किसी हिन्दी अखबार में ऐसा शीर्षक आपने कब देखा था?

न्यायमूर्ति मिश्र तय करेंगे कि न्यायमूर्ति मिश्र सही थे कि नहीं

टेलीग्राफ अखबार की ये हेडिंग है. हेडिंग में ऐसे कमाल के प्रयोग हिंदी अखबारों ने करना बंद कर दिया है क्योंकि हिंदी अखबारों में अब पत्रकार नहीं बल्कि कर्मचारी काम करते हैं.

टेलीग्राफ की उपरोक्त खबर देखने-पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें-

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