Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

पत्रकार विद्युत प्रकाश मौर्य के निधन को दो साल हो गए, भावपूर्ण श्रद्धांजलि!

संतोष सारंग-

वरिष्ठ पत्रकार, कवि, ब्लॉगर एवं ट्रैवलर विद्युत प्रकाश मौर्य से मेरी पहली मुलाकात नई दिल्ली में 1996 में हुई थी। तब वे दैनिक ‘कुबेर टाइम्स’ में बतौर उप संपादक काम कर रहे थे। उन्होंने मेरे जैसे नवोदित पत्रकार को लिखने का मौका दिया। कुबेर टाइम्स’ में मेरे कई आलेख, व्यंग्य आदि प्रकाशित हुए। फीचर पेज पर फिल्म पर लिखे मेरे एक आलेख को उन्होंने पूरा एक पेज दिया। पहली बार मेरा कोई आर्टिकल फुल पेज कलर में छपा था। इस तरह विद्युत मेरा हौसला बढ़ाया करते थे, लिखने की बारीकियां सिखाया करते थे। वे पत्रकारिता के शीर्ष व प्रतिष्ठित संस्थान IIMC, नई दिल्ली के 1995-96 बैच के छात्र थे। इससे पहले विद्युत प्रकाश ने बीएचयू से उच्च शिक्षा ग्रहण की थी। उनकी शुरुआती पढ़ाई वैशाली जिले के हाजीपुर व जन्दाहा एवं मुजफ्फरपुर में हुई थी। वे बिहार के सासाराम के सहवालिया गांव के रहने वाले थे।

विद्युत प्रकाश मौर्य न केवल एक पत्रकार, बल्कि एक कुशल वक्ता, दार्शनिक, एक बेहतरीन ट्रैवल ब्लॉगर और रिव्यूअर रहे हैं। उनका ब्लाॅग ‘दाना-पानी’ काफी चर्चित था। ‘लालकिला’ ब्लॉग पर उनकी करीब दो दर्जन कविताएं हैं। शोधपरक खबरों और नई चीजों को जानने में उनकी गहरी रुचि रहती थी। नई और पुरानी किताबें पढ़ने का तो उन्हें गजब का शौक था। चंद विनम्र, पढ़ाकू और लोकतांत्रिक मूल्यों में भरोसा करने वाले पत्रकारों में से एक थे। वे मिलनसार स्वभाव के थे और मित्रों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। वे मेरे अज़ीज़ मित्र ही नहीं, एक सच्चे सलाहकार भी थे।

आज ही के दिन 2021 में विद्युत का निधन पटना में कोरोना की चपेट में आने से हो गया था। उस समय विद्युत प्रकाश दैनिक हिन्दुस्तान, नई दिल्ली में मुख्य उप संपादक के पद पर कार्यरत थे। इसके पहले अमर उजाला, दैनिक भास्कर में भी अपनी सेवा दे चुके थे।उन्होंने महुआ टीवी में बतौर प्रोड्यूसर एवं सी-वोटर के साथ भी काम किया था। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में दर्जनों लेखादि छपे। वे जितने बड़े पढ़ाकू थे, उतने ही बड़े लिक्खाड़ भी। मेरी उनसे अंतिम मुलाकात निधन से कुछ ही दिन पहले मुजफ्फरपुर में हुई थी। मेरे घर पर वे पहली बार आए थे। यह वादा करके गये थे कि मैं फिर आऊंगा, लेकिन नियति को यह मंजूर नहीं था। विद्युत हमेशा के लिए हम सबको छोड़ कर चले गए। पत्नी और इकलौता पुत्र आपके प्यार से महरूम हो गये। आपकी कमी हमेशा खलती रहेगी दोस्त! आपको अश्रुपूरित श्रद्धांजलि!!

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन