नई दिल्ली | देश के सबसे बड़े फ्री-टू-एयर प्लेटफॉर्म DD Free Dish की सातवीं वार्षिक ई-नीलामी सोमवार से शुरू हो गई है। इस बार सरकार ने न्यूज चैनलों, खासतौर पर क्षेत्रीय भाषा (रीजनल) न्यूज चैनलों को बढ़ावा देने के लिए बड़े बदलाव किए हैं।
हिंदी और क्षेत्रीय समाचार चैनलों के लिए बड़ा मौका
DD Free Dish पहले से ही हिंदी समाचार चैनलों के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म रहा है। 2024 की नीलामी में 12 हिंदी समाचार चैनलों ने 17.5 से 19 करोड़ रुपये तक की कीमत में स्लॉट खरीदे।
लेकिन इस बार सरकार दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के समाचार चैनलों को भी प्रमोट करने के लिए नई रणनीति अपना रही है।
नीलामी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
इस साल DD Free Dish की नीलामी प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:
- नई ‘Bucket R’ कैटेगरी:
हिंदी, उर्दू, मराठी और पंजाबी को छोड़कर सभी क्षेत्रीय भाषा समाचार चैनलों के लिए “Bucket R” बनाया गया है।
इस कैटेगरी का आरक्षित मूल्य (Reserve Price) सिर्फ 3 करोड़ रुपये रखा गया है, जिससे छोटे और नए समाचार चैनलों को भी मौका मिलेगा।
यदि कोई भाषा लगातार दो वर्षों तक इस बकेट में बनी रहती है, तो उसे अगले साल ‘Bucket D’ (6 करोड़ रुपये आरक्षित मूल्य) में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
- नीलामी में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा:
अब नीलामी में स्लॉट की संख्या पहले से घोषित नहीं की जाएगी, जिससे बोली लगाने वालों में अधिक प्रतिस्पर्धा बनी रहे।
यह बदलाव DD Free Dish की कमाई बढ़ाने और चैनलों को उनकी वास्तविक मांग के आधार पर स्लॉट देने के लिए किया गया है।
- हिंदी समाचार चैनलों को भी राहत की उम्मीद:
विशेषज्ञों का मानना है कि Bucket C (जिसका आरक्षित मूल्य 8 करोड़ रुपये है) को दोबारा नीलामी में लाया जा सकता है।
इससे हिंदी समाचार चैनलों को अतिरिक्त स्लॉट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
न्यूज चैनलों के लिए क्यों फायदेमंद है DD Free Dish?
देशभर में करोड़ों दर्शकों तक बिना मासिक शुल्क के पहुंचने का मौका।
ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में सबसे ज्यादा लोकप्रिय।
कम लागत में ज्यादा दर्शकों तक समाचार पहुंचाने का बेहतरीन प्लेटफॉर्म।
विज्ञापन राजस्व बढ़ाने का शानदार जरिया।


