सहारा मीडिया में ‘सेल्फ एक्जिट’ योजना के नाम पर बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू!

एक बुरी खबर सहारा मीडिया से आ रही है. यहां प्रबंधन ने ‘सेल्फ एक्जिट’ नाम से एक स्कीम लागू की है. इसके तहत खुद कंपनी छोड़ने के लिए आप्शन दिया गया है. लेकिन बताया जा रहा है कि इस स्कीम के नाम पर बड़े पैमाने पर छंटनी की शुरुआत कर दी गई है. करीब तीन सौ लोगों को स्वत: या जबरन बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है या दिखाने की तैयारी है. सूत्रों से मिली खबरों के मुताबिक 80 लोगों ने दो दिन में किया सहारा की सेफ एग्जिट पालिसी से रिजाइन.

करीब 200 से 300 लोग करेंगे रिजाइन. ब्यूरो से भी होगा रिजाइन. ये मीडिया इतिहास का सबसे बड़ा सेल्फ रिजाइन होगा. इसे एक तरह से नए मैनेजमेंट पर अविश्वास भी बताया जा रहा है. दूसरी तरफ इसे नए मैनेजमेंट की रणनीति का हिस्सा भी करार दिया जा रहा है ताकि टीम छोटी रहे और एनर्जेटिक रहे. इस छंटनी स्कीम के कारण यूपी बिहार के चैनल में सिर्फ एक एक एंकर बचे हैं. यूपी चैनल में पीसीआर एमसीआर इनपुट आउटपुट में मिलाकर केवल 13 लोग बचे हैं.

सेल्फ एक्जिट स्कीम के कारण पूरे सहारा मीडिया में भगदड़ की स्थिति है. अनु रिजवी के रिजाइन करने की सूचना है. बड़ी संख्या में वो लोग जिनके पास कोई जाब नहीं है लेकिन सहारा से एक्जिट पालिसी के कारण पैसे मिलने की उम्मीद है, रिजाइन देकर जा रहे हैं. एचआर के लोग भी रिजाइन कर रहे हैं. एक्जिट पालिसी के बारे में ब्यूरो को भी बता दिया गया है. सेल्फ एक्जिट के बाद एक बार निकालने के लिए प्लान बनाया जाएगा. इसकी लिस्ट तैयार की जा चुकी है.

कोशिश है कि पहले सेल्फ एक्जिट से लोगों को जाने दो. फिर जो बचे रहेंगे उनमें से लिस्ट बनाकर बाहर कर दो. इसके बाद सहारा मीडिया में बहुत छोटी टीम ही रह जाएगी जो खुद बाजार से पैसे उगाहेगी और अपना खर्चा निकालेगी. नए प्रबंधन ने उन कर्मचारियों को रिजाइन करने के लिए एचओडी के माध्यम से कहलवा दिया है जिनको वो नहीं रखना चाहता. चर्चा है कि इस बहाने चैनल हेड और संपादक लोग अपने विरोधियों को निपटा रहे हैं या निपटाएंगे. निशाना खासकर सेलरी आंदोलन में शामिल लोगों को भी बनाया जा रहा है.

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