कोर्ट परिसर में जेएनयू के छात्रों व शिक्षकों पर संघी आतंकियों द्वारा हमला निंदनीय

लखनऊ । दिल्ली के पटियाला कोर्ट के भीतर जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार, जेएनयू के प्रोफेसरों और छात्रों पर भाजपा विधायक ओपी शर्मा और संघ परिवार से जुुुड़े आतंकियों द्वारा हमले की रिहाई मंच ने कड़ी निंदा की है। मंच ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाने वाले एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को भाजपा सरकार बचा रही है और देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए आवाज उठाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर रही है। रिहाई मंच ने दोहराते हुए कहा है कि कन्हैया कुमार के रिहा होते ही रिहाई मंच उनका लखनऊ में भव्य नागरिक अभिनंदन करेगा।

रिहाई मंच द्वारा जारी पे्रस विज्ञप्ति में मंच के अध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद शुऐब ने कहा कि जिस तरह जेएनयू के छात्र संध अध्यक्ष और शिक्षकों को भाजपा विधायक और साम्प्रदायिक गुंडों ने कोर्ट परिसर के अंदर पीटा उससे साबित होता है कि संघी तत्वों को मोदी सरकार ने अब अदालतों के अंदर पहुंच कर भी गुंडागर्दी करने की छूट दे दी है। उन्होंने कहा कि ऐसी शर्मनाक घटना के बाद तो खुद सुप्रीम कोर्ट को भी इस आपराधिक कृत्य का संज्ञान लेकर भाजपा विधायक को निलम्बित कर देना चाहिए।

रिहाई मंच के अध्यक्ष ने कहा कि जेएनयू के अंदर पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाने वाला छात्र व छात्राएं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े हैं, जिसका वीडियो सुबूत भी सोशल मीडिया पर वाइरल हो चुका है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि वो जेएनयू की घटना को बर्दाश्त नहीं करेंगे तो वहीं गृह राज्य मंत्री किरन रिजूजु ने कहा था कि वो देशद्रोहियों का गढ़ इसे नहीं बनने देंगे। आज जब वीडियो की वास्तविकता सामने आ गई है कि एबीवीपी के नेता पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे तो आखिर उनके खिलाफ कार्रवाई से भाजपा सरकार क्यों बच रही है। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का इतिहास रखने वाले संघ और भाजपा के दबाव में मीडिया इस वीडियो को नहीं दिखा रहा है। जिससे मीडिया और भाजपा का गठजोड़ खुलकर सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से भाजपा नेताओं ने जेएनयू की छात्राओं पर अभद्र टिप्पणी की उससे भाजपा की महिला विरोधी अश्लील मानसिकता फिर उजागर हुई।

रिहाई मंच नेता राजीव यादव ने कहा कि राजनाथ सिंह कन्हैया कुमार और उनके साथियों को हाफिज सईद से जुड़ा बता रहे हैं। जबकि कई आतंकी घटनाओं में शामिल पाए गए संघ परिवार के आतंकियों के चार्जशीट में खुद इन आतंकियों ने खुलासा किया है कि संघ परिवार के नेता इंद्रेश कुमार आईएसआई के एजेंट हैं। उन्होंने कहा कि एनआईए और खुफिया एजेंसियों के हवाले से जिस तरह गृहमंत्री यह दावा कर रहे हैं जेएनयू के छात्रों का सम्बंध हाफिज सईद से है, उससे एक बार फिर उजागर हो गया है कि खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां संघ परिवार के आनुषांगिक संगठन के बतौर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि एनआईए को पाकिस्तान में बैठे हाफिज सईद और जेएनयू के छात्रों के बीच झूठे सम्बंधों की अफवाह फैलाने के बजाए इशरत जहां की हत्या का आदेश देने वाले सफेद और काली दाढ़ी को गिरफ्तार कर अपनी विश्वसनियता बहाल करानी चाहिए। क्योंकि जिस काली और सफेद दाढ़ी को पूरा देश जानता है कि ये मोदी और अमित शाह के लिए कहा जा रहा है, उसे अगर एनआईए नहीं समझ पाती है तो इससे उसकी पेशेवर क्षमता पर भी सवाल उठ जाता है।

राजीव यादव ने यह भी कहा कि राजनाथ सिंह को जेएनयू के छात्रों और पाकिस्तान में बैठे आतंकी हाफिज सईद के सम्बंधों की जांच के बजाए खुद अपनी और संघ परिवार की दुदांर्त महिला आतंकी साध्वी प्रज्ञा के साथ गोपनीय बैठक की तस्वीर पर स्पष्टीकरण देना चाहिए कि वो उस आतंकी के साथ किस आतंकी घटना की साजिश रच रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि साध्वी प्रज्ञा की गिरफ्तारी पर राजनाथ सिंह उस समय उसके बचाव में खड़े हुए थे और उनके संघी गिरोह ने उनके ऊपर पुष्प वर्षा भी करवाया था। उन्होंने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकर अजित डोभाल के लिए पाकिस्तान जाकर हाफिज सईद को गिरफ्तार करके पूछताछ करने से ज्यादा आसान और कम खर्चीला है कि वे गृहमंत्री राजनाथ सिंह से साध्वी प्रज्ञा जैसी फिदाईन आतंकी से सम्बंधों की पड़ताल करें ताकि देश की जनता सुरक्षित महसूस कर सके।

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  • KAMREDO KA DEKHO HAL, INKO ADVOATE V DES BHAKAT ATANKVADI NAJAR AATE H V JO AK47 LEKAR KASMIR V DES KE DUSRE HISO ME AANE VALE SANTI DOOT NAJAR AATE H, L E T V AFZAL GURU IN KO DES BHAKT LAGTE H, SARM KARO NAHI TO JANTA TU LOGO KO JUTE MAREGI

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