
अमरोहा | उत्तर प्रदेश के अमरोहा में वरिष्ठ पत्रकार सतीश त्यागी का निधन हो गया। वह 76 वर्ष के थे। उनका अंतिम संस्कार मोक्षधाम में हुआ। वह अपने पीछे एक पुत्र व तीन पुत्रियां समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे वरिष्ठ पत्रकार सतीश त्यागी का बीती देर रात अस्पताल में देहावसान हो गया। अंतिम संस्कार आज मोक्षधाम में किया गया। बड़े पुत्र सौरभ त्यागी ने दिवंगत पिता को मुखाग्नि दी।
सतीश त्यागी के निधन की सूचना मिलने पर उनके घर पर शोक-संवेदना व्यक्त करने वालों का दिनभर तांता लगा रहा। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त समिति अमरोहा के उपाध्यक्ष बीएस आर्य अनिल अवस्थी, डॉ तारिक़ अज़ीम, तुलाराम ठाकुर समेत डॉ चौधरी महेंद्र सिंह, जनप्रतिनिधियों के अलावा विभिन्न व्यापारी संगठनों, नगरपालिका अध्यक्षा श्रीमती शशी जैन समेत जिले भर के गणमान्य लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक-संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। उनके निधन पर वरिष्ठ पत्रकार मोमिन कुरैशी, जमशेद हुसैन ने शोक व्यक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि सतीश त्यागी पिछले तीन दशक के लंबे समय तक पत्रकारिता से जुड़े रहे थे। संभल जिले के गांव नियमावली के मूल निवासी करीब 60 वर्ष पूर्व अमरोहा आए थे।
सादा जीवन उच्च विचार के मूल मंत्र को आत्मसात करने वाले मोहल्ला कोट निवासी वरिष्ठ पत्रकार सतीश त्यागी जीवन पर्यन्त मूल्यानुगत पत्रकारिता के सिद्धांत पर अडिग रहे। पत्रकारिता के मूल्यों पर वरिष्ठ सहयोगियों के साथ नित्य चिंतन करना उनकी जीवन शैली का हिस्सा था।
त्यागी जी के निधन से लगता है जैसे एक पीढ़ी की पत्रकारिता के एक युग का अंत हो गया। जब भी जिले में मूल्यों पर आधारित पत्रकारिता का जिक्र होगा सतीश त्यागी हमेशा याद किए जाएंगे। वरिष्ठ पत्रकारों में पारस अमरोही, अली हसन सैफी चकनवाला, हाजी अब्दुल सलाम, सरदार गुरमुख सिंह चाहल, महिपाल सिंह, नरेश सागर, चमन सिंह, अनिल पालीवाल, संजीव गर्ग, पवन गुप्ता, तुलाराम ठाकुर, महताब अमरोही, बसंत सारस्वत, अशोक यादव पुरानी पीढ़ी के संस्कारों से जुड़े पत्रकार माना जाता रहा। इनमें से अली हसन सैफी चकनवाला ,सरदार गुरमुख सिंह चाहल, अशोक यादव, अनिल पालीवाल आदि गोलोकवासी हो चुके हैं।
सतीश त्यागी के अंतिम संस्कार में सब्जी उत्पादन संघ के अध्यक्ष तथा भाजपा नेता पूरन सिंह सैनी, पूर्व जिलाध्यक्ष गिरीश त्यागी समेत गणमान्य जन उपस्थित रहे। पुरानी पीढ़ी के पत्रकारों को याद करते हुए कहते है कि आज की पत्रकारिता कितनी बदल चुकी है। समय का बदलाव है। अब ना तो पहले जैसे नेता रहे और ना ही पत्रकार।
पत्रकारों की शोक सभा में वरिष्ठ पत्रकार महिपाल सिंह ने कहा कि पत्रकारों की याद में स्मृति स्थल बनाया जाना चाहिए जहां शिलापट पर दिवंगत पत्रकारों के नामों का उल्लेख हो। दिवंगत पत्रकारों का बाकी यही निशां होगा। सांसद कंवर सिंह तंवर समेत विधायकों व अन्य जनप्रतिनिधियों तथा जिला प्रशासन को इस संबंध पहल करनी चाहिए।


