रूपेश मिश्रा-
दोस्तों आप लोगों को आर्या डिजिटल वाले दुर्गेश सिंह की एक और करतूत से अवगत करवा रहा हूं कि कैसे ये व्यक्ति लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी करता है. सिंघानिया क्रिएशन के बैनर तले बनी फिल्म “माटी रंगाई खून से” जिसकी निर्मात्री प्रतिभा सिंह (परी सिंघानिया) हैं और फिल्म पूरी होने पर दुर्गेश सिंह आर्य डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चलता है जो परी सिंघानिया से फिल्म के सारे राइट्स 28 लाख में खरीद लेता है, और एग्रीमेंट के टाइम पूरी फिल्म की सारी फ़ाइल मंगवा लेता है.
दुर्गेश के मुंह से बहन-बहन सुनकर, परी सिंघानिया को लगा कि दुर्गेश तो बहुत अच्छा है, बहन बोलकर इज्जत भी देता है. तो परी सिंघानिया ने दुर्गेश सिंह के ऊपर भाई समझकर भरोसा किया और एग्रीमेंट कर लिया. फिल्म की सारी फ़ाइल के साथ तीनों हार्ड डिस्क दुर्गेश सिंह के हवाले कर दिया और जब परी सिंघानिया ने एग्रिमेंट के अनुसार पैसे की बात कही तो दुर्गेश सिंह ने परी सिंघानिया का अकाउंट नंबर लिया और बोला बहन आप घर जब तक पहुंचेंगी तब तक आपके अकाउंट में पैसे एग्रीमेंट के अनुसार पहुंच जाएंगे. बहन आप बिल्कुल चिंता मत कीजिए.
अब परी सिंघानिया एक भाई के ऊपर भरोसा करके उसके हाथ में सब कुछ सौंप कर घर वापस आ जाती हैं. फिर कॉल और व्हाट्सअप का सिलसिला चलता है. परी सिंघानिया के कॉल करने पर दुर्गेश कुछ न कुछ समस्या बताकर बोलता है कि बस बहन चिंता नहीं कीजिए भेजता हूं.
ये सिलसिला 4 महीने तक चलता है, व्हाट्सप्प पर एक बहन हाथ जोड़कर अपने पैसे की भीख मांगती रही. परी ने फाइनेंसर का प्रेशर होने का हवाला देकर कहा, पैसे दे दो प्लीज़ थोड़ा-थोड़ा ही करके दे दो, लेकिन भाई को कोई फर्क नहीं पड़ा.
कुछ दिन और बीतने के बाद चोर दुर्गेश सिंह ने परी सिंघानिया का कॉल उठा भी बंद कर दिया तो परी सिंघानिया को समझ में आया कि अब ये एक रुपए नहीं देने वाला, तब उन्होंने प्रशासन और कानून का दरवाजा खटखटाया. जब उस चोर दुर्गेश सिंह को नोटिस मिली तो उसने परी सिंघानिया के अकाउंट में महज 100 रुपए देकर कॉल करता है कि बहन मैंने आपका अकाउंट चेक करने के लिए 100 रुपए डाला है. उसके बाद चोर दुर्गेश सिंह उल्टा आरोप परी सिंघानिया पर लगाता है कि आपकी तो सारी फाइल करप्ट है, आउट सिंक है ऑडियो वीडियो मिस मैच है फिल्म का रेजुलेशन कम है तरह तरह के बहाने बनाकर परी सिंघानिया के ऊपर जौनपुर कोर्ट से केस कर देता है और फिल्म का ट्रेलर अपने चैनल पर 15 अगस्त 2024 को रिलीज कर देता है, क्योंकि परी सिंघानिया ने फिल्म का सेंसर सर्टिफिकेट भी दे दिया था.
अरे भाई जब सारी फाइल अनबैलेंस थी, हार्ड डिस्क करप्ट था तो कैसे ट्रेलर रिलीज कर दिया और दशहरा में पूरी फिल्म रिलीज करने के लिए मुझे, सचिन यादव से बोला कि जिसकी जितनी औकात है फिल्म रिलीज होने से रोक ले.
तो दोस्तों कुल मिलाकर दुर्गेश सिंह भोले भाले निर्माताओं को लालच देकर अपनी जाल में फंसाकर उनकी फिल्मों से पैसे कमाता है और फिल्म के ऊपर केस करके कोर्ट में डाल देता है. आप पैसे लगाकर फिल्म बनाइए और इसको लाखों करोड़ों की फिल्म भी दे दीजिए और ऊपर से केस भी लड़ो और मजे की बात तो यह है कि महाचोर धूर्त- फ्रॉड ने फिल्म तो ले लिया बिना पैसे दिए और 92 लाख का कर्जा भी परी सिंघानिया के ऊपर डाल दिया है. ये केस जौनपुर कोर्ट में किया गया है.
इस जालसाज दुर्गेश ने अदालत को भी गुमराह किया हुआ है लेकिन इस चोर का पीछा हम लोग नहीं छोड़ने वाले है हम भी देखते हैं ये कब तब चूहा बिल्ली का खेल खेलता है? कब तक ये प्रशाशन और कानून की आंख में धूल झोंकता है? इसके एक-एक काले चिट्ठे को लेकर इस चोर करतूत जनता प्रशासन और कानून के सामने रखूंगा.



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