राजस्थान | पूरे देश में पत्रकारों को सरकारी शिकार बनाया जा रहा है। खासकर उन पत्रकारों को जो सरकार की कमियों के खिलाफ कलम चलाते हैं। ताजा प्रकरण राजस्थान के पत्रकार हरीश गुप्ता का सामने आया है। इनपुट है कि हरीश गुप्ता के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। इनमें एक जयपुर (गांधीनगर में) और तीन मुकदमे कोटा जिले (कोतवाली, कुन्हाडी और केशवरायपाटन) में दर्ज हुए हैं। सरकार के खिलाफ लिखने पर हरीश गुप्ता पर एफआईआर का यह कोई पहला प्रकरण नहीं है बल्कि इससे पहले भी राजस्थान में पत्रकारों की आवाज लगातार दबाई जा रही है। कई पत्रकार सरकारी दमन का शिकार हो चुके हैं।
कोटा जिले के कुन्हाडी में दर्ज हुई एफआईआर की कॉपी देखिए….



जितेश जेठानंदानी-
राजस्थान के पत्रकार हरीश गुप्ता पर कई FIR दर्ज हुई है.. मुझे ये तो नहीं पता है….कहां मामला दर्ज हुआ लेकिन ये पता है..किसी खबर को लिखने के कारण दर्ज हुआ है..वो खबर सही थी या गलत ये भी नहीं पता है।
लेकिन एक बात सत्य है हरीश गुप्ता बेबाकी से पत्रकारिता कर रहे थे… हरीश गुप्ता लगातार मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा जी के खिलाफ खबर लिख रहे थे. खुलकर गलत को गलत बोल रहे थे. आजकल सरकारों को खुद पक्ष में लिखने वाले पत्रकार पंसद है. नहीं तो सरकार आवाज दबाने के लिए हर तरह का प्रयास करती है.
पिछली सरकार में वरिष्ठ पत्रकार महेश झालनी को गिरफ्तार किया था. मुझे भी राष्ट्रवादी पत्रकार कह-कहकर पिछली सरकार में कुछ नेताओं ने खूब परेशान किया.. और अब वर्तमान सरकार के अंदर भी हर जगह मेरा पास तक नहीं बनने दिया जाता है…हर जगह मुझे रोका जाता है….मेरे ऊपर 2 बार हमले हो चुके हैं…हर तरह से मेरी भी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
लेकिन मैं सुबह शाम….जय श्री राम बोलता हूं…और भारत माता की जय बोलता हूं और गलत को गलत और सही को सही बोलता हुआ खबर लिख देता हूँ।
पत्रकारों के मामले में मुझे पीएम मोदी बेहद पंसद है, कुछ पत्रकार 24-24 घंटे उनके खिलाफ़ एजेंडा तक चलाते हैं, फेक न्यूज भी कई लोग चला देते हैं…लेकिन आज तक पीएम मोदी ने व्यक्तिगत तौर पर एक पत्रकार को भी नुकसान नहीं पहुँचाया, पीएम मोदी जी से आज के नेताओं को सिखाना चाहिए! आवाज दबाने से कुछ नहीं होगा अब जनता का काम कीजिए।



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