
राजस्थान के जयपुर स्थित निम्स विश्वविद्यालय के डायरेक्टर डॉ बलराम सिंह तोमर (बीएस तोमर) को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. आरोप है कि तोमर तत्कालीन गहलोत सरकार की कृपा से स्वास्थ्य विज्ञान मेडिकल कॉलेज ट्रस्ट के नाम पर दिल्ली के अचरोल रोड पर 2500 रु प्रति वर्ग मीटर के दाम पर जमीन हासिल की. जबकि इसका असल मूल्य 8000 रुपये प्रति वर्ग मीटर बताया जा रहा है.
डॉ तोमर ने मोटा-मोटी जमीन के लिए 100 करोड़ रुपये चुकाए हैं. जबकि उन्हें इसके लिए 300 करोड़ रुपये भरने चहिए थे. इस अनुसार सरकारी खजाने को 200 करोड़ का घाटा हुआ. डॉ बलराम एस तोमर ने इसी तरह सिरोली, गोनेर में भी गहलोत सरकार की कृपा से एक सरकारी जमीन पर हाथ साफ कर दिया. वह भी कौड़ियों के दाम पर. एक जानकारी यह भी है कि यह ग्रुप न्यूज इंडिया नामक चैनल भी संचालित करता है.
गहलोत सरकार ने अपने कार्यकाल में यही एक नहीं बल्कि भांजे के जमाई व अन्य रिश्तेदारों को भी भी जमीन आवंटित की है. गहलोत की बात बाद में पहले निम्स के चेयरमैन डायरेक्टर डॉ बीएस तोमर उर्फ बलराम सिंह तोमर के अपराधों की फेहरिस्त कितनी लंबी है वह जान लीजिए…
यौन शोषण का आरोप
सितंबर 2016 में जयपुर की निम्स यूनिवर्सिटी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यूनिवर्सिटी) के चेयरमैन डॉ बीएस तोमर को रांची पुलिस ने अरेस्ट किया था. बीएस तोमर के खिलाफ थाना चुटिया में 6 फरवरी 2015 को यौन शोषण का मामला दर्ज किया गया था. मामले में अरेस्ट वारंट जारी होने के बाद रांची से इंस्पेक्टर भोला प्रसाद सिंह और इंस्पेक्टर ब्रजकिशोर भारती ने रांची से जयपुर जाकर तोमर को ट्रांजिट रिमांड पर लेने पहुंचे थे. इस बीच एसएसपी रांची, कुलदीप द्विवेदी को भनक लगी की डॉ तोमर जयपुर आ गए हैं, जिसके बाद उन्होंने टीम भेजकर तोमर को गिरफ्तार कराया था. तोमर के खिलाफ रांची की निम्स विश्वविद्यालय में पढऩे वाली एक छात्रा ने यौन शोषण का आरोप लगाया था.
बेटे पर दर्ज कराया 33 लाख के गबन का मुकदमा
सितंबर 2017 को, राजस्थान की निम्स यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर डॉ. अनुराग तोमर को करीब 33 लाख रुपए के गबन मामले में गिरफ्तार किया गया था. अनुराग को राजस्थान की चंदवाजी थाना पुलिस ने इंडियन मेडिकल ट्रस्ट निम्स यूनिवर्सिटी के रुपए व्यक्तिगत इस्तेमाल करने यानी गबन करने के आरोपों की पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था. तोमर के खिलाफ चार महीने पहले यूनिवर्सिटी के चेयरमैन और अनुराग के पिता डॉ. बीएस तोमर ने यह मुकदमा दर्ज कराया था. इसी मामले में पूछताछ के दौरान पुलिस ने देर रात अनुराग को गिरफ्तार कर लिया.
राजस्थान पुलिस के अधिकारी गोविंदगढ़ डिप्टी दीपक शर्मा के अनुसार निम्स यूनिवर्सिटी के चेयरमैन की ओर से मई 2017 में बेटे अनुराग के खिलाफ यह मामला दर्ज कराया था. गबन के इस मामले में अनुराग पर ट्रस्ट के रुपए एक फार्म हाउस पर खर्च करने के आरोप लगे थे. इसी मामले की जांच के बाद चंदवाजी थाना पुलिस ने अनुराग को गिरफ्तार किया है.
बीएस तोमर पर ट्रस्ट का पैसा न्यूज़ इंडिया में फूंकने का आरोप
इंडियन मेडिकल ट्रस्ट जयपुर की ओर से संचालित निम्स विश्वविद्यालय के बैंक खातों में से नियम विरुद्ध करोड़ों रुपए की राशि खुर्द-बुर्द करने को लेकर मोतीडूंगरी थाने में मामला दर्ज हुआ था. इंडियन मेडिकल ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी डॉ.अनुराग तोमर ने 28 मार्च 2017 को अपने पिता डॉ.बीएस तोमर के खिलाफ यह मामला दर्ज करवाया है. अनुराग तोमर ने आरोप लगाया कि बीएस तोमर ने न्यूज इंडिया चैनल से जुड़ी ओमेगा टीवी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को खरीदने, टीवी चैनल का सामान खरीदने और कर्मचारियों को सैलेरी देने में निम्स खातों से निकाली करोड़ों की राशि खर्च कर दी. इस कंपनी में बीएस तोमर और उनकी पुत्री जूही तोमर निदेशक है.
अनुराग का आरोप है कि, बीएस तोमर ने 25 लाख रुपए कंपनी खरीदने में खर्च किए और चैनल का सामान खरीदने में दो करोड़ रुपए लगा दिए. ये सवा दो करोड रुपए निम्स खातों में से निकाल कर लगा दिए हैं. इस कंपनी के कर्मचारियों की तनख्वाह भी निम्स खातों से दी जा रही है, जो एक आपराधिक कृत्य है. बलवीर सिंह तोमर की और भी कई कंपनियां है. इन कंपनियों में भी निम्स खातों से लाखों रुपए की राशि निकाली जा रही है. इस तरह की धोखाधड़ी को लेकर बीएस तोमर पर कई मामले दर्ज हैं. जिनमें वह गिरफ्तार भी हो चुके हैं. बताया तो यह भी जा रहा है कि बीएस तोमर को निम्स चेयरमैन पद से निलंबित किया जा चुका है, जिसके बारे में देवस्थान विभाग जयपुर ने भी आदेश दे रखे हैं.
परिवार के भीतर ही कलह-मुकदमा
निम्स विश्वविद्यालय और उसके ट्रस्ट पर स्वामित्व को लेकर डॉ बीएस तोमर, डॉ अनुराग तोमर व उनके पारिवारिक सदस्यों के बीच पारिवारिक कलह एवं मुकदमे बाजी चल रही है. एक-दूसरे के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करवा रखे हैं। डॉ बीएस तोमर ने बेटे अनुराग तोमर के खिलाफ भी हाल ही गबन का एक मामला अचरोल थाना पुलिस में दर्ज करवा रखा है. इसके अलावा कुछ दिनों पहले गोवा के एक होटल में भी बीएस तोमर का एक वीडियो खासा चर्चा में रहा था, जिसमें एक छात्रा के साथ उन्हें उनके परिजनों ने पकड़ लिया था. इस मामले में खासा विवाद हुआ था और गोवा पुलिस में शिकायत भी दर्ज हुई थी.
अब थोड़ी सी गहलोत सरकार की कारगुजारियां
जमीन के घपले-घोटाले का गहलोत सरकार पर यह कोई पहला आरोप नहीं है. इससे पहले इसी साल अप्रैल महीने में उनपर जोधपुर में रिश्तेदारों को रद्दी के दाम जमीन आवंटित कर देने का आरोप लगा था. इसे लेकर जोधपुर विकास प्राधिकरण से विस्तृत रिपोर्ट सीएम कार्यालय भेजी है. कहा गया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल्द ही कोई बड़ा एक्शन ले सकते हैं.
किसे दी जमीन?
गहलोत सरकार द्वारा आंगनवा में 10000 वर्ग मीटर जमीन राजस्थान एजुकेशनल ट्रस्ट (निजी शिक्षण संस्थान) को आवंटित की गई. इस मामले में आरोप है कि जेडीए ने आवंटन प्रक्रिया में कई अनियमिताएं बरती हैं. इस भूमि का आवंटन गहलोत के भांजे के जमाई अतुल सांखला को एकल पट्टा जारी किया गया. शिकायत में पाया कि जेडीए ने उसके आवेदन में बताए गए तथ्यों का सही वेरिफिकेशन नहीं किया.


