एक दुखद खबर न्यूज़18 ग्रुप से आ रही है। सीनियर साउंड इंजीनियर विनय सिंह को ब्रेन स्ट्रोक के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। ग़ाज़ियाबाद के नेहरूनगर स्थित यशोदा अस्पताल में विनय की नाज़ुक स्थिति देख फौरन उन्हें ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया और तुरंत ऑपरेशन किया गया।
बताया जाता है कि सिर में एक छेद कर डॉक्टरों ने क्लॉटिंग को हटाया और फिर मस्तिष्क के खून को साफ़ करने की प्रक्रिया शुरू की। विनय को आईसीयू में रखा गया है। अभी उन्हें होश नहीं आया है। डॉक्टर का कहना है कि बढ़े हुए ब्लड प्रेशर के कारण ब्रेन स्ट्रोक आने की आशंका है। ऑपरेशन सफल रहा। जल्द ही होश में आ जाएँगे।
हालांकि विनय के परिजनों ने बताया कि आज शाम तक उन्हें होश नहीं आया है। ब्रेन स्ट्रोक कल सुबह आया था। चौबीस घंटे से ज़्यादा का वक्त गुज़र चुका है ऑपरेशन के बाद। अभी तक विनय की आँख नहीं खुली है।
आजमगढ़ के मूल निवासी विनय सिंह करीब दो दशक से नेटवर्क18 ग्रुप के साथ हैं। न्यूज़18इंडिया चैनल जब आईबीएन7 हुआ करता था, और उसके पहले चैनल7 नाम था, तबसे वो यहाँ कार्यरत हैं। उन्हें दूसरे चैनल जॉइन करने के ऑफर कई बार आए लेकिन उन्होंने अपनी निष्ठा नहीं बदली।
विनय को ब्रेन स्ट्रोक की खबर पता चलने के बाद उनके साथ काम करने वाले लोग अस्पताल पहुँचने लगे हैं। सबने जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।
भड़ास एडिटर यशवंत ने भी अस्पताल पहुँच कर विनय को आईसीयू में जाकर देखा। उन्होंने भी जल्द सब कुछ ठीक होने की उम्मीद जताई है।
सर्दियों में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ने के पीछे कई कारण होते हैं, जो मुख्यतः ठंडे मौसम के शरीर पर प्रभाव से जुड़े होते हैं। इनमें प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
1. रक्त वाहिकाओं का संकुचन (Vasoconstriction)
ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। उच्च रक्तचाप ब्रेन स्ट्रोक का मुख्य कारण है।
2. खून के गाढ़े होने की संभावना
ठंड में शरीर डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकता है, जिससे खून गाढ़ा हो जाता है। गाढ़ा खून जमने (थक्का बनने) की संभावना को बढ़ाता है, जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।
3. ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव
ठंड के मौसम में शरीर को गर्म रखने के लिए अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है, जिससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है। यह हाइपरटेंशन स्ट्रोक का एक बड़ा कारण बन सकता है।
4. दिल की कार्यक्षमता पर असर
सर्दियों में दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ता है। दिल की समस्याएं जैसे एट्रियल फाइब्रिलेशन (अनियमित हृदय गति) भी ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम बढ़ाती हैं।
5. कम शारीरिक गतिविधि
सर्दियों में लोग शारीरिक गतिविधि कम कर देते हैं और घर के अंदर अधिक समय बिताते हैं। इससे वजन बढ़ सकता है और ब्लड सर्कुलेशन खराब हो सकता है, जो स्ट्रोक के लिए एक जोखिम कारक है।
6. ठंड का सीधा प्रभाव
ठंडा तापमान रक्तचाप और हृदय गति को सीधे प्रभावित कर सकता है। जिन लोगों को पहले से ही हृदय या मस्तिष्क संबंधी समस्याएं हैं, उनके लिए यह जोखिम और अधिक हो जाता है।
सावधानियां
1. ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें और शरीर को गर्म रखें।
2. संतुलित आहार लें और पानी की पर्याप्त मात्रा का सेवन करें।
3. नियमित व्यायाम करें, भले ही यह घर के अंदर हो।
4. ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल की नियमित जांच करवाएं।
5. अचानक बहुत ठंडी जगह पर जाने से बचें।
अगर कोई स्ट्रोक के लक्षण दिखे, जैसे कि अचानक कमजोरी, बोलने में कठिनाई, या चक्कर आना, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज से बड़ा नुकसान टाला जा सकता है।


