उत्तराखंड डीजीपी की गड़बड़ियों की जांच यूपी के आईपीएस ने कैसे की?

उत्तराखंड के डीजीपी बीएस सिधू द्वारा देहरादून में खरीदे गए एक विवादित वन भूमि की यूपी के आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी पत्नी सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर के साथ वहां जा कर अपनी निजी हैसियत में जांच करना एक आदमी को इतना नागवार लगा कि उन्होंने इसकी वैधानिकता के सम्बन्ध में आरटीआई में कई सूचनाएँ मांग लीं.

रोशनाबाद, हरिद्वार के गोपाल पुत्र आशाराम ने अधिवक्ता अरुण भदोरिया के जरिये यूपी के प्रमुख सचिव गृह से आरटीआई में ना सिर्फ श्री ठाकुर की वर्तमान नियुक्ति और उनके अवकाश की जानकारी मांगी बल्कि यह भी माँगा कि एक प्रदेश का आईपीएस दूसरे प्रदेश के अपने से सीनियर आईपीएस के खिलाफ किस नियमावली में जांच कर सकता है.

साथ ही यह भी पूछा कि यह जांच करने के लिए श्री ठाकुर पर किस नियमावली में कार्यवाही हो सकती है और एक आईपीएस द्वारा अपने से सीनियर अफसर के खिलाफ व्यक्तिगत जांच कर प्रेस कांफ्रेंस करना किस नियमावली का उल्लंघन है.

वहीं नूतन ठाकुर का कहना है कि किसी भी आचरण नियमावली में निजी हैसियत में किसी अफसर के व्यक्तिगत कदाचरण की जांच करने और अपनी रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की कोई मनाही नहीं है. साथ ही एक अफसर के गलत कामों को सामने लाने की प्रशंसा करने की जगह उस पर ऊँगली उठाने को कष्टप्रद बताया है.

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