Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

गुजरात

गुजरात में बड़ा खेल! 10 गुमनाम दलों ने चाटे 4300 करोड़ रुपये, मीडिया और ED चुप!

गुजरात की राजनीति में पैसों का खेल किसी घोटाले से कम नहीं। पिछले पाँच साल में 10 गुमनाम राजनीतिक दलों को मिले 4300 करोड़ रुपए चंदे में, खर्च दिखाए 3500 करोड़ रुपए, लेकिन नतीजा—सिर्फ़ 43 प्रत्याशी और कुल 54,069 वोट। सवाल ये है कि जब जनता ने इन दलों को नकार दिया, तो अरबों की दौलत आखिर कहाँ और क्यों बहाई गई?

  • 10 गुमनाम दलों ने पाँच साल में चट किए 4300 करोड़
  • मैदान में उतारे सिर्फ़ 43 उम्मीदवार
  • कुल मिले वोट 54,069, यानी प्रति वोट लागत लाखों में!
  • लोकशाही सत्ता पार्टी अकेले 1045 करोड़ का दान और 1031 करोड़ का खर्च दिखाकर टॉप पर
  • भारतीय नेशनल जनता दल को 962 करोड़ का दान, 961 करोड़ खर्च—नतीजा मात्र 8 उम्मीदवार
  • स्वतंत्र अभिव्यक्ति पार्टी ने 663 करोड़ लिए, 6 प्रत्याशी उतारे, वोट गिने सिर्फ़ 11,692
  • कई दलों ने करोड़ों बहाकर भी वोट मिले कुछ सौ या कुछ हज़ार

क्या कहती है रिपोर्ट:

गुजरात मुख्य निर्वाचन आयुक्त को सौंपी गई कंट्रीब्यूशन और ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 2019-20 से 2023-24 के बीच इन दलों को बेहिसाब फंडिंग हुई। लेकिन जनता से जुड़ाव और ज़मीनी उपस्थिति शून्य के बराबर रही। विशेषज्ञ मानते हैं कि ये दल लोकतंत्र की आड़ में ‘फर्जी फंडिंग मशीन’ बन चुके हैं।


रवीश कुमार-

क्या ED-ED करने वाली सरकार 24 घंटे में नहीं पता कर सकती कि इन गुमनाम दलों के खाते में 4300 करोड़ किसने डाले और इन खातों से निकल कर किसकी जेब में गए? गुजरात की ख़बर है। वहाँ कैसे हो गया? ऐसी ख़बरें कैसे गुम हो जाती हैं। ऐसा लग रहा है कि इस देश पर ख़ास लोगों के गिरोह ने क़ब्ज़ा कर लिया है।

सौरभ भारद्वाज के घर पर छापे मारने का सुराग मिल जाता है, इन दलों का कैसे पता नहीं चलता है? चुनाव आयोग ख़ुद से क्यों नहीं उजागर करता है? क्या इसके लिए भी राजनीतिक कार्यकर्ता पर दोष डालेगा कि हमें बताया नहीं तो हमने कुछ किया नहीं। क्यों नहीं इसे लेकर हंगामा मचाया गया?


विक्रम प्रताप

कहां गई ED? गुजरात में कुछ ही राजनीतिक दलों को इतना चंदा कहां से मिला? इस पर ED की कार्रवाई क्यों नहीं की गई? हजारों करोड़ के घोटाले किसके इशारे पर किए जा रहे हैं?


मोहम्मद अनस-

लोकशाही सत्ता पार्टी को 2019 से लेकर 2025 तक में एक हजार 45 करोड़ रुपए दान में मिले और उसने 1031 करोड़ रुपए खर्च भी कर दिए। जबकि उसे कुल 3997 वोट मिले। यह 3997 वोट लोकशाही सत्ता पार्टी के कुल 4 प्रत्याशियों को दो लोकसभा एवं एक विधानसभा चुनाव में मिला कर प्राप्त हुए हैं। यह सब भ्रष्टाचार मोदी और शाह की देखरेख में हो रहा है। गुजरात का मामला है, ईडी या गोदी दोनों कुछ नहीं बोलेंगे।

1031 करोड़ रूपए का हेरफेर एक गुमनाम सा दल कर देता है, ऐसे 8 गुमनाम से दलों को क्षेत्रीय पार्टियों से भी अधिक चंदा मिलता है और वे 3500 करोड़ गायब कर देते हैं।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन