Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रिंट

दैनिक जागरण ने पहले पन्ने पर पूरे आठ कॉलम में फर्जी खबर छाप दी!

Ajit Anjum
@ajitanjum

दैनिक जागरण ने पहले पन्ने पर आठ कॉलम की ये फर्जी खबर छाप दी. जम्मू -कश्मीर के रिपोर्टर ने अगर ऐसी फर्जी खबर भेजी भी तो यहां बैठे संपादक की क्या जिम्मेदारी थी ?

इतनी बड़ी खबर को चेक क्यों नहीं किया गया ? या जानबूझकर छापा गया ? ये मानकर कि सेना तो खंडन करेगी नहीं ? लेकिन भारतीय सेना से इस खबर का खंडन करके इसे Fake News साबित कर दिया है.


विवेक कुमार-

क्या दैनिक जागरण वाले पहले पन्ने पर आठ कालम में खंडन छापेंगे? सवाल है कि दैनिक जागरण अपनी ही डगमगाती विश्वसनीयता पर क्यों कुल्हाड़ी मार रहा है. वैसे इस फेक न्यूज को जानबूझकर छापा गया है। दैनिक जागरण संघ समर्थित अखबार है। बीजेपी व सरकार की चमचागिरी करता है। मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ये हरकत की गई है। क्या दैनिक जागरण पर फेक न्यूज फैलाने के लिए कानून कार्यवाही होगी..? या चमचा होने के नाम पर छोड़ दिया जाएगा।

दैनिक जागरण ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि 19 अगस्त की रात यह सर्जिकल स्ट्राइक हुई। भारत सेना के स्पेशल फोर्स के 12 से 15 कमांडो ने राजौरी के तरकुंडी सेक्टर और पुंछ के भिंभर गली से रात के समय पैदल एलओसी पार की। पीओके में करीब ढाई किलोमीटर भीतर घुसकर कोटली जिला के नकयाल में आतंकियों के 4 लांचिंग पैड को तबाह कर दिया। इसमें कम से कम 7 से 8 आतंकवादी भी मारे गए।

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में इस रिपोर्ट का खंडन किया है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि कोई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ नहीं की गई। लेकिन भारत ने पाकिस्तान की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया है। मंत्रालय के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के बालाकोट सेक्टर से आतंकवादियों का समूह घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा था। सैनिकों ने सोमवार (21 अगस्त) की सुबह दो आतंकवादियों को बालाकोट सेक्टर के हमीरपुर क्षेत्र में खराब मौसम और ऊबड़-खाबड़ जमीन का इस्तेमाल कर एलओसी पार करने की कोशिश करते हुए देखा था। मंत्रालय के बयान के मुताबिक, कई खुफिया एजेंसियों और जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिले खुफिया इनपुट से पता चला है कि बालाकोट सेक्टर में आतंकवादियों की मौजूदगी है और ये नियंत्रण रेखा पार करने का इंतजार कर रहे थे। इन सूचनाओं के आधार पर निगरानी शुरू की गई। इस दौरान सेना को बेहद अलर्ट रखा गया था और सटीक जगहों पर सेना कई एमबुश (घात) लगाए थी। जैसे ही आतंकवादियों ने घुसपैठ करने की कोशिश की भारतीय सेना ने मौसमी हालातों का फायदा उठाते हुए उन पर भारी गोलीबारी की। इससे आंतकियों को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।

बयान के मुताबिक, जोरदार और असरदार गोलीबारी का नतीजा ये हुआ कि नियंत्रण रेखा के पास एक आतंकवादी जमीन पर ही ढेर हो गया। इसके बाद अतिरिक्त सैनिकों को इस क्षेत्र में भेजा गया और मौसम सही होने और दृश्यता में सुधार होने के बाद दोपहर में तलाशी अभियान शुरू किया गया। रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि जमीनी तलाशी के दौरान एक एके-47, पाकिस्तान में बनी दवाएँ, दो मैगजीन और 30 जिंदा कारतूस और दो ग्रेनेड बरामद किए गए। तलाशी के दौरान खून के निशान भी मिले हैं। खून के निशान और इस तथ्य को देखते हुए कि जवाबी कार्रवाई के बाद एक आतंकवादी ढेर हो गया था, यह संभावना है कि भारतीय सेना की गोलीबारी के दौरान कम से कम एक आतंकवादी की मौत हो गई।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
1 Comment

1 Comment

  1. श्रीकांत

    August 22, 2023 at 11:27 pm

    ध्यान से पढ़िए इस समाचार को। विद्वान साथियों ने इस बैनर के तीसरे पैराग्राफ में ही खंडन भी साथ ही छापा है। जब सम्पादन प्रक्रिया ही समाप्त कर दी जाती है तो विद्वान सम्पादक लोग पहले पैराग्राफ पर शीर्षकों से ‘खेलते’ हैं या ‘बुलबुला’ बनाते हैं। उन्हें तीसरे, चौथे पैराग्राफ से मतलब नहीं होता। इस पर किसी बड़े सम्पादक का बाल भी बांँका न होगा। हो सकता है कि किसी जूनियर को बलि का बकरा बनना पड़े।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन