Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

सिपाहियों ने रची थी IPS कल्पना सक्सेना को ठिकाने लगाने की साजिश, कोर्ट ने दी 10-10 साल की सजा!

बरेली | गाजियाबाद में तैनात अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (एडीसीपी) कल्पना सक्सेना, जो 2010 में बरेली में एसपी ट्रैफिक के पद पर कार्यरत थीं, पर कार से जान से मारने का प्रयास करने के मामले में सोमवार को अपर जिला और सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) सुरेश कुमार गुप्ता ने दोषियों को 10-10 साल की सजा और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

यह घटना 2 सितंबर 2010 की रात की है, जब एसपी ट्रैफिक कल्पना सक्सेना को सूचना मिली कि उनके अधीनस्थ ट्रैफिक पुलिसकर्मी ट्रक चालकों से अवैध वसूली कर रहे हैं। एसपी कल्पना सक्सेना ने मौके पर पहुंचकर इन पुलिसकर्मियों का पीछा किया। जैसे ही उन्होंने सिपाही मनोज को पकड़ा, आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया और कार से कुचलने का प्रयास किया। एसपी को 200 मीटर तक घसीटा गया और उनके सिर पर हमला किया गया।

इस दौरान आरोपियों ने यह तक कह दिया था, “आज तेरा आखिरी दिन है।” हालांकि, किसी तरह एसपी कल्पना सक्सेना अपनी जान बचाने में सफल रहीं और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अस्पताल में भर्ती कराई गईं।

इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनोज बाजपेई ने 14 गवाहों और 22 ठोस सबूतों को अदालत में पेश किया। अदालत ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों सिपाही मनोज कुमार, रावेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह और ऑटो चालक धर्मेंद्र को धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 10 साल की सजा और 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया।

कल्पना सक्सेना, जो पहले पीपीएस अधिकारी के रूप में कार्यरत थीं, को 2010 में आईपीएस पद पर प्रमोट किया गया। वर्तमान में वे गाजियाबाद में अपर पुलिस आयुक्त के पद पर तैनात हैं। उन्होंने जियोग्राफी से एमए किया और यूपीपीएससी पीसीएस परीक्षा पास कर 1994 में पीपीएस अधिकारी के रूप में चयनित हुईं।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन