Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

कोरोना संक्रमण फैलने से स्वराज एक्सप्रेस चैनल में इमर्जेंसी प्लान, पढ़ें एडिटर इन चीफ की चिट्ठी

प्रिय साथियों,

ये मुश्किल समय है। पिछले ढाई महीनों से हम सब कोरोना संक्रमण के ख़िलाफ़ बतौर टीवी चैनल लड़ रहे थे, लेकिन अब ये हमारी सबकी निजी लड़ाई भी बन गयी है। संक्रमण हमारे ऑफ़िस के साथियों तक पहुँच गया है।

लॉकडाउन की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हम सब ऑफ़िस आ कर और लोगों के बीच जा कर जिस ज़िम्मेदारी से पत्रकारिता कर रहे थे, उसके ख़तरे हम सब समझते थे। ‘कोरोना वॉरिअर’ जैसे शब्द सुनने में जितने भी महान सुनाई दें, लेकिन महामारी के काल में मैदान में उतर कर जूझने का क्या मतलब होता है, ये हम सबने खुद महसूस किया है। खुद से लड़ कर, अपने परिवारों से लड़ कर, समाज से लड़ कर केवल अपने कर्तव्य को निभाने के लिए काम करते जाना आसान नहीं होता है। इसके लिए आप सभी बधाई के हक़दार हैं।

लेकिन आज हमारी चुनौती और बड़ी हो गयी है। कई साथियों के टैस्ट रिज़ल्ट पॉज़िटिव आए हैं। ऐसे में हमारी ज़िम्मेदारी बहुत बढ़ जाती है। हम सभी को उनके साथ भी खड़ा होना है, खुद भी को बचाना है और ये भी सुनिश्चित करना है कि सबकी रोज़ी-रोटी चलती रहे। स्वास्थ्य और रोज़गार के बीच का ये द्वन्द पूरी दुनिया में सब लड़ रहे हैं, सरकारें भी, कम्पनियाँ भी और लोग भी। किसी के पास पर्फ़ेक्ट समाधान नहीं है। लेकिन ये सभी समझते हैं कि कोरोना के ख़िलाफ़ जंग और सभी सिस्टम चलाये रखने की चुनौती से एक साथ निपटना होगा।

लॉकडाउन शुरू होने के वक्त से हमने ऑफ़िस में कई कदम उठाए हैं। लगभग सभी लोग एक दिन एक छोड़ कर ऑफ़िस आ रहे हैं। लेकिन अब हम सबकी सुरक्षा के मद्देनज़र अपना इमर्जेन्सी प्लान लागू करने जा रहे हैं।

हमारी कोशिश है कि आज से ऑफ़िस में केवल 15 लोग बारी बारी से आएँगे। बाक़ी सभी घर से काम करेंगे।हम इस व्यवस्था को टैस्ट करेंगे और हमें उम्मीद है कि ये सफल होगी। इस व्यवस्था की सफलता तकनीकी सिस्टम पर तो निर्भर करती ही है, ये आप सबके योगदान पर भी निर्भर है। इसलिए सभी को ना सिर्फ़ घर से पूरे मनोयोग से,रोज़, काम करना होगा, बल्कि कॉंटेंट और प्रेज़ेंटेशन को बेहतर बनाने के लिए अपने अपने सुझाव भी देने होंगे, अपने अपने innovation भी करने होंगे। हम सब जानते हैं कि मीडिया के लिए ये वक्त बहुत चुनौतीपूर्ण है और हमारे संसाधन बहुत कम हैं। ऐसे में हम केवल अपनी जिजीविषा, अपनी रचनात्मकता और अपने काम को ही आधार बना कर जीत सकते हैं। इसके लिए हम सबको मिलकर प्रयास करने होंगे।

एक बात और। आप सब में जो भी व्यक्ति डाईबिटीज़ से या फिर किड्नी या हृदय की बीमारी से जूझ रहा है, वे HR को अपने नाम दे दें। साथ ही, यदि आप के रहने वाले किसी गम्भीर बीमारी से पीड़ित हैं, तो वह भी आप सूचित कर दें। हमारा प्रयास है कि ऐसे सभी साथियों को हम अभी ऑफ़िस ना बुलायें और वे केवल घर से काम कर सकें।

दोस्तों, स्वास्थ्य और रोज़गार की ये लड़ाई हम सबने मिलकर लड़नी है। एक दूसरे की मदद से, नए तरीक़ों से और गम्भीरता से काम करके इसे जीतने की हम मिलकर कोशिश करते हैं।

गुरदीप सिंह सप्पल
एडिटर-इन-चीफ़
स्वराज एक्स्प्रेस

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन