संघ के मुताबिक टीवी पर ब्रेन लेश डिसकसन, इसमें शामिल होते हैं अपठित पत्रकार जिन्हें भारतीय संस्कृति का ज्ञान नहीं (देखें वीडियो)

मऊ : भारत में चाहें जो बड़ी समस्या चल रही हो, सूखा हो, महंगाई हो, भ्रष्टाचार हो लेकिन आरएसएस वालों का हमेशा एक राग बजता है. वह है राग मुसलमान. घुमा फिरा कर कोई ऐसा मुद्दा ले आते हैं जिससे मुसलमानों को चुनौती दी जा सके और पूरे भारत की बहस इसी मसले पर शिफ्ट किया जा सके. दुर्भाग्य से मीडिया का बड़ा हिस्सा भी इसी उलझावों में बह जाता है और भाजपा-संघ का भोंपू बनते हुए मूल मुद्दों से हटते हुए इन्हीं नान इशूज को इशू बना देता है. हालांकि संघ नेता फिर भी टीवी वालों को बख्शते नहीं और कहते हैं कि चैनलों पर ब्रेनलेस डिसकशन चलती है और इसमें अपठित पत्रकार भाग लेते हैं जिन्हें भारतीय संस्कृति का ज्ञान नहीं. मतलब कि अगर संघ का चले तो वो सारे चैनल बंद करा के सिर्फ एक संघ नाम से चैनल चलाएं और उसमें जो कुछ ज्ञान दिया जाएगा, उसे ही प्रसाद के रूप में पाने के लिए देश भर के दर्शक बाध्य होंगे.

नीचे चार वीडियो लिंक हैं. ये आरएसएस के पूर्वी यूपी के क्षेत्रीय संयोजक राम आशीष वर्मा से संबंधित हैं. संघ के इस बड़े नेता ने मीडिया, मुसलमान और भारत माता की जय पर क्या क्या बातें की हैं, सुनिए. ये इशारे इशारे में जो जहर हिंदू मुस्लिम दिमागों में घोल रहे हैं, उसका क्या अंजाम होगा, इन्हें भी नहीं पता. आजम खान और औवैशी इस देश की मुख्य धारा नहीं हैं. ज्यादातर मुसलमान भारत के रंग, भारत की संस्कृति, भारत के नारे में रच बस घुल चुके हैं. लेकिन क्या आप इनसे नारे लगवा कर इनकी परीक्षा लेंगे, तभी इनकी देशभक्ति प्रमाणित करेंगे? ऐसे घिनौने कृत्य से देश का नुकसान ज्यादा होगा, फायदा कम.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी यूपी के क्षेत्रीय संयोजक राम आशीष वर्मा ने पत्रकारों से बातचीत और संघ के एक जमावड़े के संबोधन में जो कुछ कहा, उसका लब्बोलुवाब ये है-

”डा. हेडगवार ने कहा था भारत वर्ष ही हिन्दू राष्ट्र है, उस समय भी लोगों ने प्रश्न उठाये थे उसमें हर तबके के लोग थे. आज जो टीवी चैनलों पर ब्रेन लेश डिसकसन चलती है और उसमें शामिल होने वाले अपठित पत्रकार हैं. भारत माता की जय न बोलने वाले पागल हैं, उनके इलाज की जरूरत है. भारत माता की जय न बोलने वाले पागल हैं. ऐसे लोगों की हत्या नहीं, इलाज होनी चाहिए. इनके पास दिल है, लेकिन दिल की आवाज दिमाग तक नहीं पहुंची है. इसलिए इलाज जरूरी है. हम अशफाकउल्‍ला खां जैसे लोगों को आदर्श मानते हैं… अशफाकउल्ला भारत माता के लिए फांसी पर चढ़ गए.  हम उन्‍हें आदर्श मानते हैं. इन पागलों को आदर्श नहीं मानते. आवैसी और आजम के नाम पर मैं नहीं जाता हूं, ये एक विचारधारा का प्रतिनिधित्‍व करते हैं. रही बात भारत माता की जय बोलने की तो आप किसी भी भाषा में बोलिए, लेकिन भारत माता की जय बोलिए और बस दिल से बोलिए. मैं ये नहीं कहता हूं भारत माता की जय उर्दू और इंग्‍लिश में नहीं बोलनी चाहिए. आप किसी भी भाषा में बोल सकते हैं. भाषा तो हमारी देश की परंपरा है. महात्‍मा गांधी ने कहा कि था ईश्‍वर अल्‍ला तेरो नाम. भाषा का प्रश्‍न नहीं, भाव का प्रश्‍न है.  दिल से बोलना चाहिए. जो व्‍यक्‍ति भारत माता की जय न बोले उसे प्रेरित करना चाहिए, भारत माता सबकी माता हैं.”

संघ पदाधिकारी राम आशीष मऊ जनपद में आर.एस.एस. द्वारा आयोजित नववर्ष प्रतिप्रदा की पूर्व संध्या पर एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सोनी धापा बालिका विद्यलय के मैदान में शामिल होने आये थे. इनकी बातों को पूरा सुनने के लिए नीचे दिए गए वीडियो लिंक को एक एक कर क्लिक करते जाएं.

RSS कहिन (1) : आजम खान और ओवैशी जैसे पागलों का इलाज होना चाहिए https://www.youtube.com/watch?v=IGnRK2oJmm0

RSS कहिन (2) : पागलों का इलाज किया जाता है, उनकी हत्या नहीं की जाती https://www.youtube.com/watch?v=rsGZY4pQ8oI

RSS कहिन (3) : उर्दू में बोलिए या अंग्रेजी में, भारत माता की जय तो बोलना पड़ेगा https://www.youtube.com/watch?v=NNj8zTuH6QI

RSS कहिन (4) : टीवी पर ब्रेनलेस डिसकशन, अपठित पत्रकारों को ज्ञान नहीं https://www.youtube.com/watch?v=hu7heuyTwVI

मऊ से DEEPAK GUPTA की रिपोर्ट. संपर्क : 9452068289 या gdeepak899@gmail.com

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