नई दिल्ली/लखनऊ- यमुना नदी के किनारे हो रहे अवैध खनन के चलते बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। इसे लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को सोमवार को पत्र लिखकर चिंता जताई है। उन्होंने पत्र में मांग की है कि यूपी सीमा से लगे यमुना के हिस्सों में अविलंब अवैध रेत खनन पर रोक लगाई जाए।
सीएम गुप्ता ने कहा है कि अवैध खनन (Illegal Mining) से नदी के किनारे कमजोर हो रहे हैं, जिससे बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ गया है। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने पिछले एक दशक में हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में अवैध खनन के कई मामलों का स्वतः संज्ञान लिया है।

रेखा गुप्ता ने यह भी लिखा है कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते यमुना का जलस्तर आने वाले दिनों में तेजी से बढ़ने की आशंका है। ऐसे में खतरा और गंभीर हो सकता है।
दिल्ली की बीजेपी सरकार (BJP Govt) पहले कह चुकी है कि वह सुनिश्चित करेगी कि यमुना का अतिरिक्त पानी राजधानी की मुख्य सड़कों तक न पहुंचे, जैसा कि 2023 में हुआ था। इसी वादे को पूरा कराने के लिए दिल्ली सीएम ने यूपी को पत्र लिखा है।
रेखा गुप्ता ने अपने पत्र में कहा है कि अवैध खनन गंभीर पारिस्थितिक नुकसान का कारण बन रहा है और यह एक अंतर-राज्यीय मसला है। उन्होंने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए यूपी और दिल्ली की साझा कार्रवाई और प्रवर्तन प्रणाली की मांग की है।
दिल्ली सीएम कार्यालय के बयान में कहा गया, “सीएम गुप्ता ने योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया कि वे यूपी अधिकारियों को निर्देश दें ताकि एक संयुक्त अंतर-राज्यीय टीम बनाकर काम किया जाए और पारिस्थितिक संतुलन को प्रभावी ढंग से सुरक्षित किया जा सके।”
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार के सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी यूपी के अफसरों के संपर्क में हैं और उन्हें अवैध खनन से जुड़े साक्ष्य भी दिए गए हैं। जल्द ही कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।
यमुना हरियाणा से दिल्ली होकर यूपी में बहती है। यूपी के गाजियाबाद और बागपत जैसे ज़िले इसके किनारे बसे हैं, जहाँ खनन की शिकायतें सामने आई हैं।



