नई दिल्ली: भारत के प्रमुख सांस्कृतिक और बौद्धिक संस्थान इंडिया हैबिटैट सेंटर (IHC) में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। लंबे समय से निदेशक रहे सुनित टंडन ने अब इस पद से विदाई ले ली है। उनकी जगह वरिष्ठ पत्रकार, शिक्षक और संचार विशेषज्ञ प्रो. के.जी. सुरेश को नया निदेशक नियुक्त किया गया है।
सुनित टंडन के कार्यकाल में IHC ने कई महत्वपूर्ण सांस्कृतिक, सामाजिक और बौद्धिक आयोजनों की मेज़बानी की और संस्था ने उल्लेखनीय प्रगति की। मीडिया जगत में टंडन का नाम विश्वसनीयता और गरिमा से जुड़ा रहा है। 1980 के दशक के अंत से उन्होंने दूरदर्शन और लोकसभा टीवी पर एक लोकप्रिय समाचार एंकर के रूप में पहचान बनाई। इसके अलावा वे भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) के महानिदेशक, लोकसभा टीवी के सीईओ, इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया के फेस्टिवल डायरेक्टर और NFDC के जनरल मैनेजर जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।
सुनित टंडन नाट्य और संगीत के गहरे प्रेमी हैं। दिल्ली म्यूजिक सोसाइटी के अध्यक्ष होने के साथ-साथ वे एक कुशल रंगकर्मी भी रहे हैं। उन्होंने 25 से अधिक नाटकों का निर्देशन किया है और लगभग 200 नाटकों में अभिनय किया है। संगीत, थिएटर और साहित्य पर उनके लेखन को भी सराहा गया है।
अब IHC की कमान संभालने जा रहे प्रो. के.जी. सुरेश भी मीडिया और शिक्षा जगत में एक सशक्त पहचान रखते हैं। वे भारतीय जनसंचार संस्थान के पूर्व महानिदेशक और माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति रह चुके हैं। हाल ही में वे देहरादून स्थित UPES विश्वविद्यालय में मीडिया स्कूल के डीन के तौर पर कार्यरत थे।
प्रो. सुरेश ने दूरदर्शन न्यूज़ में वरिष्ठ संपादक की भूमिका निभाई है और वे शिक्षा, अनुसंधान और नीति निर्माण से गहराई से जुड़े हुए हैं। वे जेएनयू की अकादमिक काउंसिल, सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान की सोसाइटी, और आईसीएसएसआर की रिसर्च कमिटी के सदस्य हैं। साथ ही वे दिल्ली विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय और असम विश्वविद्यालय की सलाहकार परिषदों में भी सक्रिय हैं।
IHC के नए निदेशक के रूप में प्रो. के.जी. सुरेश का कार्यभार संभालना न केवल संस्था के लिए, बल्कि देश के सांस्कृतिक और शैक्षणिक परिदृश्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


