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मनीष सोनी को नौकरी से निकाले जाने की सूचना पांच महीने से चला रहा है ‘जी न्यूज एमपी सीजी’!

अंबिकापुर के पत्रकार मनीष सोनी को जी न्यूज एमपी सीजी से हटाए जाने की खबर इसके भोपाल ब्यूरो चीफ आशुतोष गुप्ता पांच महीने से चलवा रहे हैं. मनीष का अपराध ये है कि उन्होंने अपने साथ हुए अन्याय को लेकर सवाल उठाया और पूरी बात भड़ास पर छपवा दी. मनीष बताते हैं कि मुझे जी मीडिया से हटा देने के सम्बन्ध में जो टिकर नवम्बर 9 तारीख़ को शुरू हुआ, वो अब तक चल रहा है और ऐसा होते हुए 5 महीने हो जायेंगे.

अंबिकापुर के पत्रकार मनीष सोनी को जी न्यूज एमपी सीजी से हटाए जाने की खबर इसके भोपाल ब्यूरो चीफ आशुतोष गुप्ता पांच महीने से चलवा रहे हैं. मनीष का अपराध ये है कि उन्होंने अपने साथ हुए अन्याय को लेकर सवाल उठाया और पूरी बात भड़ास पर छपवा दी. मनीष बताते हैं कि मुझे जी मीडिया से हटा देने के सम्बन्ध में जो टिकर नवम्बर 9 तारीख़ को शुरू हुआ, वो अब तक चल रहा है और ऐसा होते हुए 5 महीने हो जायेंगे.

मनीष चुटकी लेते हुए कहते हैं कि ”अब ऐसा न हो कि ये जी वाले 5 महीने के टिकर का बिल भुगतान करने के लिए मुझे भेज दें.”

मनीष कहते हैं कि चलो, जी वालों को ये समझ तो आया कि कोई पत्रकार इतना दबंग हो सकता है कि उसके नाम की चर्चा कुचर्चा करने को वो पांच छह महीने तक मजबूर हुए. कुल मिलाकर जी मीडिया जो छिछोरापन दिखा रहा है, उससे उसकी ही भद्द पिट रही है. मनीष बताते हैं कि उनके अलावा मोहित तिवारी सूरजपुर के बारे में भी जी न्यूज एमपी सीजी पर सूचना चलाई जा रही है. ज्वाइनिंग के समय तो टीवी पर टिकर (पट्टी) चला कर नहीं बताया जाता कि फलाना व्यक्ति हमारा संवाददाता है. ऐसे में टिकर चला कर ये क्यों बताया जा रहा कि अब फलाने व्यक्ति को ज़ी से हटा दिया गया है.

टिकर में ये लिखा आता है-

”जी मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ ने मनीष सोनी सरगुजा को स्ट्रिंगर पद से हटा दिया है, कृपया ख़बरों के लिये इनसे सम्पर्क न करें।”

”मनीष सोनी सरगुजा अंबिकापुर का जी mpcg से कोई सम्बन्ध नही है, इनकी किसी भी गतिविधि से चैनल का कोई सम्बन्ध नहीं है।”

मनीष के मुताबिक वह कुछ वरिष्ठ वकीलों के संपर्क में हैं और दिलीप तिवारी, आशुतोष गुप्ता के अलावा सुभाष चन्द्रा के खिलाफ परिवाद दायर करने वाला हूं. ये लड़ाई लोकल कोर्ट से शुरू होकर सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी और एक मानक बनेगा ताकि ये मीडिया के बिकाऊ लोग आगे से किसी रीढ वाले पत्रकार की बेइज्जती न कर सकें.


पूरे मामले को समझने के लिए इस मूल खबर को जरूर पढ़ें…

धंधेबाज और चरित्रहीन जी न्यूज (एमपी-सीजी) वालों ने एक इमानदार रिपोर्टर को यूं बेइज्जत कर निकाला

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2 Comments

2 Comments

  1. प्रवीन त्रिपाठी सरगुजा

    February 28, 2016 at 9:12 am

    जी न्यूज़ वालो ने मनीष जी के साथ जो किया है वह बहुत गलत है उनको इस तरह नहीं करना चाहिए l मनीष जी आपसे मेरा एक सवाल है आप का एक आडियो सामने आया था जिसमे आप एक व्यक्ति से 30 हजार रूपये की मांग कर रहे थे और उसी व्यक्ति के द्वारा आप के खिलाफ जी न्यूज़ में शिकायत की गई है , उसके बाद एक और मामला सामने आया था जिसमे आपके द्वारा एक महिला पुलिस के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा था , आप तो एक तेजतराक पत्रकार है

  2. sanjeev

    February 29, 2016 at 8:03 am

    [u][b]सुभाष चंद्रा जी जाग जाओ अभी भी समय है – पूरे मामले की जाँच करो आपका ज़ी पंजाब हरियाणा हिमाचल बर्वाद हों रहा है [/b][/u]
    ‘शटडाउन जी न्यूज’ का मुहिम तो हों सकता है चलानी पड़े| ‘शटडाउन जी पंजाब हरयाणा हिमाचल ‘ की मुहिम तो ज़ी पंजाब हरयाणा हिमाचल के संपादक दिनेश शर्मा ने कब से शुरू की हुई है | दिनेश शर्मा ने “ज़ी पंजाब हरयाणा हिमाचल” को बर्बाद करने में कोई कसर नही छोड रखी , परन्तु ज़ी के मालिक सुभाष चंद्रा को सब दिखाई ही नही देता कि दिनेश सब बर्बाद कर रहा है | पता नही क्यों मालिक लोग आंखे मूंदे बैठे है | क्यों उनको दिखाई नही देता कि दिनेश शर्मा ने संपादक पद सँभालते ही पुराने स्टाफ को निकलना शुरू कर दिया | यह वो स्टाफ था जिस ने “ज़ी पंजाब हरयाणा हिमाचल” को कामयाब करने के लिए ना दिन देखा – ना रात | पूरा किस्सा कुछ इस तरह है , कि जब ज़ी पंजाबी और पी टी सी न्यूज़ अलग लग हुए तो कई दिन ज़ी पंजाबी बंद रहा , ज़ी पंजाबी में काम करने वाले पुराने लोग भी पी टी सी न्यूज़ में थे , उनको वापिस बुला कर परवीन विक्रांत और नवल सागर की देख-रेख में ज़ी पंजाबी की शुरूआत की गई , कुछ ही दिनों में ज़ी पंजाबी अपनी पकड़ पंजाब और विदेश में बनाने लगा | पी टी सी न्यूज़ पंजाब की बादल सरकार का चैनल है , उसकी साख कम होने लगी तो बादल सरकार ने पंजाब में ज़ी पंजाबी को आफ एयर कर दिया , ज़ी पंजाबी केबल नेटवर्क पर पंजाब में दिखाई देना बंद हों गया , बेशक ज़ी पंजाबी पंजाब में बंद हों गया था और अढ़ाई साल तक बंद ही रहा परन्तु फिर भी ज़ी पंजाबी में काम करने वाले किसी भी स्टाफ के सदस्य , रिपोर्टर , पंजाब में काम करने वाले स्टिंगर ने ज़ी ग्रुप को ना छोड़ा , सब लगन से काम करते रहे | अढ़ाई साल बाद “ज़ी पंजाब हरयाणा हिमाचल” पंजाब में केबल नेटवर्क पर चलना शुरू हुआ | संपादक संजे वोहरा , आउटपुट परवीन विक्रांत , इनपुट नवल सागर की देखरेख में “ज़ी पंजाब हरयाणा हिमाचल” आगे ही बढ़ता गया , दूसरी तरफ एक तरफा हों कर पूरा दिन-रात बादल सरकार के गुणगान करने के कारण पी टी सी न्यूज़ की साख गिरती गई | वक्त बदला संजे वोहरा के स्थान पर ज़ी ग्रुप ने ज़ी न्यूज़ के एक रिपोर्टर दिनेश शर्मा को “ज़ी पंजाब हरयाणा हिमाचल” का संपादक बना कर बन्दर के हाथ उस्तरा थमा दिया | दिनेश शर्मा ने ज़ी मालिकों से वादा किया कि एक साल में पन्द्रह करोड़ का बिज़नस ला कर दिखाऊंगा , उसी वादे कि साथ दिनेश शर्मा ने अपनी मनमानियां शुरू कर दी | सुभाष चंद्रा ने सब कुछ देखते हुए भी अपनी आंखे बंद रखी , क्योंकि उनको तो बस पैसे चाहिए था वो कैसे भी आये | दिनेश शर्मा ने स्टाफ को गन्दी गन्दी गालियां देना शुरू कर दिया , पुराने लोगों को निकलना शुरू कर दिया | रिपोर्टर जो पुराने समय से साथ थे उनको निकलना शुरू कर दिया , और तो और स्टिंगर जो लंबे समय से काम कर रहे थे उनको भी निकाल दिया | नया नाकाबिल स्टाफ भर्ती किया बस उनकी काबलियत ये कि वो दिनेश शर्मा के चहेते थे , चैनेल धीरे धीरे पंजाबी से हिन्दी होता जा रहा है , विदेशों में वसे पंजाबी दर्शकों ने अपना मुँह मोडना शुरू कर दिया | आप पार्टी के लोगों को अधिक दिखाया जा रहा है | काबिल लोग निकाल दिए , जिन को कसी कारण दिनेश शर्मा निकाल नही पाया उनको हररोज तंग किया जा रहा है , जिस से उनका दम घुट रहा है बस परिवार की मज़बूरी के चलते काम पे आ रहे है कुछ इस्तीफा दे के जा चुके है कुछ आने वाले दिनों में चले जाएगें , दिन रात अब स्टाफ वाले सुभाष चंद्रा को कोस रहे है कि जागो और “ज़ी पंजाब हरयाणा हिमाचल” को बचा लो नही तो दिनेश शर्मा “ज़ी पंजाब हरयाणा हिमाचल” को फिर से शटडाउन करवाके छोडेगा |

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