छत्तीसगढ़ : बस्तर के चार टीवी पत्रकारों को गाँजा खोंसकर गिरफ्तार कराने वाला थाना प्रभारी कोंटा अजय सोनकर जेल जाते-जाते अपने पीछे एक गहरा सवाल छोड़ गया है. ये सवाल इंटरनेट पर तैर रहे उस संदेश का है जिसमें लिखा है, “नेताजी को बता देना”.
बता दें कि इस मामले को लेकर पूरे छत्तीसगढ़ के पत्रकारों में रोष व्याप्त है. भारी विरोध के बीच अजय सोनकर की जांच बैठी, जिसमें उसे साजिश का दोषी पाया गया. पुलिस ने मुकदमा कर उसे भी जेल पहुंचा दिया है.
इस बीच आज बुधवार इंटरनेट पर एक स्क्रीनशॉट वायरल हुआ. इसमें एक व्यक्ति द्वारा अजय सोनकर पर मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी गई है, उसके नीचे अजय सोनकर कह रहा है कि नेताजी को बता देना. यही एक संदेश प्रदेश की राजनीति में इस वक्त उथल-पुथल मचा रहा है.
नेताजी कौन हैं?

इस संदेश के वायरल होने के बाद लोग सवाल कर रहे हैं कि ये नेताजी कौन हैं, जिन्हें खुश करने-रखने की ललक में चार बेगुनाह पत्रकारों की गाड़ी में गाँजा रखवाकर फंसाने वाला टीआई खुद भी जेल जा रहा है? सवाल ये भी उठ रहे हैं कि क्या टीआई अजय सोनकर ने चार पत्रकारों की गिरफ्तारी को लेकर किसी गहरी साजिश की तरफ इशारा किया है.. जो लीक हो गया, या किया कराया गया? इससे पर्दा उठना बाकी है और जरूरी भी.
पुलिस जांच से समझिए पूरी कहानी
पुलिस की जांच में कई अहम बातें सामने आई हैं. जैसा की, पत्रकारों ने कोंटा टीआई सोनकर की भूमिका संदिग्ध होने का आरोप लगाया था. पुलिस ने जांच की और आरोप सिद्ध हुए. यह पता भी चला कि चारों पत्रकारों को इरशाद खान और माडवी पवन नाम के दो व्यक्तियों ने बुलवाया था. जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने के लिए. इसके बाद अवैध रेत खनन कर रहे ट्रक चालकों और ठेकेदार चंदू से चारों की कुछ कहासुनी हुई थी. यहां से चारों पत्रकार कोंटा के आरएसएन लॉज में रुके. यहां रेत ठेकेदार चंदू भी रात भर रहा.
इस दौरान खान और पवन 9 अगस्त की रात पत्रकार बप्पी रॉय की कार लेकर कहीं गए. बाद में वापस लॉज में लौटे. चारों पत्रकार इस दौरान लॉज में ही रहे. सोनकर उसी रात इसी इलाके में गश्त पर रहा.
अगली सुबह चिंतूर पुलिस ने चारों पत्रकारों पर एनडीपीएस की धारा में मुकदमा लिखकर गिरफ्तार कर लिया, जबकि खान और पवन गायब हो गए. जांच टीम में शामिल एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि खान और पवन पर पहले भी एनडीपीएस में मुकदमे दर्ज हैं. मामला मीडिया में आते ही सोनकर लॉज के सीसीटीवी का डीवीआर निकाल ले गया.
अब आगे क्या?
बस्तर क्षेत्र के पत्रकारों ने बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में एक बैठक बुलाई है और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा, जिनके पास गृह विभाग भी है, से 15 अगस्त को मुलाकात करेंगे. पत्रकार, शर्मा को ज्ञापन देकर मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की डिमांड रखेंगे. दावा किया गया है कि इस मामले में रेत माफिया, पुलिस और कुछ नेताओं की मिलीभगत का अंदेशा है, जिसकी जांच सीबीआई से करानी आवश्यक है.
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