
नीट यूजी परीक्षा के रिजल्ट को लेकर नेशनल टेस्ट एजेंसी (NTA) पर धांधली के खूब आरोप लग रहे हैं. बीएचयू में छात्रों ने प्रदर्शन किया है, द क्वालीफायर के संस्थापक आदित्य केजरीवाल ने एनटीए एजेंसी से कई सवाल पूछे हैं तो वहीं नीट परीक्षा में धांधली को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन की चेतावनी दी है. बावजूद इसके परीक्षा रद्द नहीं कराई जा रही है.
वहीं, इस मामले में जानकारों का कहना है कि, धांधली तो बड़ी हुई है. सरकार के किसी मंत्री की सेटिंग लगती है. चुनावी चंदा का भी जुगाड़ किया गया होगा. इसलिए इतने हो हल्ला और मीडिया ट्रायल, कांग्रेस बयान, प्रियंका गाँधी बयान, कोलकत्ता हाईकोर्ट की सक्रियता, रवीश कुमार वीडियो, ध्रुव राठी वीडियो और पूरे ट्विटर के बोलने के बाद भी NTA एकदम आराम से बैठी हुई है.
बिहार युवा कांग्रेस प्रवक्ता जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि, पहली बार 67 छात्रों ने 720 में से 720 अंक मतलब 100 प्रतिशत अंक हासिल किए. इनमें से 8 छात्र एक ही सेंटर के हैं जो बड़े संदेह के घेरे में है. ऐसा पहली बार हुआ है कि इतनी बड़ा संख्या में छात्रों ने 100 प्रतिशत अंक प्राप्त किया है, इससे पहले 4 छात्र ही यह कीर्तिमान बना पाए थे.
बता दें कि 5 मई को नीट की परीक्षा हुई थी, जिसका परिणाम 14 जून को आना था, लेकिन परिणाम 10 दिन पहले यानी 4 जून को ही निकाल दिए गए. जिस दिन लोकसभा के नतीजे आ रहे थे. इसे लेकर परीक्षा कराने वाली सरकारी एजेंसी एनटीए पर बहुत सारे सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

बीएचयू सिंहद्वार पर तेज धूप के बीच विरोध कर रहे कुछ छात्रों का कहना है कि, एनटीए द्वारा आयोजित नीट परीक्षा के स्कोर के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में दाखिला मिलता है. इसलिए छात्र इस परीक्षा में अव्वल होने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं. नतीजों के सामने आने के बाद कई छात्र नाराज हैं. उनकी मांग है कि परीक्षा रद्द की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.
एक ही परीक्षा केंद्र के 8 छात्र टॉपर
एनटीए द्वारा जारी नीट टॉपरों की लिस्ट में 8 छात्रों के रोल नंबर एक ही सीरीज (62 से 69) को लेकर संदेह व्यक्त किया गया है. इनमें से 6 छात्रों ने रैंक 1 पाई है. इन सभी का सेंटर हरियाणा के बहादुरगढ़ में था. अभ्यर्थियों और परीक्षा विशेषज्ञों ने इस पर सवाल उठाते हुए नीट की पार्दर्शिता पर सवाल उठाया है. संदेह तब और गहराया जब इनमें से सात छात्रों के सरनेम लिस्ट में नहीं दिए गए हैं.
सवाल उठा रहे छात्रों का तर्क है कि नीट का पेपर 720 नंबर का होता है. प्रत्येक सवाल चार नंबर का होता है और गलत उत्तर पर एक अंक की नेगेटिव मार्किंग होती है. अगर कोई परिक्षार्थी सभी सवाल सही करता है तो उसके पूरे 720 में से 720 नंबर आएंगे और यदि एक सवाल छोड़ देता है तो अंक 716 हो जाएंगे. वहीं एक सवाल गलत होने पर अंक 715 रह जाएंगे. ऐसे में 718 व 719 अंक हासिल कर पाना असंभव है. 720 के बाद किसी के 715 और 716 अंक ही आ सकते हैं.


