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दो गोलियां लगने के बाद मौत को टक से छूकर जिंदा लौटा पुलिसवाले का बेटा

डॉ. विकास कुमार-

मृत्यु पर विजय /मौत के मुंह से लौट कर वापस आना, यह असंभव सा लगता है, परंतु प्रभु के आशीर्वाद, अपने दृढ़ शक्ति, और परिवार के प्यार और अटूट मेहनत से यह बात सच हुई है। आप लोगों को याद होगा 2 महीने पहले मैंने एक पोस्ट किया था ,जिसमें एक पुलिसकर्मी के लड़के के सिर में दो गोलियां लगी थी, पहली बुलेट सर के पिछले हिस्से से घुसी और ब्रेन को डैमेज करते हुए सर के सामने की हड्डी में जाकर टकराई वहीं दूसरी बुलेट सर के पीछे से बाए कान और ब्रेन को डैमेज करते हुए उसकी बाईं आंख में जाकर फंस गई थी।

यह लड़का रात भर हादसें की जगह पर ही पड़ा रहा सुबह इसे अस्पताल लाया गया। हमने 7 घंटे की ऑपरेशन में यह दोनों बुलेट निकली थी। आज करीब डेढ़ से 2 महीने तक अस्पताल में यह मौत से लड़ता रहा आखिरकार आज हमने ,इस युवक को डिस्चार्ज कर दिया गया है। अभी यह युवक बिल्कुल नॉर्मल है। इनका नया जीवन तो मिल गया पर हम इसकी आंख नहीं बचा पाए।

दो महीने पुरानी पोस्ट

दो गोली सर में लगी ,रात भर हादसे की जगह पर तड़पता रहा पुलिसकर्मी का बेटा, 7 घंटे तक चला ऑपरेशन …..

23 वर्षीय युवक जो एक पुलिसकर्मी का बेटा है, 26 तारीख के रात को किसी व्यक्ति ने उसके सिर में दो गोली मारी,वह रात भर हादसे की जगह पर ही पड़ा रहा,सुबह उसे अस्पताल में एडमिट कराया गया।

पहली बुलेट सिर के पिछले हिस्से से घुसी और ब्रेन को डैमेज करते हुए सिर के सामने की हड्डी में जाकर टकराई, वहीं दूसरी बुलेट सर के पीछे से बायें कान और ब्रेन को डैमेज करते हुए उसकी बाये आंख में जाकर फंस गई, आंख पूरी तरीके से डैमेज हो गई। कल रात डॉ सीबी सहाय सर के नेतृत्व में, ENT टीम, आई डॉक्टर की टीम के साथ हमने इसका सफल ऑपरेशन किया, 2 बुलेट तो निकल गई परंतु यह युवक अभी भी वेंटिलेटर पर है।

डॉ. विकास कुमार रांची रिम्स में न्यूरो एण्ड स्पाईन सर्जन हैं.

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