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मीडिया का गला घोंटने पर उतारू हैं सीएम रमन सिंह

जेल, उत्पीड़न, राज्य निकाला- छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार आज़ाद पत्रकारों को आजकल यही इनाम दे रही है।  पत्रकार प्रभात सिंह, दीपक जायसवाल, संतोष यादव और सोमारू नाग जेल में हैं और कई पत्रकार बस्तर जैसे इलाकों से बाहर कर दिये गये हैं। एडिटर्स गिल्ड की रिपोर्ट आ चुकी है जो कहती है कि छत्तीसगढ़ की रमन सिंह सरकार के रुख से आज़ाद नज़र पत्रकारों का जीना हराम है। पुलिस की निगाह में जो सवाल नहीं उठाते वे ‘राष्ट्रवादी’ पत्रकार हैं और जो तथ्यों की पड़ताल के लिए मेहनत करके आज़ाद रिपोर्ट तैयार करते हैं, वे ‘राष्ट्रद्रोही’।

जेल, उत्पीड़न, राज्य निकाला- छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार आज़ाद पत्रकारों को आजकल यही इनाम दे रही है।  पत्रकार प्रभात सिंह, दीपक जायसवाल, संतोष यादव और सोमारू नाग जेल में हैं और कई पत्रकार बस्तर जैसे इलाकों से बाहर कर दिये गये हैं। एडिटर्स गिल्ड की रिपोर्ट आ चुकी है जो कहती है कि छत्तीसगढ़ की रमन सिंह सरकार के रुख से आज़ाद नज़र पत्रकारों का जीना हराम है। पुलिस की निगाह में जो सवाल नहीं उठाते वे ‘राष्ट्रवादी’ पत्रकार हैं और जो तथ्यों की पड़ताल के लिए मेहनत करके आज़ाद रिपोर्ट तैयार करते हैं, वे ‘राष्ट्रद्रोही’।

छत्तीसगढ़ के बस्तर में पुलिस की मर्ज़ी से अलग लिखने वाले पत्रकारों को माओवादी समर्थक बताकर उन्हें परेशान करने का अभियान चलाया जा रहा है। कभी पुलिस ख़ुद ऐसा करती है तो कभी किसी संगठन के बैनर तले ऐसा कराया जाता है। आरोप है कि पुलिस हर हाल में आज़ाद पत्रकारों को बस्तर से बाहर कर देना चाहती है ताकि जल, जंगल और ज़मीन की लूट अबाध गति से चलती रही।

होना तो यह चाहिए था कि एडिटर्स गिल्ड की रिपोर्ट के बाद दिल्ली के पत्रकार और उनके संगठन सत्ताशीर्ष  पर हल्ला बोल देते, लेकिन कुछ सुगबुगाहटों के अलावा कुछ ख़ास होता नज़र नहीं आ रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के पत्रकारों ने ही दिल्ली चलो का नारा दिया है। 9 और 10 मई 2016 को छत्तीसगढ़ के पत्रकार जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। 10 मई यानी भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत का दिन। इस सिलसिले में बीबीसी के वरिष्ठ पत्रकार राजेश जोशी ने हाल ही में एक रेडियो परिचर्चा आयोजित की जिसमें एडिटर्स गिल्ड की जाँच टीम के सदस्य विनोद वर्मा और बस्तर से बाहर जाने को मजबूर की गईं पत्रकार मालिनी सुब्रह्मण्यम भी मौजूद थीं।

तो देखना है कि 9-10 मई को जब दिल्ली में छत्तीसगढ़ के पत्रकार जुटेंगे तो दिल्ली के पत्रकार क्या करेंगे। आह्वान तो सभी पत्रकारों का किया गया है, लेकिन जिनकी आँखों में अच्छे दिनों का मोतियाबिंद है, उन्हें छोड़कर सभी सभी पत्रकारों से वहाँ पहुँचने की उम्मीद की जानी चाहिए। छत्तीसगढ़ के पत्रकार कमल शुक्ला ने अपनी फ़ेसबुक पर कार्यक्रम के संबंध में यह सूचना दी है-

“बस्तर सहित पूरे प्रदेश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने के खिलाफ, बस्तर में चार पत्रकार साथियों प्रभात सिंह, दीपक जायसवाल, संतोष यादव और सोमारू नाग की रिहाई की मांग और पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर पूरे छत्तीसगढ़ के पत्रकार देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर में 9 और 10 मई को प्रदर्शन करेंगे। प्रदेश सहित देशभर के पत्रकार साथियों और मिडिया की स्वतंत्रता के पक्षधर सभी साथियों से आह्वान है कि अधिक से अधिक संख्या में इस आंदोलन में शामिल होकर इसे सफल बनायें।”

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