IPS को फोन कर धमकाने के मामले में पुलिस ने फिर नहीं माना मुलायम को दोषी, पढ़ें सीओ की रिपोर्ट

10 जुलाई 2015 को आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को फोन द्वारा दी गयी धमकी के सम्बन्ध में दर्ज मामले में लखनऊ पुलिस ने मुलायम सिंह यादव को दोषी नहीं माना है. 12 अक्टूबर 2018 को सीजेएम लखनऊ को भेजी अपनी आख्या में विवेचक सीओ बाज़ारखाला अनिल कुमार यादव ने कहा है कि 26 जुलाई 2018 …

आय से अधिक संपत्ति के मामले में आईपीएस अमिताभ ठाकुर निर्दोष पाए गए

Nutan Thakur : आय से अधिक संपत्ति मामले का कड़वा सच. राजनैतिक दवाब में विजिलेंस ने फर्जी जाँच कर मेरी संपत्ति को भी मेरे पति अमिताभ ठाकुर की संपत्ति बता कर उनकी आय रु० 1,17,99,465 तथा व्यय/संपत्ति रु० 2,16,11,629 बता कर उन पर रु० 98,12,164 के अनानुपतिक आय का मुक़दमा लिखवा दिया था. कृपया हमें …

असली दबंग आईपीएस : जो न सीएम से डरा, न नेताओं से झुका (देखें वीडियो)

इसे असली दबंग कहते हैं. यह आईपीएस अफसर न सीएम से डरता है और न ही सीएम के पिता यानि नेताजी के धमकाने पर झुकता है. इस आईपीएस का नाम है अमिताभ ठाकुर. चाहें मायावती सीएम रहीं हों या अखिलेश यादव या फिर ये योगीराज, इस आईपीएस से सब डरते हैं. इस आईपीएस का खौफ इस कदर है कि इसकी एक शिकायत पर पूरा थाने का थाना सस्पेंड हो जाता है. गाजियाबाद के साहिबाबाद थाने का प्रकरण ताजा है जहां एक निर्दोष को पहले तो मारा जाता है फिर अनाम दिखाकर चुपचाप अंतिम संस्कार कर दिया जाता है.

भाजपा राज में भी अशोक खेमका और अमिताभ ठाकुर के साथ न्याय नहीं हुआ!

Surya Pratap Singh : मेरे सहयोगी अशोक खेमका, IAS ने आज ट्विटर पर निम्न विचार लिखा ….

एयर इंडिया को खुद के निजीकरण और पीएमओ को पीएम की विदेश यात्रा के बारे में नहीं पता!

एयर इंडिया, जिसके निजीकरण के सम्बन्ध में पिछले दिनों लगातार चर्चा चल रही है, को अपने स्वयं के निजीकरण के सम्बन्ध में कोई जानकारी नहीं है. आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर ने एयर इंडिया से उसके निजीकरण के सम्बन्ध में उसके तथा अन्य कार्यालयों में हुए पत्राचार सहित निजीकरण प्रस्ताव विषयक समस्त अभिलेख देने का अनुरोध किया था. एयर इंडिया के एजीएम (ओए) एस के बजाज ने 11 जुलाई 2017 के अपने पत्र द्वारा बताया कि एयर इंडिया ने किसी प्रस्तावित निजीकरण के सम्बन्ध में किसी भी कार्यालय से कोई पत्राचार नहीं किया है और न ही उसे इस सम्बन्ध में कोई भी पत्र प्राप्त हुआ है. अतः उसे प्रस्तावित निजीकरण के सम्बन्ध में कोई सूचना नहीं है. नूतन के अनुसार यह आश्चर्यजनक है कि जिस कंपनी का निजीकरण प्रस्तावित है, वह ही इस पूरी प्रक्रिया से अलग रखा गया दिख रहा है.  

विदेशमंत्री से गुहार पर आयरलैंड में भारतीय छात्र को मदद

आयरलैंड के ट्रिनिटी कॉलेज, डबलिन में भारतीय पीएचडी छात्र लखनऊ निवासी आईआईटी कानपुर के बी टेक स्नातक गोकरण शुक्ला के मामले में यूपी कैडर आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर द्वारा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और आयरलैंड में भारतीय एम्बेसी को शिकायत करने के बाद संत विन्सेंट अस्पताल, डबलिन के मनोविज्ञान विभाग से मुक्त कर दिया गया है.

वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश मिश्र और चर्चित पुलिस अफसर अमिताभ ठाकुर ने सीएम योगी से की मुलाकात

लखनऊ से खबर आ रही है कि वरिष्ठ पत्रकार और नेशनल वायस चैनल के एडिटर इन चीफ ब्रजेश मिश्र ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. दोनों के बीच देर तक प्रदेश की समस्याओं और पत्रकारिता को लेकर बातचीत हुई. योगी के सीएम बनने के बाद ब्रजेश मिश्र पहले पत्रकार हैं जिन्हें मुख्यमंत्री योगी ने मिलने के लिए बुलाया. ईटीवी को यूपी में चमकाने वाले ब्रजेश मिश्र इन दिनों नेशनल वायस न्यूज चैनल का संचालन कर रहे हैं. चुनाव के दौरान ब्रजेश मिश्र ने पूरे राजनीतिक हालात का सटीक ब्योरा चैनल पर दिया और पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि बीजेपी बहुत ज्यादा सीटों से बहुमत हासिल कर रही है.

अमिताभ ठाकुर के अच्छे दिन शुरू, पुलिस ने रेप के मुकदमे को झूठा मान लिया

Amitabh Thakur : 20 महीने बाद आज पुलिस ने हाई कोर्ट के सामने स्वीकार किया कि मुझ पर और मेरी पत्नी पर लगाया गया बलात्कार का मुक़दमा झूठा पाया गया और उसमे अंतिम रिपोर्ट लगाई जा रही है, लेकिन क्या पुलिस की इस अंतिम रिपोर्ट से 20 महीने तक बलात्कार का झूठा मुलजिम होने का दंश समाप्त हो पायेगा?

अब कैडर परिवर्तन नहीं चाहते आईपीएस अमिताभ ठाकुर

यूपी कैडर आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर अब उत्तर प्रदेश से अपना कैडर परिवर्तन नहीं चाहते हैं. आज उन्होंने सचिव, गृह मंत्रालय, भारत सरकार को पत्र भेज कर कहा कि उन्होंने पूर्व में मुलायम सिंह धमकी के बाद उन्हें और उनके परिवार को कई अत्यंत ताकतवर लोगों से जान को वास्तविक खतरा होने की बात कहते हुए कैडर परिवर्तन हेतु प्रेषित प्रत्यावेदन दिया है.

केंद्र सरकार ने आईपीएस अमिताभ ठाकुर के कैडर परिवर्तन से मना किया

यूपी कैडर आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर द्वारा मुलयम सिंह धमकी मामले के बाद से उन्हें नौकरी में कई प्रकार से प्रताड़ित किये जाने और कई अत्यंत ताकतवर लोगों द्वारा उन्हें जान को वास्तविक खतरा होने की बात कहते हुए 16 जून 2016 को गृह मंत्रालय, भारत सरकार को अपने कैडर परिवर्तन हेतु प्रेषित अनुरोध को केंद्र सरकार से अस्वीकृत कर दिया है.

आईपीएस अमिताभ ठाकुर का कैडर केस तीन माह में निस्तारित करने का आदेश

केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की लखनऊ बेंच ने भारत सरकार को आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर द्वारा कैडर परिवर्तन हेतु प्रेषित आवेदन पर 03 माह में निर्णय लेने के आदेश दिए हैं. न्यायिक सदस्य जस्टिस विष्णु चन्द्र गुप्ता की बेंच ने यह आदेश अमिताभ की अधिवक्ता डॉ नूतन ठाकुर, केंद्र सरकार के अधिवक्ता शत्रोघन लाल तथा राज्य सरकार के अधिवक्ता सुदीप सेठ को सुनने के बाद दिया. 

यूपी में अब मेरा काम कर पाना संभव नहीं : आईपीएस अमिताभ ठाकुर

यूपी कैडर आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने गृह मंत्रालय, भारत सरकार को दुबारा पत्र लिख कर अपना कैडर यूपी के बाहर किसी अन्य राज्य में किये जाने की मांग की है. अमिताभ ने मुलयम सिंह धमकी मामले के बाद से उन्हें नौकरी में कई प्रकार से प्रताड़ित किये जाने और कई अत्यंत ताकतवर लोगों द्वारा उन्हें जान को वास्तविक खतरा होने की बात कहते हुए 16 जून 2016 को गृह मंत्रालय, भारत सरकार को अपने कैडर परिवर्तन हेतु आवेदन उत्तर प्रदेश सरकार के माध्यम से भेजा था. उन्होंने 22 सितम्बर को इस सम्बन्ध में पुनः अनुरोध किया था. 

यादव कुल में लातम-जूतम : कहीं आईपीएस अमिताभ ठाकुर और पत्रकार यशवंत सिंह के श्रापों-आहों का असर तो नहीं!

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी में भयंकर ड्रामा चरम पर है. सारे चेहरे बेनकाम हो रहे हैं, मुलायम सिंह यादव से लेकर रामगोपाल यादव तक और शिवपाल यादव से लेकर अखिलेश यादव तक. हर कोई स्वार्थ, लिप्सा और सत्ता की चाहत में किसी भी लेवल पर गिरने को तैयार है. जनता हक्की बक्की देख रही है. उधर, कुछ लोगों का कहना है कि आईपीएस अमिताभ ठाकुर व भड़ास फेम पत्रकार यशवंत सिंह जैसे बहादुर, ईमानदार और सरोकारी लोगों के साथ सपा की इस सरकार के राज में जो जो बुरा बर्ताव किया गया, उसकी आहों व बददुवाओं का असर है कि अखिलेश यादव राज बवंडर में है और यादव कुल के किसी भी व्यक्ति का जीवन शांत नहीं रह गया है.

आईपीएस को फोन पर धमकाने के मामले में मुलायम की मुश्किलें बढ़ीं, पुलिस रिपोर्ट खारिज, आवाज़ मिलान के आदेश

सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव द्वारा आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को मोबाइल फोन से दी गयी धमकी के सम्बन्ध में दर्ज एफआईआर में हजरतगंज पुलिस द्वारा लगाये गए अंतिम रिपोर्ट को अदालत ने ख़ारिज कर दिया है. सीजेएम लखनऊ संध्या श्रीवास्तव ने अपने आदेश में कहा कि केस डायरी से स्पष्ट है कि विवेचक ने कॉम्पैक्ट डिस्क में अंकित वार्तालाप की आवाज़ का नमूना परीक्षण नहीं कराया है और मात्र मौखिक बयान दर्ज कर के अंतिम रिपोर्ट प्रेषित कर दिया है.

यूपी के जंगलराज से परेशान आईजी अमिताभ ठाकुर ने कैडर चेंज की मांग की

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने गृह मंत्रालय, भारत सरकार को उन्हें उत्तर प्रदेश से किसी अन्य कैडर में भेजने हेतु प्रत्यावेदन दिया है. आईपीएस कैडर नियमावली के नियम 5(2) में कैडर परिवर्तन हेतु जीवन भय की स्थिति उत्पन्न होने की अनिवार्यता को बताते हुए अमिताभ ने अपने प्रत्यावेदन में कहा कि उन्हें और उनकी पत्नी एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, जिन्होंने उन्हें फोन पर धमकी दी थी और खनन मंत्री गायत्री प्रजापति, जिनके खिलाफ नूतन ने लोकायुक्त को शिकायत की थी, से जान का सीधा खतरा है.

यूपी में डीआईजी ने सिपाही को बेवजह पीटा तो न्यायप्रिय आईजी ने डीआईजी के खिलाफ मोर्चा खोला

Amitabh Thakur : डीआईजी फैजाबाद ने सिपाही को पीटा, वर्दी नोची! फैजाबाद पुलिस लाइन के आरक्षी श्री जुबैर अहमद ने आज मेरे पास आ कर बताया कि कल रात 05 जून करीब 12 बजे डीआईजी फैजाबाद श्री विजय कुमार गर्ग ने उन्हें मात्र इसीलिए भद्दी गलियां दीं और मारपीट की क्योंकि वे कथित रूप से फोन का बज़र नहीं सुन पाए थे. श्री जुबैर ने बताया कि श्री गर्ग ने उन्हें डंडों से मारा और उनकी वर्दी तक नोच डाली.

यूपी के आईजी अमिताभ ठाकुर का आरोप- मथुरा कांड के सबसे बड़े गुनाहगार शिवपाल सिंह यादव!

Amitabh Thakur : स्पष्ट गंभीर प्रशासनिक अकर्मण्यता के चलते इतने सारे लोगों की मौत के जिम्मेदार डीएम और एसएसपी मथुरा का मात्र ट्रांसफर पूर्णतया अपर्याप्त है और न्याय-हित में इनका तत्काल निलंबन अपरिहार्य प्रतीत होता है. मथुरा की घटना गलत पैसे को हासिल करने की हवस और अनैतिक राजनैतिक शह का ज्वलंत उदहारण है. मेरी समझ के अनुसार इस घटना के सबसे बड़े गुनाहगार श्री शिवपाल सिंह यादव हैं.

आईजी अमिताभ ठाकुर ने यूपी के मुख्य सचिव आलोक रंजन को बेशर्म कहा

Amitabh Thakur : यूपी के मुख्य सचिव आलोक रंजन पर 02 क्लास IV कर्मियों को अवैध रूप से घरेलू काम पर रखते हुए, अपने लड़के की शादी में एक बिल्डर द्वारा दिए गए 30 लाख के हीरों का हार चोरी होने के शक में, उन सरकारी कर्मियों को 02 माह के अवैध पुलिस हिरासत में रख कर मारपीट और लाई-डिटेक्शन टेस्ट कराने का संगीन आरोप लगा. बेशर्म लोग! ऐसे लोग मेरे जैसे अफसर का निलंबन करते हैं.

भाड़ की औकात बता दिया अकेले चने ने, अमिताभ ठाकुर को बधाई….

Braj Bhushan Dubey : भाड़ की औकात बता दिया अकेले चने ने। अमिताभ ठाकुर को बधाई…. मुख्‍यमंत्री जी के पिता पर अपराध दर्ज कराने से लेकर अपराधी, तस्‍कर, रिश्‍वतखोरों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने वाले अमिताभ ठाकुर सीएम व उनके परिवार का कोप भाजन बन दस माह तक निलम्बित रहे। सत्‍याग्रह, लिखना पढना और उचित माध्‍यम से लेकर कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया तब जाकर हुआ निलम्‍बन वापस।

अमिताभ ठाकुर आईजी बन कर पूरी ठसक के साथ अपने आफिस में बैठे हैं

लखनऊ : मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान केवल सात दिन की तैनाती पाये वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे को दंगा न सम्‍भाल पाने को लेकर शासन ने दोषी ठहराया। दुबे को इस आरोप में मुजफ्फरनगर से हटाकर लखनऊ में पुलिस महानिदेशक कार्यालय में सम्‍बद्ध कर दिया गया और इसके 15 दिन बाद उन्‍हें निलम्बित भी कर दिया गया। अब हकीकत यह देखिये। सुभाष च्रंद्र दुबे की कार्यशैली बेदाग रही है। दुबे जहां भी रहे, अपनी कुशलता के झंडे गाड़ दिया। दंगा शुरू होने पर दुबे को शासन ने खासतौर पर सहारनपुर भेजा था। तब तक मुजफ्फरनगर में अपर महानिदेशक कानून-व्‍यवस्‍था, आर्इजी, डीआईजी समेत कई अधिकारी भी तैनात थे, ताकि वे अपनी निगरानी में दंगा सम्‍भालने की कोशिश करें। लेकिन प्रमुख गृह सचिव ने इसी बीच सात दिन की तैनाती के बाद ही दुबे को डीजीपी कार्यालय में अटैच कर दिया था।

अपने मित्र Amitabh Thakur की ये फोटो मुझे बहुत पसंद है…

अपने मित्र Amitabh Thakur की ये फोटो मुझे बहुत पसंद है..

जानते हैं क्यों?

इसमें मुझे नए दौर का एक ऐसा डिजिटल हीरो दिखता है

जो अपने चश्मे में पूरा ब्रह्मांड समेटे है

IPS urges no further extension on property return in Lokpal Act

IPS officer Amitabh Thakur has demanded that no further extension be given for providing the annual property return under the Lokpal and Lokayukta Act 2013. In his letter to Secretary, Department of Personnel and Training (DOPT), Government of India, he said that sub-section 4 of section 44 of the Act asks each public servant to provide annual property returns of himself, spouse and dependents, while sub section 6 asks the Department to present this information on the respective Departmental websites.

आज़म खान के खिलाफ जनता को भड़काने के आरोप में रामपुर कोतवाली में अमिताभ ठाकुर और नतून ठाकुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज

Amitabh Thakur : नूतन और मुझ पर कैबिनेट मंत्री आज़म खान के खिलाफ लोगों को भड़काने के आरोप में रामपुर के कोतवाली थाने में मुक़दमा अ०स० 57/2016 धारा 153ए आईपीसी दर्ज हुआ है. पक्का बाग़ निवासी सोनू कठेरिया द्वारा कल (14 मार्च को) थाने को दिए गए प्रार्थनापत्र के अनुसार रविवार (13 मार्च) सुबह करीब 10 बजे हम दोनों ने स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता दानिश खान के साथ मंत्री आज़म खान के खिलाफ धर्म और जाति के नाम पर भड़काया.

जंगलराज के खिलाफ सीएम अखिलेश यादव के आवास के सामने धरने पर बैठ गया एक आईपीएस आफिसर, देखें तस्वीरें

उत्तर प्रदेश के निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर प्रदेश ने प्रदेश सरकार पर जंगलराज, मनमानी और अन्याय का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आवास के सामने वाली सड़क पर धरने पर बैठ गए. अमिताभ ठाकुर ने अपने निलंबन के आठ महीने के बाद भी खुद को नौकरी पर बहाल न किए जाने और बुजुर्ग को थप्पड़ मारने वाले पुलिस अफसर को मात्र आठ दिनों बाद ही बहाल किए जाने को लेकर सरकार की पक्षपाती मंशा पर सवाल खड़ा किया. इसी अन्याय के खिलाफ वह धरने पर बैठे. धरने पर बैठने की घोषणा वह पहले ही कर चुके थे.

आईपीएस अमिताभ ठाकुर पर बन रही शार्ट फिल्म का प्रोमो और पोस्टर रिलीज

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह की फोन धमकी पर डार्क लाइट फिल्म्स द्वारा बनायी जा रही शॉर्ट-फिल्म “अमिताभ: द स्ट्रगल कंटीन्यूज” का पहला पोस्टर और प्रोमो रिलीज़ किया गया. यह लगभग तीस मिनट की फिल्म होगी जिसमे अमिताभ की पत्नी नूतन ठाकुर द्वारा खनन मंत्री गायत्री प्रजापति के खिलाफ लोकायुक्त के सामने दी गयी शिकायत के बाद की घटनाओं और इसकी पृष्ठभूमि में मुलायम सिंह द्वारा दी गयी धमकी और उसके बाद से अमिताभ और नूतन के साथ घट रही घटनाओं को सिनेमाई अंदाज़ में प्रस्तुत किया जाएगा.

भारत सरकार ने कोर्ट में कहा- अगर अफसरों को मौलिक अधिकार चाहिए तो पहले इस्तीफा दें

इलाहाबाद हाई कोर्ट के लखनऊ बेंच में आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर द्वारा आईएएस, आईपीएस अफसरों द्वारा सरकारी कार्य और नीतियों की आलोचना पर लगे प्रतिबन्ध को ख़त्म करने हेतु दायर याचिका में भारत सरकार ने कहा है कि यह रोक लोक शांति बनाए रखने के लिए लगाई गयी है. राजीव जैन, उपसचिव, डीओपीटी द्वारा दायर हलफनामे के अनुसार प्रत्येक सेवा संविदा में कुछ मौलिक अधिकारों का हनन होता है.

अमिताभ ठाकुर और संघ के खिलाफ अभद्र भाषा इस्तेमाल करने पर आजम खान के खिलाफ परिवाद दर्ज

Amitabh Thakur : आज़म खान पर परिवाद दर्ज.. मैंने मंत्री श्री आज़म खान द्वारा कल रामपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और मेरे लिए अत्यंत अभद्र भाषा और शब्दों का प्रयोग करने के सम्बन्ध में सीजेएम लखनऊ के समक्ष शिकायत दायर किया. सीजेएम श्री हितेंद्र हरि ने शिकायत को परिवाद के रूप में दर्ज करते हुए मेरा धारा 200 सीआरपीसी में बयान दर्ज करने के लिए 15 दिसंबर 2015 नियत किया. श्रीआज़म खान ने रामपुर में पत्रकार वार्ता में मेरे लिए प्रशासनिक अधिकारी के नाम पर कलंक जैसे शब्दों का प्रयोग किया था. साथ ही उन्होंने आरएसएस के लिए अत्यंत दूषित शब्दों का भी प्रयोग किया था. मैंने इन्हें धारा 500 आईपीसी में मानहानि और धारा 153, 153ए, 504, 505 आईपीसी के अधीन समाज में विद्वेष फ़ैलाने वाला अपराध बताते हुए कार्यवाही की प्रार्थना की है.

मुलायम से पंगा लेने वाले आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर भाजपा में शामिल होंगी

मैंने आज भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया है. राजनीति में आने के मेरे फैसले का मुख्य कारण है कि मैंने अपने सामाजिक कार्यों के दौरान यह अनुभव किया कि वृहत्तर स्तर पर समाज की सेवा कर पाने और अधिक प्रभाव के सामने अपनी बात रख पाने के लिए एक राजनैतिक पार्टी के मजबूत संबल की बहुत अधिक जरुरत है. भाजपा में शामिल होने के मुख्य कारण यह हैं कि इस पार्टी में वंशवाद नहीं है, इसमें सर्वाधिक आतंरिक प्रजातंत्र है, यह विभिन्न वगों में विभेद नहीं करता है, एक अखिल भारतीय पार्टी है और राष्ट्रीयता की भावना पर आधारित है. जल्द ही मैं औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण करुँगी.

मैंने अमिताभ ठाकुर को फोन पर समझाया था, मेरा आशय डराना या धमकाना नहीं था : मुलायम सिंह यादव

Amitabh Thakur : मेरे केस में श्री मुलायम सिंह का कथित बयान जो विवेचक श्री के एन तिवारी, थाना हजरतगंज ने कथित तौर पर 30 सितम्बर 2015 को उनके 05 विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर जा कर लिया था-

एक जनपक्षधर आईपीएस के सामने बौनी साबित हो गई देश के सबसे बड़े सूबे की पूर्ण बहुमत वाली सरकार

इसे कहते हैं जनपक्षधरता की ताकत. लोग कहते हैं कि अगर आप नियम कानून पर चलेंगे, ईमानदारी व सत्य की वकालत करेंगे, आम जन के हितों को देखकर काम करेंगे तो आजकल का भ्रष्ट सिस्टम आपको कहीं का नहीं छोड़ेगा. लेकिन बात जब अमिताभ ठाकुर जैसे आईपीएस की हो तो लगता है कि नहीं, अब भी लड़ने वाले लोग अकेले होकर भी पूरे सिस्टम को अपने सामने झुकने, बौना दिखने के लिए मजबूर कर सकते हैं. उत्तर प्रदेश सरकार के भ्रष्ट मंत्रियों और भ्रष्ट नीतियों की पोल खोलने वाले जनपक्षधर आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को यूपी की पूर्ण बहुमत वाली सपा सरकार लाख कोशिश करके भी अरेस्ट नहीं कर पा रही है.