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बिहार

पवन सिंह! भाड़ में जाए तुम्हारा स्टारडम

अरविंद शर्मा-

विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे भोजपुरी गायक खुद को पावर स्टार समझते-बताते हैं। उसी पावर स्टार की पत्नी ज्योति सिंह आज रो-रोकर अपना हक मांग रही है। राजनीतिक महत्वाकांक्षा में उपेंद्र कुशवाहा के सामने पूरी तरह नतमस्तक हो चुके पवन सिंह को पत्नी को इस तरह ठोकर मारना सारा स्टारडम की ऐसी-तैसी कर देता है। काहे का पावर स्टार यार! जब अपनी पत्नी के नहीं हुए तो किसके हो जाओगे। विधायक बन भी जाओगे तो पब्लिक का कितना भला करोगे।

तर्क दिया जा रहा है कि ज्योति सिंह को पवन सिंह के परिवार से समन्वय बनाकर नहीं चलने आता। इसे सच मान भी लें तो सवाल यह उठता है कि जब तुम खुद को “पावर स्टार” कहते फिरते हो तो इतनी पावर किस काम की जो अपनी पत्नी को संभाल न सको।

राजनीति के मंच पर जो सिर कुशवाहा के चरणों में झुक सकता है वो अपनी पत्नी के आंसुओं के आगे क्यों नहीं झुकता? क्या घर-परिवार की इज़्जत और भावनाएं तुम्हारे स्टारडम की चमक में गोबर हो गई हैं? पवन सिंह, तुम्हारी ये बनावटी “मर्दानगी” और “पावर” दोनों ही खोखली लगती है। वो ज्योति सिंह, जिसने तुम्हारे झूठे आश्वासन पर लोकसभा चुनाव में तुम्हारे लिए दिन-रात मेहनत की, वोट मांगे, प्रचार किया और अब वह बिलख रही है और अकेली-उपेक्षित महसूस कर रही है तो यह न सिर्फ़ तुम्हारा नैतिक पतन है, बल्कि मानवीय संवेदना की हत्या भी है।

लोकसभा चुनाव में लोकलाज का ड्रामा करते हुए तुमने उसे अपनाने का वादा किया, भरोसा दिलाया, लेकिन जब मकसद पूरा हुआ तो किनारा कर लिया। मौकापरस्ती की हद होती है यार। यही है तुम्हारा “पावर”? मंच पर जो प्रेम, जोश और इमोशन दिखाते हो, वह असल ज़िंदगी में कहां चला जाता है? यह ड्रामा नहीं चलेगा। जनता सब देख रही है। शर्म करो।

ज्योति सिंह का सोशल मीडिया पोस्ट सिर्फ़ एक पत्नी का दर्द नहीं, बल्कि उस समाज का आईना है जो नाम और प्रसिद्धि के पीछे छिपी सच्चाई को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देता है। किसी भी इंसान की असली पहचान उसके आचरण में होती है, न कि उसके प्रशंसकों की भीड़ में। जब रिश्ता ही नहीं निभा सको, तो राजनीति और शोहरत का क्या मतलब? भाड़ में जाए तुम्हारा स्टारडम।

सच्चा “पावर स्टार” वही होता है जो अपने निजी रिश्तों में भी ताकत, ईमानदारी और संवेदना दिखाए। लेकिन तुम तो बस “रिल्स” और “राजनीति” के स्टार बनकर रह गए हो। जनता सब देख रही है और शायद इस बार तुम्हारे बनाए नकली किरदार की असली ऐसी-तैसी होने वाली है।

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