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महाराष्ट्र में नवभारत, हमारा महानगर और दैनिक भास्कर में नहीं हुआ सर्वे

मजीठिया की लिस्ट से नाम भी नदारत, आरटीआई से हुआ खुलासा

मुंबई : देश भर में भले ही दैनिक भास्कर समाचार पत्र की प्रकाशन कंपनी डी बी कोर्प के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायत की गयी है मगर मुंबई में दैनिक भास्कर के ब्यूरो कार्यालयों में मजीठिया जांच टीम नहीं पहुंची और यहाँ सर्वे तक नहीं किया गया। दैनिक भास्कर के मुंबई में दो कार्यालय है जिसमे एक माहिम में और दूसरा फोर्ट में। दैनिक भास्कर के जुझारू पत्रकार धर्मेंन्द्र प्रताप सिंह कई बार श्रम आयुक्त कार्यालय जाकर श्रम उपायुक्तों से निवेदन करते रहे कि उनके कार्यालय में सर्वे टीम नहीं पहुंची है मगर उनको हर बार सहायक कामगार आयुक्त नीलांबरी भोसले और सरकारी कामगार अधिकारी अतार मैडम ने झांसा दिया।

मजीठिया की लिस्ट से नाम भी नदारत, आरटीआई से हुआ खुलासा

मुंबई : देश भर में भले ही दैनिक भास्कर समाचार पत्र की प्रकाशन कंपनी डी बी कोर्प के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायत की गयी है मगर मुंबई में दैनिक भास्कर के ब्यूरो कार्यालयों में मजीठिया जांच टीम नहीं पहुंची और यहाँ सर्वे तक नहीं किया गया। दैनिक भास्कर के मुंबई में दो कार्यालय है जिसमे एक माहिम में और दूसरा फोर्ट में। दैनिक भास्कर के जुझारू पत्रकार धर्मेंन्द्र प्रताप सिंह कई बार श्रम आयुक्त कार्यालय जाकर श्रम उपायुक्तों से निवेदन करते रहे कि उनके कार्यालय में सर्वे टीम नहीं पहुंची है मगर उनको हर बार सहायक कामगार आयुक्त नीलांबरी भोसले और सरकारी कामगार अधिकारी अतार मैडम ने झांसा दिया।

सुप्रीम कोर्ट में जो स्टेटस रिपोर्ट भेजी गयी है उसमें डीबी कार्प के खिलाफ धर्मेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा दाखिल मजीठिया मामले की शिकायत को कामगार आयुक्त ने वरीयता देते हुए रिपोर्ट में लिखा है कि डीबी कार्प के खिलाफ धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने क्लेम किया है जिसमें कंपनी प्रबंधन को बुलाया गया है।

मुम्बई के निर्भीक पत्रकार शशिकांत सिंह ने आरटीआई के जरिये माननीय सुप्रीमकोर्ट में भेजी गयी स्टेटस रिपोर्ट की कॉपी श्रम आयुक्त कार्यालय से मंगाई थी। 80 पेज की इस रिपोर्ट में हमारा महानगर का नाम भी गायब है। यानी इस अखबार के कर्मचारियों को मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ पाना काफी दुश्वारी भरा काम हो जाएगा क्योंकि सुप्रीमकोर्ट में जब इस कंपनी का नाम ही नहीं गया तो मजीठिया का लाभ इसके कर्मचारियों को कैसे मिलेगा।

इसी तरह मुंबई से प्राकाशित नवभारत समाचार पत्र में भी सर्वे नहीं किया गया है। हालांकि नवभारत के नागपुर एडिशन में सर्वे की रिपोर्ट भेजी गयी है जिसमे लिखा गया है कि मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार भुगतान कर दिया गया है। इस रिपोर्ट में नागपुर में नवभारत श्रमिक संघ नामक यूनियन ने मजीठिया वेज बोर्ड को अमल में ना लाने को लेकर शिकायत भी किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस मामले की जांच की जा रही है। आपको बता दूं कि मजीठिया मामले में मुम्बई से नवभारत और हमारा महानगर से एक भी क्लेम श्रम आयुक्त कार्यालय में नहीं किया गया है। इससे इन दोनों समाचार पत्रों में प्रबंधन की नीति कर्मचारियों पर भारी पड़ गयी है।

शशिकांत सिंह
पत्रकार और आरटीआई कार्यकर्त्ता
मुंबई
9322411335

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1 Comment

1 Comment

  1. Maharashtra Majithia Munch

    August 2, 2016 at 3:44 am

    Very Nice:)

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