यशवंत सिंह-
वे अफ़सर अच्छे होते हैं जो जनता के दुख को इत्मीनान से बैठकर सुनते हैं और ये काम नियमित तौर पर करते हैं। गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ ईरज राजा ऐसे ही हैं। अपने दरवाजे पर आए फ़रियादियों को वे बाइज्जत सुनते हैं। उचित कार्रवाई और सही सलाह देते हैं। उन्होंने अपने नीचे के अफसरों को काम पर लगा रखा है।
इनके ठीक पहले वाले जो एसपी थे उनकी छवि सही नहीं थी। भ्रष्टाचार की काफ़ी चर्चाएँ थीं। गाजीपुर के लोग अफ़सर कैसा है, इसके बारे में तुरंत विश्लेषण और हल्ला करना शुरू कर देते हैं।
युवा पुलिस अफ़सर ई राजा काम करने में विश्वास रखते हैं, ये बात उनके आने के कुछ दिनों बाद ही फ़ैल गई थी। जो ख़ुद काम करता है वह अपनी टीम को भी काम पर लगाए रखता है।

गाज़ीपुर में जमीन विवाद सर्वाधिक है। प्रशासनिक अफसरों की लचर कार्यप्रणाली से जमीन विवाद के मामले पीड़ित लोग पुलिस के पास लेकर चले आते हैं। जबकि उनके विवाद का प्रकरण किसी कोर्ट में चल रहा होता है। फरियादियों में महिलाओं की संख्या ज़्यादा दिखी।
अपने एक मित्र के एक मामले में आज एसपी डॉ ई राजा से मिला। मनीष यादव लालू भाई टाइम दिलाए थे।
डॉ ईरज राजा 2017 बैच के आईपीएस हैं। उन्होंने डॉक्टरी का पेशा छोड़ कर पुलिस सर्विस को अपनाया। वे गाजियाबाद जिले से लेकर जालौन तक पोस्टेड रहे।
डॉ. ईरज राजा मूल रूप से आगरा के रहने वाले हैं। वर्ष 2011 में उन्होंने MBBS की शिक्षा को पूरा कर 4 सालों तक बिजनौर जिले में मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात रहे। इसके बाद 2017 में UPSC की परीक्षा पास कर आईपीएस अफसर बने।
ट्रेनिंग पूरी करने के बाद पहली पोस्टिंग लखनऊ में मिली। इसके बाद भी 4 महीने मेरठ में ASP रहे। फिर गाजियाबाद के एसपी ग्रामीण रहे दो साल तक। इस दौरान करीब 150 हाफ एनकाउंटर किए। इसके बाद जनवरी 2023 में बुंदेलखंड के जालौन जिले का चार्ज मिला। यहां पर भी हाफ एनकाउंटर की हाफ सेंचुरी बन गई।
28 मार्च 2023 को जनपद जालौन में पुलिस की लापरवाही के चलते रेप पीड़िता के पिता ने फांसी लगा ली थी। इस घटना के बाद गुस्साए एसपी जालौन डॉ राजा ने पुलिसकर्मियों को वायरलेस सेट पर कहा था कि ‘तुम सब चुल्लू भर पानी में डूब मरो। अगर रेप पीड़िता की फरियाद नहीं सुनोगे तो लापरवाही करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करूंगा और बर्खास्त कर दूंगा। नौकरी कैसे की जाती है, यह भी सिखा दूंगा। इसके बाद पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारी हर मामले की गंभीरता को समझते हुए उसमें मुकदमा दर्ज करने लगे।
सुनें वो ऑडियो-
https://youtu.be/iCj01wv9Alc?si=bTZapuuW0US1BX2X


