Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

आम्रपाली गोल्फ़होम्स व किंग्सवुड सोसाइटी में पानी संकट चरम पर – निवासियों में हाहाकार, जिम्मेदार संस्थाएं मौन!!

ग्रेटर नोएडा के आम्रपाली गोल्फ़होम्स और किंग्सवुड सोसाइटी में पानी संकट गहराता जा रहा है। सोसाइटी में निवासियों को फ्लैट मिले हुए अभी मात्र एक वर्ष ही हुआ है, लेकिन बुनियादी सुविधा “पानी” के लिए आज लोग तरस रहे हैं।

NBCC द्वारा बनाए गए बोरवेल सूख चुके हैं, जिससे स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है। पिछले कई दिनों से पानी की सप्लाई बंद पड़ी है। घरेलू ज़रूरतों से लेकर पीने तक के पानी की किल्लत ने लोगों का जीवन दूभर कर दिया है।

और भी चौंकाने वाली बात यह है कि सोसाइटी को अब तक गंगा जल सप्लाई का कनेक्शन अथॉरिटी द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया है। बोरवेल से निकाले जाने वाले पानी का गलत तरीके से डोमेस्टिक सप्लाई के नाम पर इस्तेमाल किया जा रहा था, लेकिन कुछ दिनों से वह भी रुक चुका है।

निवासियों का आरोप है कि NBCC, मेंटेनेंस एजेंसी और AOA तीनों ही संस्थाएं इस गंभीर समस्या पर पारदर्शिता नहीं बरत रहीं। बार-बार मांग करने के बावजूद न तो कोई स्पष्ट जानकारी दी जा रही है और न ही कोई ठोस कदम उठाया गया है। जब लोग हंगामा या विरोध करते हैं तो एक-दो पानी के टैंकर भेजकर मामला शांत करने की कोशिश की जाती है।

सोसाइटी के लोगों का कहना है कि यह लापरवाही और गैर-जिम्मेदारी का चरम उदाहरण है। फ्लैट ख़रीदने वाले हज़ारों होमबायर्स बुनियादी सुविधा की मांग को लेकर बार-बार आवाज़ उठा रहे हैं, लेकिन NBCC और AOA के उदासीन रवैये के कारण स्थिति बदतर होती जा रही है।

निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गंगा जल सप्लाई शुरू नहीं की गई और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वे सामूहिक रूप से अथॉरिटी, NBCC और जिम्मेदार एजेंसियों के ख़िलाफ़ कड़ा विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

“हमने लाखों रुपये देकर अपने घर खरीदे हैं ताकि हमें बुनियादी सुविधाएं मिलें। लेकिन आज हम पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। यह हमारी सोसाइटी नहीं, मानो पानी के बिना सूखी बस्ती बन गई है,” – एक पीड़ित निवासी ने कहा।

निवासियों की मांग है कि:

  • तुरंत गंगा जल सप्लाई का कनेक्शन बहाल किया जाए।
  • पानी संकट पर पारदर्शी अपडेट देकर लोगों को गुमराह करना बंद किया जाए।
  • NBCC और AOA समस्या के स्थायी समाधान हेतु टाइमलाइन और एक्शन प्लान सार्वजनिक करें।

इस पानी संकट ने न केवल निवासियों के दैनिक जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, बल्कि यह प्रश्न भी खड़ा किया है कि करोड़ों रुपये की परियोजना में ऐसी लापरवाही क्यों बरती गई।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन