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उत्तर प्रदेश

T&T ग्रुप की बिल्डिंग में तीन मजदूरों की मौत, बिल्डर पर कोई आंच नहीं क्योंकि सिस्टम में पैसा बोलता है…

कन्हैया शुक्ला

गरीब मजदूर तो हैं ही मरने के लिए उनको कोई हक नही है अपना अधिकार पाने का ..

ये बात तो सही है कि गरीब मजदूर हमेशा इस समाज में मरता है और उत्पीड़न सहता है ..और मजदूरों की मेहनत को लोग सिर्फ पैसा कमाने का एक जरिया समझते हैं ..ऐसा नहीं है कि इस देश में ये पहली बार हो रहा है पर सवाल ये है की इस देश में मजदूरों का मौलिक अधिकार और मजदूरों की सुरक्षा और मानवाधिकार की गारंटी देने वाले शासन प्रशासन कितना मजदूरों के हक़ में खड़ी होती है ..?

ताज़ा मामला यूपी के गाजियाबाद के थाना विजयनगर इलाके के सिद्धार्थ विहार का है ..जहां एक बार फिर T&T बिल्डर की लापरवाही से तीन मजदूरों की जान चली गई ..जबकि अभी तक इस सोसाइटी में सभी खरीददार पूरी तरह से रहना भी शुरू नही किए हैं ..अब यहां के बायर्स वहां रहेंगे जिस बिल्डिंग में तीन बेबस गरीब मजदूरों की जान गई है ..

पूरा मामला T&T बिल्डर्स के साइट T-HOMES का है..जहां पर मजदूरों का काम करना सुरक्षित नहीं था और करंट लगने से तीन गरीब मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई है.. सिद्धार्थ विहार में T&T की कंस्ट्रक्शन साइट टी-होम्स के नाम से चल रही है..करोड़ों के फ्लैट यहां पर बेचे गए हैं ..पर इनको बनाने वालों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नही है ..इस साइट पर तीनों मजदूर 26 वें फ्लोर पर काम कर रहे थे और उन्हें करंट लग गया.. अब बताते हैं की इन मजदूरों का कितना मानवाधिकार है और कितनी मदद इनको प्रशासन से मिलती है ..थाना विजयनगर पुलिस को इस हादसे की सूचना दी जाती है..गाजियाबाद के थाना विजयनगर की पुलिस मौके पर पहुंची..मौके पर पुलिस को पता चला कि तीन मजदूरों को बिजली का करंट लगा है.. और मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया.. अस्पताल में तीनों मजदूरों को डॉक्टर ने मृत घोषित कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.. तीनों मजदूर पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे और पुलिस ने उनके परिवार को सूचना दे दी है..बस इतना काम प्रशासन ने किया इन मजदूरों के लिए जो मर गए ..

क्या प्रशासन की इतनी ही जिम्मेदारी है ..? क्या इस समाज के गरीब तबके के लोगों की जिंदगी की इतनी ही कीमत है ..? उन मजदूरों को इतना ही हक इस समाज में मिला है की सिर्फ पेट भरने के लिए जी-तोड़ मेहनत करते हुए मर जाएं .. ?

कीड़े- मकोड़े से जायदा नही समझते वो लोग जो इन मजदूरों के मौत को सिर्फ एक हादसा बना के भूल जाते हैं ..इस मामले में बिल्डर भी दोषी है जो करोड़ों कमा रहा है पर गरीब मजदूरों के सुरक्षा के लिए इंतजाम नही करता ..

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