नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज के वायकॉम18 और डिज्नी के स्टार इंडिया के बीच हुए विलय के बाद बनी संयुक्त कंपनी JioStar में बड़े स्तर पर पुनर्गठन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत कंपनी 1,100 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, यह छंटनी बीते एक महीने से जारी है और जून 2025 तक चल सकती है।
किन चैनलों और विभागों पर असर?
छंटनी का सबसे अधिक प्रभाव कलर्स कन्नड़ और कलर्स बंगला जैसे क्षेत्रीय चैनलों पर पड़ा है। हालांकि, स्पोर्ट्स डिवीजन को अभी तक इससे अछूता रखा गया है। JioStar ने खेल प्रसारण के विस्तार की योजना बनाई है और आने वाले समय में चैंपियंस ट्रॉफी, विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) जैसे बड़े आयोजनों को कवर करने पर जोर रहेगा।
JioStar ने वितरण, वित्त, वाणिज्यिक और कानूनी विभागों के कर्मचारियों को निकालने का फैसला लिया है। विलय के बाद कई पदों पर कर्मचारियों की भूमिकाएं एक जैसी हो गई थीं, जिसे कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
छंटनी का कारण और असर

वायकॉम18 और डिज्नी स्टार इंडिया का विलय नवंबर 2024 में हुआ था, जिससे JioStar देश की सबसे बड़ी मीडिया और मनोरंजन कंपनी बन गई। इस पुनर्गठन का मकसद कंपनी की व्यवस्थाओं को सरल बनाना, खर्चों में कटौती करना और खेल प्रसारण तथा ऑनलाइन स्ट्रीमिंग जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना है।
कर्मचारियों को क्या मिलेगा?
छंटनी के तहत एंट्री-लेवल कर्मचारियों से लेकर सीनियर मैनेजर और डायरेक्टर्स तक को नौकरी से निकाला जा रहा है। प्रभावित कर्मचारियों को छह से बारह महीने की सैलरी बतौर सेवरेंस पैकेज दी जा रही है। इसके अलावा, प्रत्येक वर्ष की सेवा के बदले एक महीने की पूरी सैलरी भी दी जाएगी। नोटिस पीरियड एक से तीन महीने तक का होगा।
सूत्रों के मुताबिक, रिलायंस ग्रुप के विभिन्न उपक्रमों में विशेष रूप से डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़े कर्मचारियों को नए अवसर भी दिए जा सकते हैं।
JioStar का नेतृत्व
JioStar के चेयरपर्सन नीता अंबानी और वाइस चेयरपर्सन उदय शंकर हैं। इस विलय से कलर्स, स्टार प्लस, स्टार गोल्ड और स्टार स्पोर्ट्स जैसे बड़े ब्रांड एक ही छतरी के नीचे आ गए हैं। साथ ही, JioHotstar स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म भी लाखों दर्शकों तक अपनी पहुंच बनाए हुए है।
JioStar के इस पुनर्गठन से भारतीय मीडिया उद्योग में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।


