लखनऊ: अमृत विचार लखनऊ के सिटी ब्यूरो में क्राइम रिपोर्टर रहे डीपी शुक्ला ने भी अमृत विचार को आज अलविदा कह दिया। डीपी शुक्ला की अपराध की खबरों पर अच्छी पकड़ मानी जाती थी। शुक्ला ने स्थानीय संपादकीय नेतृत्व को अक्षम व अनुभवहीन बताते हुए कहा कि यहां पूरी तरह संपादकीय टीम में अराजकता का माहौल है ऐसे में काम करना संभव नहीं है।
आज पहली मई को उन्होंने लखनऊ सिटी के ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप पर निम्नलिखित मैसेज मैसेज पोस्ट करते हुए संस्थान से अलविदा कह दिया। हालांकि उसके थोड़ी देर बाद ही स्थानीय संपादक अनिल त्रिगुणायत ने डीपी शुक्ला का यह मैसेज ग्रुप से डिलीट कर दिया
नीचे पढ़ें… डीपी शुक्ला का मैसेज

“अमृत विचार” के सभी सहयोगी भाइयों को नमस्कार।
आप लोगों से मिला स्नेह, प्यार हमेशा यादगार रहेगा। हम दिल से पूज्यनीय पूर्व समूह संपादक श्री शंभू दयाल वाजपेई जी और आदरणीय चेयरमैन डॉ केशव अग्रवाल जी का आभार प्रकट करते है। आपने मुझे संस्थान में कार्य करने का मौका दिया। आपके कुशल निर्देशन में हमने अनुशासन में रहते हुए ईमानदारी व मेहनत से कार्य किया।
परंतु पूर्व समूह संपादक जी के जाने के बाद संस्थान (लखनऊ ) में जिस तरह से अराजकता का माहौल उत्पन्न हुआ, वह बहुत दुखद रहा और वह अभी तक बरकरार है। “अनुभवहीन नेतृत्व” में काम करने में हम अपने को असहज महसूस कर रहे थे। लखनऊ संपादकीय टीम के सहयोगी बहुत ही अनुशासित और लगन से काम करना चाहते हैं, पर उन्हें उचित माहौल नहीं मिल पा रहा। प्रतिदिन शाम की मीटिंग में खबरों पर चर्चा न होकर गाली गलौज, और ठहाकेदार होने वाली हंसी से सभी सहयोगी परेशान हैं, जिसे हम नहीं देख पा रहे थे। इसका विरोध करने पर लखनऊ यूनिट का “नेतृत्व” हमारे ही खिलाफ जंग छेड़ दिए। यही नहीं लखनऊ “नेतृत्व” करने वाले की व्यक्तिगत अनर्गल कार्य को हमारे द्वारा साफ मना कर देने के कारण वह मेरे पीछे पड़ गये। उनके क्रूर व्यवहार से आहत होकर कई कर्मठ और संस्थान के प्रति समर्पित भावना रखने वाले वरिष्ठ सहयोगियों, जैसे श्री भास्कर दुबे, श्री संजीव पांडे जी, श्री विजय शुक्ल जी, श्री राजीव शुक्ल जी, श्री मंगल सिंह जी अपना सम्मान बचाते हुए विदा ले लिए।
लखनऊ के “नेतृत्व के “इन्हीं सब हरकतों से परेशान होकर हमने भी चेयरमैन सर को अपना इस्तीफा भेजा, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके लिए हम आपका दिल से शुक्रिया करते हैं।
चेयरमैन सर,
जिस तरह से कम समय में “अमृत विचार” ऊंचाइयों तक अपना सफर तय किया,उसी तरह अब संस्थान में बिखराव व्यापक रूप ले लिया है। और इसका मुख्य कारण “कुशल तथा अनुभवी नेतृत्व” की कमी है। संस्थान और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचे, यही ईश्वर से प्रार्थना है। एक बार पुनः सभी सहयोगी भाइयों का आभार और नमस्कार।
ग्रुप से मैसेज डिलीट होने के बाद वरिष्ठ पत्रकार डीपी शुक्ला की प्रतिक्रिया…
अमृत विचार के ग्रुप में मैसेज पोस्ट करते ही एडमिन कार्यकारी संपादक ने मैसेज को इसलिए डिलीट कर दिया,जिससे कि मेरे मैसेज को चेयरमैन साहब और संस्थान के अधिकारी न पढ़ पाएं।


