टीवी छोड़कर यूट्यूब की दुनिया में स्वतंत्र पत्रकारिता कर रहे वरिष्ठ पत्रकारों के साथ ही कुछ अन्य भारतीय न्यूज यूट्यूबर्स को उनके चैनल पर चले एक वीडियो की कमाई का हिस्सा नहीं मिलेगा. यह बात इन पत्रकारों को यूट्यूब की तरफ से कही गई है.
दरअसल, दक्षिण अफ्रीका स्थित जिकी मीडिया एंटरटेनमेंट नाम की कंपनी ने उक्त पत्रकारों द्वारा चलाए गए वीडियो पर कॉपीराइट दावा किया है. कंपनी संगीत निर्माणऔर वितरण का काम करती है. कंपनी का मुख्यालय जोहान्सबर्ग में, तथा एक शाखा नोएडा में है. दलेर मेहंदी, जैस्मीन सैंडलास और जे स्टार सरीखे लोग भारत में इसके ग्राहक बताए जाते हैं.
बताया जा रहा है कि इन पत्रकारों ने पिछले महीने यूट्यूब पर लोकसभा चुनाव के परिणामों से संबंधित वीडियो बनाकर चलाए थे. जिसके बाद करीब एक दर्जन यूट्यूबर्स को पुराने वीडियो पर कॉपीराइट दावे मिले, इसके बाद इन यूट्यूबर्स को इस वीडियो से हुई कमाई का हिस्सा नहीं दिया जाएगा.
कौन-कौन यूट्यूबर्स को आया कॉपीराइट दावा?
जिन पत्रकारों को इस तरह का दावा भेजा गया उनमें रवीश कुमार, अजीत अंजुम, अभिसार शर्मा, साक्षी जोशी के अलावा बोलता हिंदुस्तान, द प्रोब, दस्तक लाइव न्यूज और रिएक्शन वाला जैसे डिजिटल न्यूज प्लेटफार्म्स के वीडियो पर दावा कॉपीराइट दावा पेश किया गया है. उन चैनलों की संख्या दर्जनों में बताई जा रही है जिन्हें इस प्रकार का दावा भेजा गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन पत्रकारों का कहना है कि कॉपीराइट के दावे चौंकाने वाले थे. क्योंकि उन्होंने अपनी वीडियो क्लिप्स में संगीत या किसी निजी वीडियो का इस्तेमाल ही नहीं किया. जबकि दावा पहले के प्रकाशित एक वीडियो के लिए किया गया. इनमें अधिकांश दावे प्रेस-कॉन्फ्रेंस जैसे सार्वजनिक जोमेन पर प्राप्त क्लिपों के लिए थे.
इस मामले में साक्षी जोशी ने कहा कि, “उन्हें जिकी मीडिया से कम से कम तीन ऐसे दावे मिले, जिसका मतलब था कि वह अब उन वीडियो से कमाई नहीं कर सकती हैं.”

बता दें कि साक्षी जोशी के यूट्यूब सब्सक्राइबर्स 20 लाख के आसपास हैं, अभिसार शर्मा के सब्सक्राइबर्स की संख्या 35 लाख के आसपास है. इसी तरह अजीत अंजुम के 63 लाख सब्सक्राइबर्स और रवीश कुमार के सब्सक्राइबर्स की संख्या 11.3 मिलियन है.




