Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

मनीष सिसोदिया ‘आप’ में कुर्बानी के लिए ही रखे गए थे!

सत्येंद्र पी एस-

आम आदमी पार्टी में मनीष सिसोदिया कुर्बानी के लिए ही रखे गए थे। अरविंद केजरीवाल ने उन्हें डिप्टी सीएम बनाकर सभी फाइलों पर हस्ताक्षर करने का काम सौंप रखा था।

केजरीवाल को पहले ही पता था कि उन्होंने फाइल पर सिग्नेचर किया तो कहीं न कही फंसना तय है।

भाजपा सरकार वही कर रही है, जिसकी कल्पना करके केजरीवाल ने किसी विभाग का प्रभार नहीं लिया था। इसलिए केजरीवाल के अगले कदम का इंतजार करें। गंगा सूखी नहीं है। अभी उसमें बहुत पानी बहना है।

एक बात और। सिसोदिया को जीतनराम मांझी या उपेंद्र कुशवाहा समझने की भूल न करें जो नीतीश कुमार की कुर्सी खींचकर राजा बनने का सपना देखते हों। एक तो दलित नेताओं की तुलना में ठाकुर बाभन ज्यादा वफादार होते हैं, दूसरे केजरीवाल सिसोदिया की जोड़ी बहुत पुरानी और भरोसे के रिश्ते वाली है।

Note: मैं आम आदमी पार्टी में शामिल नहीं हुआ हूँ। अरविंद केजरीवाल या मनीष सिसोदिया मुझे नहीं जानते। आम आदमी पार्टी से कोई वैचारिक सहमति भी नहीं है क्योंकि 12-13 साल के कठिन परिश्रम के बाद भी मैं जान न पाया कि इनका विचार क्या है, विचार नीति कुछ है भी या नहीं?


संजय कुमार सिंह-

विश्वगुरू जब हर विरोधी को फंसाने में कामयाब होते जा रहे हैं तो यह अच्छा सवाल किया जा रहा है कि केजरीवाल मंत्री क्यों नहीं हैं?

जवाब आसान है – क्योंकि यही उनकी रणनीति है (या उन्हें प्रेस कांफ्रेंस नहीं करने की छूट नहीं है)। हालांकि, इसका कोई मतलब नहीं है।

वैसे भी, खुद काम करना काबिलियत नहीं है। हर मजदूर करता है। चाहे रिक्शा चलाए या ठेला। 18 घंटे या आठ घंटे। काम करवाने वाला मैनेजर या लीडर होता है। उससे भी काम करवा सकता है जो वाशिंग मशीन पार्टी का मुखिया है। और आप जानते ही हैं कि मनीष सिसोदिया को क्यों गिरफ्तार किया गया।

ताकि आम आदमी पार्टी मजबूत हो और बढ़िया वोटकटवा बने।

(इसमें मेरा कुछ नहीं है। मनीष सिसोदिया के कथित भ्रष्ट होने और केजरीवाल के बच जाने पर ज्ञानी लोग जो चिन्ता जता रहे हैं उसका सार यही है। बाकी वोटर का क्या है उसे तो मंदिर के चंदे की भी चिन्ता नहीं है।)

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन