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मजीठिया मामले में अवमानना के तीन मामलों पर सुनवाई 13 को

मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशें न लागू करने को लेकर दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण और इंडियन एक्‍सप्रेस चंडीगढ़ के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अगले सोमवार यानि 13 अक्‍टूबर को होने वाली है। सबसे पहले दैनिक भास्कर के केस 401 ऑफ 2014 को काउज लिस्‍ट में जगह दी गई है। काउज लिस्‍ट में इस केस की क्रम संख्‍या 71 है।

मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशें न लागू करने को लेकर दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण और इंडियन एक्‍सप्रेस चंडीगढ़ के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अगले सोमवार यानि 13 अक्‍टूबर को होने वाली है। सबसे पहले दैनिक भास्कर के केस 401 ऑफ 2014 को काउज लिस्‍ट में जगह दी गई है। काउज लिस्‍ट में इस केस की क्रम संख्‍या 71 है।

दैनिक जागरण के केस 411 ऑफ 2014 को काउज लिस्‍ट में 73 वां स्‍थान दिया गया है। इसी तरह इंडियन एक्‍सप्रेस चंडीगढ़ का केस नंबर 450 है और इसे 75 नबंर पर रखा गया है। यह एडवांस काउज लिस्‍ट है। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि ये मामले किस कोर्ट में पेश किए जाएंगे। डेली काउज लिस्‍ट में कोर्ट और मामले को सुनने वाले जजों के बारे में भी दे दिया जाएगा। मतलब अब 13 तारीख मालिकों के लिए बहुत ही महत्‍वपूर्ण दिन होगा। लेकिन बकरे की मां कब तक खैर मनाएगी।

(साभार- मजीठिया मंच)

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2 Comments

2 Comments

  1. mpandu

    October 9, 2014 at 9:46 am

    सारी बातों के बीच अहमदाबाद से शुभ समाचार यह है की कल 8.10.14 की सुनवाई में हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दीया है ..यह केस लेबरकोर्ट मे नहीं चलेगा परंतु हाईकोर्ट में ही चलेगा क्योंकी यह केस फोजदारी,सुप्रिम की अवमानना ओर अार्थिक गोटाले का है और भास्कर मेनेजमेन्ट 14 दीवस में इस फैसले के खिलाफ कोर्ट में जा सकता है। 2- इस केस का अभ्यास करते हुए कोर्ट ने यह कहा है की मजीठीया मांगने के कारण प्रशांत दयाल और उनकी टीम पर कंपनी ने द्वेषपूर्ण भाव से सबका तबादला कीया है। कोर्ट ने इस वर्ष मे हुए सभी तबादलोंकी सूची के साथ उसके कारण तथा पोजीशन का ब्योरा मांगा है। हां चुंकी कोर्ट ने तबदले पर प्रशांत या कीसी को स्टे नहीं दीया ……..जो भी है प्रथम चरण हमारे तरफ है अाशा बन रही है अच्छे दिन अाने वाले है। यह समाचार अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाए और हिंमत बढ़ाए। मैं अहमदाबाद दिव्य भास्कर का ही पुराना कर्मचारी हुं।

  2. Ping

    October 9, 2014 at 11:30 am

    अरे कितना अथाह पैसा है इन अख़बार मालिकों के पास
    ज़रा सोचिए
    यदि कोइ अख़बार न्यूनतम से न्यूनतम ३रुपए का भी है तो और िकसी अख़बार के सभी एिडशन के पाठकों की संख्या न्यूनतम से न्यूनतम पाँच लाख भी है १५ लाख रुपए प्रतिदिन के होते हैं
    यदि माने कि १० लाख रु ़ भी अख़बार छापने में ख़र्च होतें हैं ताें पाँच लाख सूखी कमाई िसर्फ एक दिन की। यानी महीने की ५लाख *३०=डेढ़ कराेड़ 1⃣5⃣0⃣0⃣0⃣0⃣0⃣0⃣

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