चीख चीख कर बोलने वाला पत्रकार सच्चा हो ही नहीं सकता!

Vimal Kumar Interview part four

पत्रकारिता का अर्णव युग चल रहा है… सत्य बताने के लिए चीखना नहीं होता है… अर्णव का सेट एजेंटा था… वैदिक ने अर्णव को जमकर डांट पिलाई थी…

अर्णव पत्रकार नहीं थानेदार की तरह बात करते हैं… अर्णव का सारा भेद खुल गया है…

देखें विमल कुमार इंटरव्यू पार्ट-4

इसके पहले के पार्ट देखें-

अच्छा हुआ रिटायर हो गया!

प्रभाष जोशी ने मंगलेश डबराल को खुली छूट दे रखी थी!

पत्रकारिता सत्ता का शाश्वत विपक्ष है



भड़ास का ऐसे करें भला- Donate

भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *