दिल्ली पुलिस में पदस्थ आईपीएस अफसर ने इंस्पेक्टर को पीटा, शिकायत प्रधानमंत्री तक पहुंची

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के इंस्पेक्टर कर्मवीर ने गृहमंत्री, उपराज्यपाल, पुलिस आयुक्त से गुहार लगाई है कि दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता/ नई दिल्ली जिला के डीसीपी मधुर वर्मा के खिलाफ थप्पड़ मारने, गाली गलौज करने और अवैध रूप से बंधक बनाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की जाए.. घटना 10 मार्च की रात को तुग़लक़ रोड …

पूर्व डीजीपी बृजलाल अपना खराब गुर्दा बदलवाने के लिए बहू का गुर्दा लेने पर आमादा हैं!

बृजलाल, उनकी पत्नी, पुत्र के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत कई संगीन धाराओं में लखनऊ के महिला थाने में पुत्रवधु ने दर्ज कराई नामजद रिपोर्ट लखनऊ : पूर्व डीजीपी बृजलाल अपनी बहू के साथ ये कैसी हरकत करते थे! अपना खराब गुर्दा बदलवाने के लिए अपनी बहू को गुर्दा दान देने के लिए मजबूर कर रहे …

एक IPS का सुसाइड नोट : ‘अपनी ही आईपीएस बिरादरी में कोई स्वाभिमानी अफसर नहीं बचा है!’

Ravish Kumar : मोदी को ममता, ममता को मोदी से बैलेंस के लिए नहीं है आईपीएस की आत्महत्या का मामला… पश्चिम बंगाल में एक सेवानिवृत्त आई पी एस अफसर ने आत्महत्या की है। अपने सुसाइड नोट में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ज़िम्मेदार ठहराया है। 1986 बैच के गौरव दत्त सस्पेंड किए गए थे और 2010 …

जसवीर सिंह जैसे आईपीएस अफसरों के चलते ही बची हुई है पुलिस की साख, देखें वीडियो

Yashwant Singh : आईपीएस जसवीर सिंह के बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं थी. पर जब हाल में ही उन्हें सस्पेंड किया गया तो पता चला कि इस बंदे को जहां जहां पनिशमेंट पोस्टिंग पर तैनात किया गया, वहां वहां घोटाला-घपला पकड़ा. आखिरकार रुल्स मैनुवल्स डिपार्टमेंट में बिठाकर कह दिया गया कि किसी भी टापिक …

योगी पर रासुका लगाने वाला आईपीएस सस्पेंड, वो इंटरव्यू पढ़ें जिसके चलते हुई कार्रवाई

लखनऊ : 1992 बैच के आईपीएस जसवीर सिंह को सस्पेंड किए जाने की खबर आ रही है. योगी सरकार ने इस आईपीएस को गुपचुप तरीके से सस्पेंड किया. आईपीएस जसवीर सिंह इन दिनों एडीजी रैंक के अफसर हैं और रूल्स मैनुअल में तैनात हैं. जसवीर सिंह को सस्पेंड किए जाने के पीछे जो वजह चर्चा …

थानेदार से लेकर पत्रकार तक को नापने वाले आईपीएस वैभव कृष्ण को सुनिए, देखें वीडियो

आइए नोएडा के एसएसपी वैभव कृष्ण की जुबानी सुनते हैं नोएडा के उस चर्चित केस के बारे में जिसमें थानेदार से लेकर पत्रकार तक नप गए हैं. उससे पहले थोड़ा सा डिटेल वैभव कृष्ण के जीवन और करियर के बारे में बता रहे हैं भड़ास एडिटर यशवंत सिंह. कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद …

जिस कुख्यात आईपीएस अफसर को जेल भेजना था, उसे कांग्रेसी सीएम दिल दे बैठा!

Rama Shankar Singh : सत्ता के चरित्र को बदल कर अच्छा जनोन्मुखी और कुशल राजकाज चलाना वास्तविक शिक्षा, गहन अध्धयन, ईमानदारी, अनुभव और विचार की प्रतिबद्धता से आता है। जनअंसतोष पर चढ कर चुनाव जीतना आसान काम है। जिस पुलिस अफसर को आज जेल भेजने का इंतज़ाम कर लेना चाहिये था वह पहले से बेहतर …

रवीश ने पूछा- पुलिस अफ़सर जब अपने IPS साथी के प्रति ईमानदार न हो सके तो इंस्पेक्टर के हत्यारों को पकड़ने में ईमानदारी बरतेंगे?

Ravish Kumar इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को नफ़रत से प्रोग्राम्ड रोबो-रिपब्लिक ने मारा है… कल यूपी पुलिस के जवानों और अफसरों के घर क्या खाना बना होगा? मुझे नहीं मालूम। इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की तस्वीर उन्हें झकझोरती ही होगी। नौकरी की निर्ममता ने भले ही पुलिस बल को ज़िंदगी और मौत से उदासीन बना …

इंस्पेक्टर हत्याकांड : एडीजी की ये दो तस्वीरें कुछ सवालों के साथ हो रहीं वायरल, देखें

Sheetal P Singh : ADG साहिब आपके कांधे पर जिस अपराइट ऑफिसर का मृत शरीर है उसकी और उस जैसों की अर्थी उस दिन से तैयार होना शुरू हुई थीं जिस दिन आप संविधान को धता बताकर सरकारी खर्चे पर कांवड़ियों के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर रहे थे! पुलिस का इकबाल खत्म करने …

निपट गया बाड़मेर का पत्रकार विरोधी एसपी मनीष अग्रवाल!

निर्वाचन आयोग की बाड़मेर एसपी पर गिरी गाज, राहुल बारहठ होंगे बाड़मेर के नए एसपी अशोक दईया / बाड़मेर निर्वाचन आयोग ने लेटर जारी करते हुए बाड़मेर एसपी मनीष अग्रवाल को एपीओ कर दिया और उनकी जगह बीकानेर एसपी राहुल बारहठ को बाड़मेर का कार्यभार सौंपा गया है। कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद …

जागो IPS जागो, खाकी को ख़ाक में मत मिलाओ!

आईपीएस अफसरों जागो, खाकी को ख़ाक में मत मिलाओ, पुलिस की साख दांव पर मत लगाओ। खाकी वर्दी पर आंच आए तो सबक सिखाना ज़रूरी है। आईपीएस अगर ईमानदार हो तो ईमानदार नजर आना ज़रूरी है। सत्ता के लठैत बन अपने निजी स्वार्थ के लिए पुलिस बल का मनोबल मत गिराओ। पुलिस का मनोबल गिरेगा …

बाड़मेर का एसपी मनीष अग्रवाल तो मीडिया और पत्रकारों का दुश्मन है!

मनीष अग्रवाल को पद से हटाने के लिए पत्रकारों ने शुरू किया अभियान… राजस्थान के बाड़मेर जिले का पुलिस अधीक्षक मनीष अग्रवाल दरअसल मीडिया और पत्रकारों का दुश्मन है. इसने अपने कार्यकाल में दो पत्रकारों के उपर पुलिसिया जुल्म ढाया. अभी हाल में ही आरपीएससी द्वितीय श्रेणी परीक्षा 2018 के हिन्दी विषय का पेपर सोशल …

योगी राज में कप्तान साहब जयकारा लगवा रहे- ‘बोलबम’! देखें वीडियो

यूपी के जिला अंबेडकर नगर के कस्बा टांडा में कावड़ यात्रा के दौरान फील्ड में उतरे पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने तेज आवाज में कहा- ”थोड़ा जयकारा लगवाओ बोलबम…”. कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

IPS Ajay Pal Sharma का ये वीडियो भड़ास के यूट्यूब चैनल पर बना नंबर वन, 32 लाख बार देखा गया

Yashwant Singh : जैसे आदमी को कुछ पता नहीं होता कि उसकी तकदीर, भाग्य, नियति में क्या लिखा-छिपा है… वैसे ही यूट्यूब पर चैनल चलाने वालों को पता नहीं होता कि व्यूवर किस वीडियो को सिर माथे पर लेकर उसे सरताज बना देगा और किन अच्छे खासे वीडियोज को ठुकरा कर किनारे लगा देगा…भड़ास के …

SSP नोएडा ने थ्रीव्हीलर और प्राइवेट कार पर बैठ यूं किया अपनी पुलिस का टेस्ट, देखें वीडियो

कुछ को सजा तो कुछ को दिया इनाम… गौतबुद्धगर उर्फ नोएडा के SSP डॉ. अजय पाल शर्मा ने सुरक्षा का रिएलिटी चेक किया. वे देर रात सादे ड्रेस में आम आदमी की तरह सड़क पर निकले. इसके लिए उन्होंने आटो से यात्राएं की. परी चौक से एक थ्रीव्हीलर में बैठकर जायजा लिया. बाद में वे …

तो ओपी सिंह को डीजीपी बनाने में योगी सरकार को ये दिक्कत महसूस हो रही है….

अजय कुमार, लखनऊ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनहित के तमाम फैसले तो धड़ाधड़ ले रहे हैं, लेकिन जमीन पर यह फैसले उम्मीद के अनुसार फलीभूत होते नहीं दिख रहे हैं, जिसका गलत मैसेज जनता के बीच जा रहा है, तो विपक्ष को सरकार पर हमलावर होने का मौका मिल रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि चूक कहां हो रही है?  क्या सरकारी मशीनरी योगी सरकार के मंसूबों पर पानी नहीं फेर रही है ? योगी की बार-बार की डांट-डपट के बाद भी नौकरशाही के कानों पर जूं क्यों नहीं रेंग रही है ? चर्चा यह भी है कि ब्यूरोक्रेसी के दिलो-दिमाग में यह बात घर कर गई है कि यूपी की सरकार पीएमओ से चल रही है ? सरकार के गठन के समय प्रमुख और मुख्य सचिव से लेकर अब पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति तक में जिस तरह की फजीहत योगी सरकार की हो रही है, उससे ब्यूरोक्रेसी के बीच यही मैसेज गया है कि यूपी में सभी प्रमुख पदों पर नौकरशाही की नियुक्ति में योगी नहीं, केन्द्र की मोदी सरकार की चल रही है. वह महत्वपूर्ण पदों पर अपने हिसाब से अपने पसंद के अधिकारियों का बैठा रहा है, ताकि केन्द्रीय योजनाओं को पीएम की इच्छा के अनुरूप लागू किया जा सके. 2019 के लोकसभा चुनावों को देखते हुए ऐसा आवश्यक भी बताया जा रहा है.

इस लड़की के सवाल ने आईपीएस द्वारा नारी सुरक्षा पर दिए भाषण की निकाल दी हवा, देखें वीडियो

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आजकल नारी सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया  जा रहा है. इसी क्रम में आगरा पुलिस भी शहर भर के कॉलेज व स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम करा रही है. आगरा के बीडी जैन गर्ल इंटर कॉलेज में नारी जागरूकता कार्यक्रम में एसएसपी अमित पाठक ने छात्राओं को सुरक्षा और अपराध के बारे में कई सारी जानकारियां दी. पर बाद में एक लड़की ने नारी सुरक्षा को लेकर कुछ ऐसे सवाल मीडिया के सामने दागे जिससे पूरे आयोजन और भाषण की सार्थकता पर सवाल उठ गया.

भाजपा राज में भी अशोक खेमका और अमिताभ ठाकुर के साथ न्याय नहीं हुआ!

Surya Pratap Singh : मेरे सहयोगी अशोक खेमका, IAS ने आज ट्विटर पर निम्न विचार लिखा ….

आईपीएस अफसरों पर मुकदमों की सूचना गृह मंत्रालय में नहीं है!

गृह मंत्रालय के पास आईपीएस अफसरों पर आपराधिक मुकदमों की सूचना नहीं है. यह तथ्य आईपीएस अफसरों के मामलों को देखने वाली गृह मंत्रालय की पुलिस डिवीज़न-एक द्वारा आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर को आईपीएस अफसरों पर दर्ज आपराधिक मुकदमों की सूचना मांगे जाने पर बताया गया है. जहाँ गृह मंत्रालय ने यह प्रार्थनापत्र नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो को अपने स्तर से उचित उत्तर देने हेतु भेजा है, वहीँ उसने यह भी स्वीकार किया है कि आईपीएस अफसरों पर दर्ज होने वाले आपराधिक मुकदमों की सूचना की पत्रावली उसके द्वारा नहीं रखी जाती है. नूतन ने अनुसार आईपीएस अफसरों के कैडर नियंत्रण संस्था होने के बाद भी गृह मंत्रालय के पास यह बुनियादी सूचना उपलब्ध नहीं होना उनकी लापरवाही को दर्शाता है.

अलीगढ़ के एसएसपी राजेश पांडेय की इस संवेदनशीलता को आप भी सलाम कहेंगे

आमतौर पर पुलिस महकमे से जुड़े लोगों को रुखा-सूखा और कठोर भाव-भंगिमाओं वाला आदमी माना जाता है. लेकिन इन्हीं के बीच बहुतेरे ऐसे शख्स पाए जाते हैं जिनके भीतर न सिर्फ भरपूर संवेदनशीलता होती है बल्कि वे अपने समय के साहित्य से लेकर कला और जनसरोकारों से बेहद नजदीक से जुड़े होते हैं. किसी जिले का पुलिस कप्तान वैसे तो अपने आप में दिन भर लूट हत्या मर्डर घेराव आग आदि तरह-तरह के नए पुराने अपराधों-केसों में उलझ कर रह जाने के लिए मजबूर होता है लेकिन वह इस सबके बीच अपने जिले की साहित्य की किसी बड़ी शख्सियत से इसलिए मिलने के लिए समय निकाल ले कि उनकी सेहत नासाज़ है तो यह प्रशंसनीय बात है.

भ्रष्ट और चापलूस अफसरों ने सीएम योगी के हाथों आईएएस एनपी सिंह और आईपीएस सुभाष चंद्र दुबे के करियर का कत्ल करा दिया!

सुभाष चंद्र दुबे तो लगता है जैसे अपनी किस्मत में लिखाकर आए हैं कि वे सस्पेंड ज्यादा रहेंगे, पोस्टेड कम. सुल्तानपुर के एक साधारण किसान परिवार के तेजस्वीय युवक सुभाष चंद्र दुबे जब आईपीएस अफसर बने तो उनने समाज और जनता के हित में काम करने की कसम ली. समझदार किस्म के आईपीएस तो कसमें वादे प्यार वफा को हवा में उड़ाकर बस सत्ता संरक्षण का पाठ पढ़ लेते हैं और दनादन तरक्की प्रमोशन पोस्टिंग पाते रहते हैं. पर सुभाष दुबे ने कसम दिल से खाई थी और इसे निभाने के लिए अड़े रहे तो नतीजा उनके सामने है. वह अखिलेश राज में बेईमान अफसरों और भ्रष्ट सत्ताधारी नेताओं की साजिशों के शिकार होते रहे, बिना गल्ती सस्पेंड होते रहे.

चर्चित और जनपक्षधर आईपीएस सुभाष चंद्र दुबे का गाजीपुर में जन सम्मान कल

यूपी के गाजीपुर जिले के पुलिस कप्तान और चर्चित आईपीएस अधिकारी सुभाष चंद्र दुबे का जन सम्मान कल (27 अप्रैल 2017) को गाजीपुर शहर स्थित जिला पंचायत सभागार में सुबह ग्यारह बजे से किया जाएगा. भड़ास4मीडिया के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर के आम जन के प्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के गणमान्य लोग शिरकत करेंगे. कार्यक्रम में मुख्य वक्ता भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह होंगे. कार्यक्रम में प्रवेश नि:शुल्क रहेगा और कोई भी व्यक्ति शामिल होकर अपनी बात रख सकेगा.

आईएएस एनपी सिंह और आईपीएस सुभाष चंद्र दुबे, ये दो अफसर क्यों हैं तारीफ के काबिल, बता रहे यशवंत

Yashwant Singh : इधर बीच 2 अफसरों से मिलना हुआ। एक आईएएस और दूसरे आईपीएस। क्या कमाल के लोग हैं दोनों। इनसे मिल कर ये तो संतोष हुआ कि ईमानदारी और दबंगई की जुगलबन्दी के जो कुछ स्पार्क शेष हैं इस महाभ्रष्ट सिस्टम में, वे ही जनाकांक्षाओं में उम्मीद की लौ जलाए हुए हैं। इन दोनों अफसरों के बारे में थोड़ा-सा बताना चाहूंगा। इनके नाम हैं- आईएएस एनपी सिंह और आईपीएस सुभाष चंद्र दुबे। एक नोएडा के डीएम, दूजे गाजीपुर के पुलिस कप्तान।

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आईपीएस हिमांशु के निलंबन के बाद बोले अमिताभ ठाकुर- ‘सरकारी कर्मी को मिले घटनाक्रम पर टिप्पणी का अधिकार’

आईपीएस अफसर हिमांशु कुमार के निलंबन से उठ रहे हंगामे के बीच आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने अपने फेसबुक पर लिखा कि उनका व्यक्तिगत मत है कि बदलते समय में सरकारी कर्मी को भी विभिन्न विषयों और घटनाचक्र पर अपना मंतव्य देने का अधिकार मिलना चाहिए, जब तक वह मंतव्य देश की सुरक्षा, संरक्षा आदि से न जुड़ा हो अथवा अपने शासकीय पद की गोपनीयता भंग कर नहीं दिया जा रहा हो.  अमिताभ के अनुसार किसी स्तर पर किसी प्रकार के भ्रष्टाचार, सामान्य घटनाक्रम आदि पर सरकारी कर्मी को टिप्पणी करने का अधिकार देना पारदर्शिता, बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और अभिव्यक्ति की आज़ादी के हित में है. उन्होंने कहा कि इस पर रोक लगाने विषयक नियम को उन्होंने हाई कोर्ट में चुनौती दी है जो अभी विचाराधीन है.

सीएम योगी ने आईपीएस हिमांशु कुमार को निलंबित कर दिया

यूपी के युवा आईपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार को पुलिस विभाग के अंदर की पोल खोलना महंगा पड़ गया. उन्हें मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने निलंबित कर दिया है. कहा जा रहा है कि इस कदम के बाद यूपी को एक नया अमिताभ ठाकुर मिल गया है, हिमांशु कुमार के रूप में, बशर्ते हिमांशु कुमार अपनी लड़ाई पूरे जोश और दम के साथ लड़ सकें. संभव ये भी है कि वे मामले को रफादफा करा कर फिर से बहाल हो सकते हैं. हालांकि हिमांशु ने सस्पेंड होेने के बाद ट्विटर पर लिखा है कि सत्य की जीत होती है. यानि उन्होंने इरादे जता दिए हैं कि वे झुकेंगे नहीं.

पांडे जी पांडे जी… गो माता को कटवाता जी…

Yashwant Singh : पुलिस अफसर अगर इमानदार बन जाएं, सत्ताधारियों की परवाह करना बंद कर दें और अपना दायित्व निभाते हुए काले कारनामे वालों का स्टिंग करना शुरू कर दें तो बस हफ्ते भर में सारी बुराइयां दूर हो जाएंगी… एक आईपीएस अफसर ने एक स्टिंग किया.. नतीजा हुआ, तबादला.. पुरानी लेकिन रोचक कहानी है… पता नहीं राणा साहब इन दिनों कहां पोस्टेड हैं…

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डीआईजी विजय भूषण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘मनोरोगी’ बताया!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में तैनात डीआईजी विजय भूषण ने एक अजीबोगरीब पोस्ट को साझा किया है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘मनोरोगी’ बताया गया है. एक बड़े पद पर आसीन पुलिस अफसर द्वारा अपने प्रधानमंत्री पर अभद्र टिप्पणी का यह मामला तूल पकड़ता, उससे पहले ही अफसर ने सफाई दे दी कि सिस्टम जनरेटेड इरर के कारण यह पोस्ट कई ह्वाट्सएप ग्रुपों में गलती से शेयर हो गया.

केंद्र सरकार ने आईपीएस अमिताभ ठाकुर के कैडर परिवर्तन से मना किया

यूपी कैडर आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर द्वारा मुलयम सिंह धमकी मामले के बाद से उन्हें नौकरी में कई प्रकार से प्रताड़ित किये जाने और कई अत्यंत ताकतवर लोगों द्वारा उन्हें जान को वास्तविक खतरा होने की बात कहते हुए 16 जून 2016 को गृह मंत्रालय, भारत सरकार को अपने कैडर परिवर्तन हेतु प्रेषित अनुरोध को केंद्र सरकार से अस्वीकृत कर दिया है.

यूपी में अब मेरा काम कर पाना संभव नहीं : आईपीएस अमिताभ ठाकुर

यूपी कैडर आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने गृह मंत्रालय, भारत सरकार को दुबारा पत्र लिख कर अपना कैडर यूपी के बाहर किसी अन्य राज्य में किये जाने की मांग की है. अमिताभ ने मुलयम सिंह धमकी मामले के बाद से उन्हें नौकरी में कई प्रकार से प्रताड़ित किये जाने और कई अत्यंत ताकतवर लोगों द्वारा उन्हें जान को वास्तविक खतरा होने की बात कहते हुए 16 जून 2016 को गृह मंत्रालय, भारत सरकार को अपने कैडर परिवर्तन हेतु आवेदन उत्तर प्रदेश सरकार के माध्यम से भेजा था. उन्होंने 22 सितम्बर को इस सम्बन्ध में पुनः अनुरोध किया था. 

देवरिया के खरवनिया गांव में क्यों जुटते है बड़े-बड़े आईएएस और आईपीएस अधिकारी?

अफसरों को नतमस्तक करने वाली कौन सी जादू की छड़ी है नन्द लाल जायसवाल और रामजी जायसवाल के पास?  देवरिया 17 नवम्बर : एक तरफ प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव जहां प्रशासनिक अधिकारियों को ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता का पाठ पढ़ाने में सदैव आगे रहते है वहीं प्रशासनिक वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री के उक्त आदेश को ठेंगा दिखाने में पीछे नहीं रहते है। वे भूमाफिया और अनेकों आरोपों से घिरे विवादित धन्ना सेठों के यहां पहुंच कर उनका महिमा मंडन करते हैं तथा उपकृत होते है। यहीं नहीं, ये प्रशासनिक अधिकारी जहां आम जनता से बड़ी मुश्किल मिलते हैं वहीं धन कुबेरों के घरों पर जाकर घण्टों बैठकर आनन्दित होते रहते है तथा महफिल सजाते हैं।