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सियासत

राहुल गांधी सत्ता में आने पर अदानी-अंबानी के मीडिया हाउसेज को बंद करा देंगे क्या? वीडियो देखें

बीवी श्रीनिवास-

राहुल गांधी ने आज भाषण में क्या कहा, पढ़िये- ये जो मीडिया के लोग कैमरा लिए घूम रहे हैं- ये आपके नहीं हैं, ये अडानी-अंबानी का मीडिया है।

• आप भूखे मर जाएं
• आपके बच्चे भूखे मर जाएं
• किसान आत्महत्या कर लें

लेकिन मीडिया को कोई फर्क नहीं पड़ेगा, ये अडानी-अंबानी की शादी दिखाएंगे। ये मीडिया वाले उनके हैं, उनकी नौकरी करते हैं।

ये कभी हिंदुस्तान के किसानों-मजदूरों, बेरोजगार युवाओं की बात नहीं करेंगे। मीडिया में अफगानिस्तान और पाकिस्तान की बात होगी, लेकिन हिंदुस्तान के किसानों और मजदूरों की बात नहीं होगी।

ये लोग हिंदुस्तान को डराने में लगे हैं कि देखो अफगानिस्तान में क्या हो रहा है… लेकिन ये नहीं बताएंगे कि हिंदुस्तान में क्या हो रहा है।


यशवंत सिंह-

क्या सत्ता में आने पर राहुल गांधी जी इन अदानी-अंबानी के मीडिया को बंद / बैन करा देंगे?

या फिर बस विपक्ष में रहने तक का ये भों-भों हैं?

नरेंद्र मोदी जी भी विपक्ष में थे तो डॉलर के सामने गिरते रुपये, सिलेंडर के बढ़ते दाम, पेट्रोल डीज़ल के बढ़ते दाम, विदेशों में काला धन को लेकर बहुत भाषण देते रहते थे। आख़िर क्या हुआ?

रुपया गिरते गिरते रसातल में पहुँच गया है। सिलेंडर के दाम आसमान छू चुके हैं।

विदेशों से काला धन एक्को नहीं आया उल्टे लुटेरे भारतीय धन लेकर विदेशों में जा बसे हैं।

चरम झुट्ठे हैं परम मादरणीय भारतीय नेता!

देखें वीडियो…

https://x.com/yashbhadas/status/1883823028976398426?s=46


आवेश तिवारी-

मंत्र गूंजता है “आपको गुलाम बनाया जा रहा है, आपको गुलाम बनाया जा रहा है” आप बंद कर लीजिए अपने कान। हैरान केवल राहुल गांधी नहीं हैं हम सब हैं कि गुलामी के इस दौर में भी जुंबिश नहीं होती।

मुर्दों की भीड़ में कितनी लाशों में सांसें फूंकेगा राहुल गांधी? क्या यह जिम्मेदारी अकेले राहुल गांधी की है? कांग्रेस की है? आप क्या कर रहे हैं? जिदंगी जी रहे हैं। यकीन है जी रहे हैं?

आपको गलतफहमी है कि केवल इस देश के अल्पसंख्यकों को इन ठगों आतताईयों ने दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया है। दरअसल इस देश के हर वंचित, कमजोर हाशिए की जनता से उसकी नागरिकता छीन ली गई है। वह पिछड़ा हो दलित हो, गरीब सवर्ण हो कोई हो।

जब तुम राहुल @RahulGandhi के कहे पर यकीन नहीं करते या उन पर हंसते हो तो दरअसल उस एक वक्त तुम अपनी बेचारगी पर हंस रहे होते हो। राहुल की नाउम्मीदगी साझे की नाउम्मीदगी है। राहुल जैसे लोग उस छोटी सी भीड़ से हैं जो इस देश को देखकर अब रोती है।

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