलाम जिलानी ने उनकी धमकी के बारे में न सिर्फ लखनऊ प्रशासन को बताया बल्कि nbt जागरण और हिंदुस्तान के संपादको को भी बताया. गुलाम जिलानी पिछले कई सालों से लखनऊ में कम कर रहे है और उनकी एक साफ सुथरी और सुल्हजी हुयी छवि है. ऐसे में सभी संपादकों ने उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया और रेलवे द्वारा प्रायोजित टूर पे शिमला गए अपने रिपोर्टरों को फ़ौरन गुलाम जिलानी से माफ़ी मांगने को कहा. दोपहर होते होते रात में सेखी बघारने वाले दिग्गज जमीं पे धड़ाम हो गए. सभी ने फ़ोन करके रात में की गयी अभद्रता के लिए माफ़ी मांगी. असल में सबको इस बात का भी दर हो गया था की कही जिलानी पुलिस में शिकायत न कर दे इसकी तयारी हो गयी थी और शहर के अंग्रेजी पत्रकारो को जिलानी का पूरा समर्थन था. अब फ़ोटो में दिख रहे पत्रकारो के पास सिवाय माफ़ी मांगने के कोई चारअ भी नहीं था.
बता दें की सनिवार के दिन एक पत्रकार ने अपने फेसबुक वाल पे एक तस्वीर लगायी थी जिसमे रैलवे बीट देखने वाले पत्रकार एक नए आये अधिकारी को सम्मानित कर रहे है. इस पोस्ट को शेयर करते हुए गुलाम जिलानी ने सिर्फ के पूछा था की आखिर हैम क्या कर रहे है. जिलानी के शेयर करने के बाद लोगो ने पत्रकारों ने इस कदम की निंदा शुरू कर दी. ये देखकर फ़ोटो में दिख रहे पत्रकार भड़क उठे और शिमला से आधी रात को गुलाम जिलानी को धमकाना शुरू कर दिया.