हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के आए परिणामों में रुचिका झा ने 51वां रैंक हासिल किया। रुचिका इस परीक्षा को पास करने का श्रेय अपनी पत्रकारिता के बैकग्राउंड और न्यूजरूम में काम करने से मिले अनुभवों को देती हैं।
पांचवें प्रयास में टफ परीक्षा पास करने वाली रुचिका एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर भी हैं। उन्होंने बताया कि समाचार एजेंसी पीटीआई में काम करने के दौरान उनमें देश सेवा करने की ललक पैदा हुई।
पत्रकारिता की नौकरी और पढ़ाई के बीच सामंजस्य बनाना एक कठिन काम था, लेकिन झा ने खाली समय और वीकली पढ़ाई करके यह संतुलन स्थापित किया। रुचिका पीटीआई में बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत थीं। उन्होंने आईआईएमसी से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और फिर मीडिया इंडस्ट्री में काम करने लगी। पीटीआई में काम करते हुए उन्होंने सिविल परीक्षा की तैयारी शुरू की।
झा ने पीटीआई से हुई खास बातचीत में कहा कि- मीडिया पृष्ठभूमि ने परीक्षा की तैयारी में उनकी मदद की और समाचारों की दुनिया में रहने की वजह से करंट अफेयर्स पर उनकी पकड़ बढ़ी।
उन्होंने कहा कि हर दिन मुझे समाचारों को पढ़ना, संपादित करना और पब्लिश करना पड़ता था, जिससे करंट अफेयर्स और कई महत्वपूर्ण विषयों की मेरी समझ में सुधार हुआ। इसने गहराई से पढ़ने और सोचने की आदत विकसित करने में मदद दी। पीटीआई ने मेरा पूरा साथ दिया, खासकर जब मैंने पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने के लिए छुट्टी मांगी।
दिल्ली में जन्मीं और पली बढ़ीं रुचिका का परिवार बिहार से है। उनके पिता रसायन विज्ञान के टीचर हैं। और मां एक गृहिणी, जो इस पूरी यात्रा में एक भावनात्मक सहारा रहीं।
रुचिका जामिया मिलिया इस्लामिया की आवासीय कोचिंग अकादमी के 32 उम्मीदवारों में से हैं, जिन्होंने देश की सर्वाधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की है।
बता दें कि यह परीक्षा 16 जून 2024 को आयोजित की गई थी, जिसमें 9,92,599 लोगों ने आवेदन किया था। इसमें 5,83,213 लोग उपस्थित हुए थे। इस वर्ष यूपीएससी ने विभिन्न सेवाओं के लिए 1009 उम्मीदवारों- जिसमें 725 पुरुष और 284 महिलाओं का चयन किया है।



Ranjan Kumar Shahi
April 26, 2025 at 8:16 pm
ये देश की सेवा करने की ललक कब देश से सेवा करवाने में बदल जाती है पता ही नहीं चलता , यह रटा रटाया जुमला सुनके घिन आती है खैर, ढेरों शुभकामनाएं ।